Water Supply Crisis in Warsaligunj Residents Demand Improved Access and Pressure बोले भागलपुर: वारसलीगंज में जलमीनार से नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी, समस्या दूर हो, Bhagalpur Hindi News - Hindustan
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बोले भागलपुर: वारसलीगंज में जलमीनार से नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी, समस्या दूर हो

वारसलीगंज में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। मोहल्ले में जलमीनार से केवल 20-25 मिनट तक पानी मिलता है, जिससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। कई परिवारों को पानी लाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।  

Fri, 24 April 2026 07:41 PMYogendra Rai हिन्दुस्तान, भागलपुर
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बोले भागलपुर: वारसलीगंज में जलमीनार से नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी, समस्या दूर हो

शहर के दक्षिणी क्षेत्र स्थित वारसलीगंज में पेयजल की समस्या से लोग रोज जूझ रहे हैं। यह मोहल्ला नगर निगम के वार्ड 49, 50 और 51 में विभाजित है, जहां करीब एक हजार घर और चार हजार से अधिक परिवार बसे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें रोजाना इधर-उधर भटककर पानी लाना पड़ता है। कई परिवारों को अपने बच्चों को भी पानी भरने के काम में लगाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

वारसलीगंज मोहल्ले के लोगों ने बताया कि नल-जल योजना के तहत एक बड़ी क्षमता वाली जलमीनार बनायी गयी है, लेकिन उससे नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाती। जलमीनार से केवल 20 से 25 मिनट तक ही प्रतिदिन एक समय पानी मिलता है। वह भी कम प्रेशर के कारण पर्याप्त नहीं होता है, जिससे घरों के काम अधूरे रह जाते हैं। वार्ड संख्या 51 में पानी की सबसे अधिक गंभीर समस्या है, क्योंकि वहां जलमीनार के अलावा कोई अन्य साधन उपलब्ध नहीं है। वहीं वार्ड 49 और 50 में जलमीनार के साथ-साथ प्याऊ की सुविधा होने से लोगों की जरूरतें कुछ हद तक पूरी हो जाती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलापूर्ति की अवधि और प्रेशर बढ़ाया जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। वार्ड 51 में भी प्याऊ का निर्माण कार्य कराया जाये।

विष्णुदेव चौधरी ने बताया कि वारसलीगंज में पानी समस्या बनी हुई है। पानी की सुविधा के लिए एक बड़ी क्षमता वाली जलमीनार का निर्माण कराया गया है। जिससे केवल वारसलीगंज ही नहीं बल्कि दक्षिणी क्षेत्र के कई वार्डों के कई मोहल्ले में इसी जलमीनार से पानी की सप्लाई पूरी होती है। उन्होंने बताया कि जलमीनार चालू हुए तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आज भी पानी की आपूर्ति केवल 20 से 25 मिनट तक ही होती है। इससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं होने से आज भी वारसलीगंज ठाकुरबाड़ी स्थित प्याऊ पर पानी भरने को लेकर सुबह-शाम महिलाओं की भीड़ लगी रहती है। उन्होंने बताया कि लोगों को ब्लू पाइप से पानी केवल एक समय या सुबह में ही दी जाती है। जिससे पानी की समस्या बनी रहती है।

विजय मालाकार ने बताया कि मोहल्ले में पानी की समस्या लंबे समय से है। जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार पत्र लिखे गए। चुनाव के समय लोगों ने पानी की मांग को लेकर जागरूकता भी दिखाई थी। उस दौरान लोगों ने अपने-अपने घरों के आगे एक पोस्टर साटा था, जिसमें लिखा गया था कि पानी नहीं तो वोट नहीं। तब जाकर लोगों की पानी की समस्या दूर हुई। उन्होंने बताया कि मोहल्ले में जलमीनार चालू हो गई है, लेकिन उससे लोगों को सुविधा अनुसार पानी नहीं मिलता है। पंप संचालक केवल एक समय ही पानी उपलब्ध कराता है। जिससे लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती है। उन्होंने बताया कि जलमीनार से पानी की सुविधा सुबह-शाम होनी चाहिए। साथ ही कम से कम एक घंटे के लिए पानी की आपूर्ति होनी चाहिए।

रेनू देवी, बिजली देवी और वंदना देवी ने बताया कि नल जल योजना के अंतर्गत ब्लू पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति को शुरू तो की गयी है, लेकिन पानी में न ही प्रेशर है और न ही दोनों समय पानी की सुविधा बहाल की गई है। उन्होंने बताया कि वारसलीगंज तीन वार्डों में बंटा हुआ है। कुछ स्थानों में जलमीनार के पानी के साथ-साथ प्याऊ की व्यवस्था भी की गई है। जिससे उस क्षेत्र के लोगों की पानी की कमी काफी हद तक दूर हो चुकी है। वार्ड संख्या 51 में केवल जलमीनार ही एक मात्र साधन है, जिससे लोगों की समस्या दूर नहीं हो रही है। घरों के कामकाज करने के लिए लोग डिब्बों में पानी भरकर रखते हैं। उन्होंने अन्य जगहों की तरह वार्ड 51 में भी अतरिक्त प्याऊ का निर्माण कराने की मांग की है। ताकि लोगों को पानी की कमी न हो।

