बोले भागलपुर: रमजान अली लेन में पानी का संकट दूर हो
बरहपुरा पूरब टोला के रमजान अली लेन में पानी की गंभीर समस्या है। लगभग 150 घरों के लोग पानी के लिए दूर-दूर जाने को मजबूर हैं। चार साल पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन जलापूर्ति अभी तक शुरू नहीं हुई है। नालों की सफाई न होने से भी गंदगी और बदबू की समस्या है।

नगर निगम क्षेत्र अंर्तगत वार्ड संख्या 33 के बरहपुरा पूरब टोला के रमजान अली लेन के लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। लोगों को पानी के लिए सुबह-शाम दूरदराज जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरब टोला में करीब 250 के आसपास घर हैं, जिसमें से करीब 150 घरों के लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दैनिक कार्यों के लिए लोग अपने घरों से लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ता है। बरहपुरा पूरब टोला के रमजान अली लेन में नल जल योजना से चार साल पहले पाइपलाइन बिछायी गयी है, लेकिन अभी तक जलापूर्ति की शुरुआत नहीं हुई है।
लोगों ने बताया कि पानी की सुविधा के लिए मोहल्ले में प्याऊ का निर्माण कराया गया है, लेकिन वह भी बंद है। जुम्मे के दिन या त्योहर के दौरान पानी की समस्या सबसे अधिक होती है। उन दिनों में लोगों को पानी की खपत सबसे अधिक होती है। मोहल्ले में बिजली की व्यवस्था तो है, लेकिन पोलो पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। रमजान मोहल्ले में उचित सफाई की व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दिनों में लोगों को काफी कठिनाई होती है।रमजान अली लेन के मो. बरकतउल्ला ने बताया कि मोहल्ले में पानी की सबसे बड़ी समस्या है। लगभग डेढ़ सौ घर पानी की समस्या से प्रभावित हैं। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण लोगों के दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है। घर का कामकाज भी सही ढंग से नहीं हो पाता है। पानी के लिए मोहल्ले के अधिकांश लोगों को दूरदराज जाना पड़ता है, जहां काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं और बेटियों को भी दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। परिवार के लोग अपनी बहन-बेटियों को बाहर नहीं भेजना चाहते, लेकिन मजबूरी में पानी के लिए भेजना पड़ता है। पहले चापाकल और कुआं जलापूर्ति के साधन थे, लेकिन अब वे भी समाप्त हो चुके हैं। वर्तमान में सप्लाई पानी की जो व्यवस्था है, वह मोहल्ले से लगभग आधा किलोमीटर से अधिक दूर है, जहां लोग डिब्बा और बाल्टी लेकर पानी भरने जाते हैं। उन्होंने बताया कि नल-जल योजना के तहत पूरे मोहल्ले में पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।बीवी जूही ने बताया कि रमजान अली लेन में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है, जो हर परिवार के लिए संभव नहीं है। यहां अधिकांश लोग मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। ऐसे में पानी खरीदना उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है। उन्होंने बताया कि सुबह होते ही लोगों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए बच्चों तक को पानी लाने के लिए भेजना पड़ता है। छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।मो. जियाउल ने बताया कि मोहल्ले के लोगों की सुविधा के लिए प्याऊ का निर्माण कराया गया था, लेकिन वह भी खराब हो चुका है। यह प्याऊ ईद से करीब लगभग दो महीने पहले बनाया गया था और कुछ समय तक इससे पानी की आपूर्ति भी शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि पानी का प्रेशर कम होने के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता था, फिर भी जितना पानी मिलता था उससे घरों का कुछ कामकाज चल जाता था। अब प्याऊ खराब हो जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में मोहल्ले में पानी की समस्या सबसे अधिक गंभीर हो जाती है। महिलाएं दूर-दराज से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। जिन परिवारों के पास निजी पानी की व्यवस्था है, उनसे लोग मदद मांगते हैं, लेकिन हर समय सहायता मिलना संभव नहीं हो पाता। शादी-विवाह जैसे अवसरों पर पानी की समस्या और भी बढ़ जाती है। रमजान अली लेन के लिए एक नए प्याऊ का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों की जरूरतें पूरी हो सके।