धोबी के घरे विवाह, गधा के माथे माउर; सियासत की सलाह को रिट्वीट कर खेसारीलाल यादव हुए ट्रोल
सौरभ राज की सियासत वाली सलाह को रिट्वीट करके खेसारी लाल यादव आलोचना के पात्र बन गए हैं।

फिल्म और संगीत जगत की हस्तियों का राजनीति में आना आम बात है। बिहार, यूपी के कई भोजपुरी स्टार भी सांसद, विधायक से लेकर मंत्री तक बन चुके हैं। बिहार के छपरा में जन्में भोजपुरी एक्टर और सिंगर खेसारी लाल यादव के राजनीति में आने की चर्चा सोशल मीडिया पर होने लगी है। वे राजद सुप्रीमो लालू यादव और उनक बेटे तेजप्रताप यादव से मिल चुके हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर पॉलिटिक्स में आने की एक यूजर की सलाह को रिट्वीट कर खेसारी लाल यादव ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए हैं।
सौरभ राज नाम के एक यूजर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है कि खेसारी लाल यादव को भी पार्टी-पॉलिटिक्स ज्वाइन कर ही लेना चाहिए इस मौसम में। इनके मित्र मंडली के करीब सभी सिंगर पॉलिटिक्स लाइन में प्रवेश कर ही चुकें हैं। इससे पहले सौरभ ने लिखा था- ई चुनाव में आपके माथे भी माउर चढ़ जाना चाहिए, उमरिया हो गइल बा राउर। भोजपुरी जगत के दिनेश लाल यादव निरहुआ, मनोज तिवारी, रवि किशन, विनय बिहारी समेत कई कलाकार नेता बनकर विदायक सांसद बन चुके हैं।
सौरभ राज के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए खेसारी लाल यादव ने लिखा है-"धोबी के घरे विवाह, और गधा के माथे माउर।" इसे लेकर खेसारी लाल यादव विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। यूजर उनपर भद्दे भद्दे कमेंट कर रहे हैं। खासकर धोबी जाति का उपयोग करने के कारण उनकी जमकर आलोचना हो रही है। एक यूजर ने भोजपुरी में लिखा है- अब देश-- मउग, मकुना, नचनिया, सम्भलिहन सं बिहार से बिगुल फुंका गईल। अनील रजक नामक के यूजर ने कहा है कि कहावत में किसी जाति को लाना गलत है। सभी जातियों का सम्मान करना सीखो।
काजल नामक यूजर ने कहा है कि खेसारी बीजेपी के सपोर्टर हैं लेकिन जाति बाधा बनी हुई है। कृष्णा यादव ने कहा है कि किसी जाति विशेष को अपमानित करने के लिए बनाए गए मुहावरे/कहावत का इस तरह प्रयोग करना बहुत ही निंदनीय है और वो भी तब जब आप सेलिब्रिटी हो आपकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि किस तरह की भाषा का प्रयोग करना चाहिए। सुनील विश्नोई ने लिखा है कि भोजपुरी को बदनाम करके अब राजनीति को बदनाम करना हैं क्या। भोजपुरी का जो बेड़ा गर्क किया है इन पांच छः लोगों ने, पूरे विश्व में बदनाम कर दिया, आज भोजपुरी कहते ही लोगों के दिमाग में वो भद्दे गाने याद आते हैं।
अभिषेक कुमार ने कहा है कि ऐसा भी तो हो सकता है अहीर के घरे विवाह और भैंस के माथे मउर। एक यूजर ने कहा है कि ये जाती सूचक शब्द आपको शोभा नहीं देता इस पोस्ट को डिलीट करके माफी मांग लेनी चाहिए। एक जाति विशेष को निचा दिखाना हुआ इस मुहावरे का अर्थ। हम आपके चाहने वालों में से हैं इसलिए आपसे ये रिक्वेस्ट है सभी जातियों का सम्मान होना चाहिए। एक अन्य यूजर ने कहा है कि एक जाति विशेष के बारे में इस तरह तुम जैसे कलाकार को इस तरह की भाषा बिल्कुल शोभा नहीं देती,खुद को ज्यादा ही बड़ा अभिनेता मान बैठे हो तो यही धोबी और देश की तमाम शेड्यूल कास्ट की जनता तुम्हे अनदेखा करना भी जानती है। बड़ी संख्या में लोगों ने खेसारी लाल की आलोचना की है।




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