अशोक मालाकार ने बताया कि वारसलीगंज मोहल्ले में पानी की सुविधा को लेकर जलमीनार का निर्माण होने के बावजूद लोगों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोहल्ला तीन वार्डों में विभाजित है और कुछ क्षेत्रों में ही प्याऊ की सुविधा है। वारसलीगंज मोहल्ले के मुख्य मार्ग के आसपास रहने वाले लोगों को पानी की अधिक परेशानी होती है। सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति समान रूप से नहीं होने के कारण लोगों को अपने घरों के बच्चों को पानी भरने के काम में लगाते हैं। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। बच्चे सही समय पर स्कूल नहीं जा पाते हैं।

जलापूर्ति की अवधि बढ़ाई जाए ताकि पर्याप्त पानी मिल सके

विकास कुमार ने बताया कि वारसलीगंज जलमीनार से सीमित समय के लिए ही जलापूर्ति की जाती है, जिससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंप संचालन स्थानीय स्तर पर होने के कारण पारदर्शिता की कमी है। पानी कम समय के लिए क्यों दिया जाता है। इसकी जानकारी लोगों को नहीं मिल पाती है। स्थानीय पंप संचालक होने के कारण लोग अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते हैं। वर्तमान पंप संचालक का स्थानांतरण कर बाहरी व्यक्ति को इस जिम्मेदारी में लगाया जाना चाहिए। मोहल्ले में किसी कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त समय के लिए पानी चलाने के लिए अनुरोध करने पर भी पंप संचालक द्वारा टालमटोल किया जाता है और विभाग का हवाला दिया जाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जलापूर्ति की अवधि बढ़ाई जाए और पूरी व्यवस्था में सुधार लाया जाए, ताकि लोगों को समय पर और पर्याप्त पानी मिल सके।

बोले जिम्मेदार

वारसलीगंज ठाकुरबाड़ी स्थित जलमीनार से पानी की आपूर्ति को लेकर सामने आ रही समस्याओं की जांच कराई जाएगी। यदि लोगों को प्रतिदिन केवल एक समय पानी मिल रहा है तो इसके कारणों की भी जांच कराई जाएगी। जलापूर्ति व्यवस्था में जहां भी कमी पाई जाएगी उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी मिल सके। उस क्षेत्र में यदि प्याऊ की आवश्यकता महसूस होगी तो उसका निर्माण भी कराया जाएगा, जिससे लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।

-डॉ. बसुंधरा लाल, मेयर, नगर निगम

इनकी भी सुनिए

जलमीनार चालू हुए तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आज भी पानी की आपूर्ति 20 से 25 मिनट तक होती है। इससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। प्याऊ पर पानी के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है।

-विष्णुदेव चौधरी

वारसलीगंज में पानी आपूर्ति के लिए बड़ी क्षमता वाली जलमीनार बनायी गयी है। जलापूर्ति शुरू भी हो चुकी है, लेकिन कुछ समय तक पानी मिलने से जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। पानी आपूर्ति की अवधि बढ़े ताकि पर्याप्त पानी मिल सके।

-आलोक कुमार

वारसलीगंज मोहल्ला तीन वार्डों में विभाजित है। वार्ड 40 और 50 में जलमीनार और प्याऊ की सुविधा है, जिससे पानी की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। वार्ड 51 में जलमीनार ही एकमात्र साधन है। यहां भी प्याऊ का निर्माण कराया जाये।

-छोटू कुमार

पानी की समस्या के कारण मोहल्ले के बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। ब्लू पाइपलाइन से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है।

-चंदन कुमार

वारसलीगंज जलमीनार से दक्षिणी क्षेत्र के कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पूरी होती है, लेकिन पानी का प्रेशर कम होने से सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। वार्ड 51 के मानिकपुर क्षेत्र में भी यही स्थिति बनी हुई है।

-मुकेश कुमार झा

पहले वारसलीगंज मोहल्ले में सड़क और जलजमाव की समस्या गंभीर थी, जो अब काफी हद तक दूर हो चुकी है। वहीं पानी की समस्या आज भी बनी हुई है। ठाकुरबाड़ी स्थित प्याऊ पर सुबह-शाम लोगों की भीड़ लगी रहती है।

-रामदेव गुप्ता

यदि ठाकुरबाड़ी स्थित प्याऊ खराब हो जाता है तो पानी की समस्या और बढ़ जाती है। ब्लू पाइपलाइन से जलापूर्ति होती तो है, लेकिन बहुत कम समय और कम मात्रा में पानी मिलने से जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं।