मोहल्ले में साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था होराजा ने बताया कि मोहल्ले में साफ-सफाई की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नाला निर्माण होने के बाद से आज तक उसकी नियमित सफाई नहीं कराई गई है। नाले का स्लैब भी कई जगह टूट चुका है। उन्होंने बताया कि नाले में गंदगी जमा रहने के कारण तेज बदबू आती है, जिससे लोगों का घरों में बैठना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में लोग मोहल्ले में अक्सर खुले स्थानों में बैठते हैं, लेकिन उस समय नाले से आने वाली बदबू के कारण काफी परेशानी होती है। मोहल्ले के नाले की नियमित सफाई कराई जाए और कूड़ा उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि गंदगी से राहत मिले और महिलाओं को खुले में कूड़ा फेंकने के लिए मजबूर न होना पड़े।बोले जिम्मेदारनगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 33 में पानी की समस्या दूर करने के लिए प्याऊ का निर्माण कराया गया है। रमजान अली लेन का यदि प्याऊ खराब हो चुका है तो उसकी जांच कराकर जल्द ही ठीक कराया जाएगा और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं मोहल्ले में यदि साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं हो रही है तो उसका कारण सफाई मजदूरों की संख्या में कमी है। नई एजेंसी के चयन के बाद वार्डों में सफाई कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, जिससे यह समस्या भी दूर की जायेगी।-डॉ. सलाहउद्दीन अहसन, डिप्टी मेयर, नगर निगम भागलपुर।इनकी भी सुनिएरमजान अली लेन में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी पेयजल की कमी को लेकर है। पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से लोगों को इधर-उधर भटककर पानी लाना पड़ता है। घरेलू कामकाज करने में काफी कठिनाई होती है।-बीवी नजमामोहल्ले में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है। यदि पाइपलाइन से पानी की सप्लाई शुरू हो जाए तो लोगों की काफी समस्याएं दूर हो सकती हैं।-बीवी सबरूनपानी भरने के लिए छोटे बच्चों और युवतियों को दूरदराज जाना पड़ता है। पानी लाने में काफी समय लग जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते और रोज देर हो जाती है।-सहनी बेगमपानी की समस्या सबसे अधिक त्योहारों के दिनों में बढ़ जाती है, जब घरों में पानी की खपत ज्यादा होती है। पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को इधर-उधर से पानी जुटाना पड़ता है या दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।-रहीसा खातूनमोहल्ले में पेयजल की काफी समस्या है। लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ता है। दूरदराज से पानी लाने में लोगों को काफी समय और मेहनत लगता है। बावजूद इसके घरों की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं।-बीवी जूहीपानी भरने के काम में मोहल्ले के बच्चे-बच्चियों को भी लगना पड़ता है, जो परिवारों के लिए मजबूरी बन गई है। दूरदराज से पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगता है। इससे अन्य कामकाज भी प्रभावित होते हैं।-बीवी परवीनगर्मी शुरू होते ही पानी का संकट बढ़ जाता है। लोगों को दूरदराज से पानी लाना पड़ता है। कई जगह लंबी भीड़ लग जाती है। पानी भरने में काफी समय लग जाता है। महिलाओं और बच्चों को अधिक कठिनाई होती है।-बीवी शबनममोहल्ले में पाइपलाइन बिछाए चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। यदि सप्लाई चालू हो जाए तो पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। मोहल्ले में सफाई की भी व्यवस्था नहीं है।