-संगीता देवी

नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति केवल एक समय होती है। वह भी लगभग 20 मिनट के लिए। यह लोगों की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। प्रतिदिन सुबह-शाम जलापूर्ति होनी चाहिए, ताकि लोगों को पर्याप्त पानी मिल सके।

-आशा देवी

वार्ड 51 में जलमीनार के अलावा कोई अन्य साधन नहीं है, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। यहां के लोगों को पानी के लिए ठाकुरबाड़ी स्थित प्याऊ पर निर्भर होना पड़ता है। यहां अतिरिक्त प्याऊ का निर्माण हो।

-बिजली देवी

वारसलीगंज में जलमीनार का निर्माण होने के बावजूद लोगों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोहल्ला तीन वार्डों में विभाजित है। कुछ क्षेत्रों में ही प्याऊ की सुविधा है। सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति समान रूप से होनी चाहिए।

-अशोक मालाकार

त्योहारों के समय पानी की समस्या गंभीर हो जाती है, क्योंकि उस समय पानी की खपत बढ़ जाती है। जलमीनार शुरू हुए कई साल बीत चुके हैं, फिर भी जलापूर्ति पर्याप्त नहीं है। लोग पानी डिब्बों में जमाकर दिनभर उपयोग करते हैं।

-रीना देवी

घरों में लोग बड़े-बड़े डिब्बों में पानी जमाकर रखते हैं और उसी से पूरे दिन का काम चलाते हैं। यदि किसी दिन पानी की आपूर्ति नहीं होती या ठाकुरबाड़ी स्थित प्याऊ खराब हो जाता है तो पीने के पानी की समस्या हो जाती है।

-मंजू देवी

पानी की समस्या के साथ मोहल्ले में सफाई की भी उचित व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर कूड़े का ढेर लगा रहता है, जिससे गंदगी फैलती है। बारिश में यह समस्या और बढ़ जाती है। लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।

-अंकित कुमार

पानी में पर्याप्त प्रेशर नहीं होने से लोगों को जल संग्रह करने में कठिनाई होती है। महिलाओं को दूरदराज से पानी लाना पड़ता है। जिन घरों में पानी उपलब्ध है, उन लोगों से सहायता लेनी पड़ती है। त्योहार में समस्या बढ़ जाती है।

-छोटू कुमार यादव

मोहल्ले में पानी की समस्या बनी हुई है। जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार पत्र लिखे गए। चुनाव के समय लोगों ने पानी की मांग को लेकर जागरूकता भी दिखाई थी, लेकिन संकट बरकरार है।

-विजय मालाकार

वारसलीगंज जलमीनार से सीमित समय के लिए ही जलापूर्ति की जाती है, जिससे लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं। स्थानीय पंप संचालन होने के कारण पारदर्शिता की कमी है। जलापूर्ति की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए।

-विकास कुमार

समस्याएं

1. वारसलीगंज जलमीनार से पानी की आपूर्ति केवल 20 से 25 मिनट तक होती है। जिससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं।

2. पानी का दबाव (प्रेशर) कम होने से लोगों के घरों तक पर्याप्त जल नहीं पहुंचता है। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

3. वार्ड संख्या 51 के वारसलीगंज में जलमीनार के अलावा कोई अन्य जलस्रोत के साधन नहीं हैं। पानी के लिए लोगों को दूरदराज जाना पड़ता है।

4. पानी की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई और घरों के काम प्रभावित होते हैं।

5. मोहल्ले में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई जगहों पर कूड़ा जमा रहता है, जिससे गंदगी और आने-जाने में परेशानी होती है।

सुझाव

1. जलमीनार से पानी की आपूर्ति का समय बढ़ाकर सुबह और शाम दोनों समय नियमित रूप से किया जाना चाहिए, ताकि लोगों की जरूरतें पूरी हो सके।

2. पाइपलाइन में पर्याप्त प्रेशर देकर सभी घरों तक समान रूप से जलापूर्ति पहुंचाई जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।

3. वार्ड संख्या 51 के उन हिस्सों में भी प्याऊ का निर्माण किया जाए, जहां पानी का संकट है। ताकि पानी की समस्या दूर हो सके।

4. महिलाओं और बच्चों की परेशानी कम करने के लिए मोहल्ले में जलसुविधा केंद्र स्थापित किया जाए। जो भी पानी के साधन है, उसे नियमित किया जाये।

5. मोहल्ले में नियमित सफाई और कूड़ा उठाव की व्यवस्था की जाए, ताकि मोहल्ले में साफ-सफाई और स्वच्छता बनी रहे।

प्रस्तुति: संतोष कुमार, फोटोग्राफ: संजीव

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