-बीवी रिजवानारमजान अली लेन में बिजली की व्यवस्था तो की गई है और कवरिंग वायर भी लगाए गए हैं, लेकिन सभी पोलों पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।-मो. बेलालरमजान अली लेन में पानी की सबसे बड़ी समस्या है। मोहल्ले में पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन अब तक उससे जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। यदि सप्लाई चालू हो जाए तो लोगों की परेशानी काफी कम हो सकती है।-मो. बरकतउल्लामोहल्ले के हर घर में पानी इकट्ठा करने के लिए डिब्बों का अंबार लगा रहता है। लोग दूरदराज से पानी लाकर उन्हीं डिब्बों में भरकर रखते हैं। नाले की सफाई नहीं होने से बारिश में मोहल्ले में जलजमाव हो जाता है।-बीवी सलेहापानी की समस्या के कारण घरों के बच्चों को भी पानी भरने के काम में लगाना पड़ता है। इससे वे समय पर स्कूल नहीं जा पाते और पढ़ाई प्रभावित होती है। मोहल्ले में प्याऊ का निर्माण कर जल्द चालू किया जाए।-शबाना खातूनमोहल्ले में प्याऊ का निर्माण कराए ज्यादा समय नहीं हुआ, लेकिन वह ठीक से काम नहीं कर पा रहा है। अब वह भी खराब हो चुका है, जिससे परेशानी फिर बढ़ गई है। इसकी मरम्मत कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाये।-मो. जियाउलमोहल्ले में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। नाला निर्माण होने के बाद से आज तक उसकी नियमित सफाई नहीं हुई है। नाले का स्लैब भी कई जगह टूट चुका है। गंदगी जमा रहने के कारण बदबू फैलती है।-राजाजुम्मे के दिन लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। मुस्लिम समाज के लिए यह विशेष दिन होता है, जब पाक-साफ होकर नमाज अदा करनी होती है। घरों में पानी की कमी रहने से तैयारी करने में कठिनाई होती है।-रहमतउल्ला ‘मूल’मोहल्ले के लोगों को सुबह होते ही पानी की तलाश शुरू करनी पड़ती है। पानी की कमी के कारण लोग रोजाना परेशान होते हैं। पानी भरने के काम में बच्चों को भी लगना पड़ता है, जिससे हाथों में दर्द तक हो जाता है।-मो. जावेदसमस्याएं1. रमजान अली लेन में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने से लोगों को दूरदराज से पानी लाना पड़ता है। आपूर्ति नहीं होने से घरेलू कार्य भी प्रभावित होता है।2. नल जल योजना अंतर्गत मोहल्ले में पाइपलाइन बिछने से कई साल हो चुके, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, जिससे लोगों को पानी संकट झेलना पड़ रहा है।3. मोहल्ले में पानी की कमी के कारण बच्चों और महिलाओं को पानी भरने जाना पड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घरों का दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।4. मोहल्ले में नालों की सफाई नहीं होने से खासकर बारिश के दिनों में जलजमाव और गंदगी व बदबू फैलती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।5. मोहल्ले के कई बिजली पोलों पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है, जिससे शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाई होती है।सुझाव1. मोहल्ले में प्याऊ निर्माण कर नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को दूरदराज से पानी ढोकर लाने की जरूरत न पड़े।2. मोहल्लें में नल जल योजना के तहत बिछी पाइपलाइन से शीघ्र जलापूर्ति शुरू कर हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जाए, जिससे पानी की समस्या दूर हो सके।3. बच्चों और महिलाओं की परेशानी कम करने के लिए उचित स्थान पर प्याऊ का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।4. नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित और मरम्मत की जाये, ताकि जलजमाव और गंदगी की समस्या न बने और लोगों को राहत मिल सके।5. सभी बिजली पोलों पर स्ट्रीट लाइट लगाकर नियमित रखरखाव किया जाए, ताकि शाम होते ही मोहल्ले में अंधेरा न छाये और लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।प्रस्तुति: संतोष कुमार, फोटोग्राफ: कान्तेश
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