बोले भागलपुर: नया टोला परबत्ती में जलापूर्ति और सफाई की व्यवस्था हो
वार्ड 14 का नया टोला गली नम्बर तीन (परबत्ती) मोहल्ला जलापूर्ति, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहा है। लोग पर्याप्त पानी, स्कूल, और सामुदायिक भवन की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।

शहर के बीच में स्थित है वार्ड 14 का नया टोला गली नम्बर तीन (परबत्ती) मोहल्ला। घनी आबादी वाला मोहल्ला है। मोहल्ले में समस्याओं की कमी नहीं है। मोहल्ले में जलापूर्ति के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। स्कूल नहीं रहने से बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। स्कूल नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य समारोह करने में दिक्कत होती है। मोहल्ले के लोगों की शिकायत है कि सफाई नियमित नहीं होती है। कूड़ेदान और डस्टबिन की व्यवस्था होनी चाहिए।
नया टोला गली नम्बर तीन (परबत्ती) मोहल्ला में तीन सौ से अधिक परिवार रहते हैं। अधिकांश लोग मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। नया टोला के तीन गलियों में बड़ी आबादी रहती है। मोहल्ले के दक्षिण में भागलपुर-किऊल रेल लाइन गुजरती है। उसके बाद ग्रामीण क्षेत्र का इलाका होता है। भागलपुर-सुल्तानगंज मुख्य सड़क के दक्षिण में यह मोहल्ला है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि सुबह में आधा या एक घंटा पानी की आपूर्ति होती है। उससे घर का काम नहीं चल पाता है। सुबह और शाम पानी की आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। मोहल्ले में स्कूल नहीं होने से बच्चों को काफी परेशानी होती है। बच्चे पढ़ने के लिए दूर नहीं जाना चाहते हैं। सफाई की नियमित नहीं होती है। नाला अक्सर जाम रहता है। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। सामुदायिक भवन नहीं होने से शादी या अन्य समारोह में परेशानी होती है। स्वास्थ्य केन्द्र नहीं रहने से मरीज को इलाज कराने में परेशानी होती है। सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
विशुनदेव दास ने बताया कि पानी सुबह में आधा घंटा मिलता है। उससे घर का काम नहीं चल पाता है। लोगों को बर्तन में पानी जमा करके रखना पड़ता है। सुबह और शाम पानी आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। नाला की नियमित सफाई नहीं होती है। नाला जाम रहने के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। अधिकांश नाला पर ढक्कन नहीं है। स्कूल नहीं रहने से बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। मुख्य सड़क होकर स्कूल जाने के दौरान दुर्घटना का डर बना रहता है। बच्चे स्कूल जाने में आनाकानी करते हैं। मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में आने-जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले और आसपास के इलाके में स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। मरीज को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। रात में अस्पताल जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र होने पर लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधाएं मिल सकती है। कूड़ा रखने की जगह नहीं है। लोग इधर-उधर कूड़ा फेंकते हैं। कूड़ा उठाने के लिए भी सफाईकर्मी नियमित नहीं आते हैं। सुमन दास ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर रहने के बावजूद अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है। परिवार में तीन सदस्य हैं। राशन कार्ड नहीं रहने से अनाज नहीं मिल रहा है। राशन कार्ड बनाने के लिए कई बार आवेदन दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मोहल्ले में अधिकांश लोग मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन लोगों को काम नहीं मिल रहा है। रोजगार नहीं मिलने से युवा दूसरे शहरों में पलायन कर रहे हैं। सरकार को रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। कशिश कुमार ने बताया कि मोहल्ले में नियमित सफाई नहीं होती है। पानी समय से और पर्याप्त नहीं मिलता है। दूसरी जगहों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। पुराना पाइप चौक के पास क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते पानी की आपूर्ति बाधित हो गयी है। मोहल्ले में सामुदायिक भवन नहीं है। गरीब परिवारों को शादी या अन्य समारोह करने के लिए किराया पर जगह लेनी पड़ती है। सरकारी स्कूल नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। बच्चे पढ़ने के लिए दूर नहीं जाना चाहते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते लोग निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा नहीं पाते हैं। मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल के अलावा स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था होनी चाहिए।
भवेश कुमार दास ने बताया कि राशन कार्ड नहीं बना है। काम नहीं मिलता है। इसके चलते परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानी होती है। सरकार को रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। दिव्यांग रहने के बावजूद पेंशन नहीं मिलता है। आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं रहने से रात में चलने में दिक्कत होती है। सभी पोल पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। सुनीता देवी ने बताया कि दिव्यांग रहने के बाद उनको और उनके पति को पेंशन नहीं मिल रहा है। पहले मिलता था। लेकिन सात साल से पेंशन बंद है। परिवार में आठ सदस्य हैं। लेकिन राशन कार्ड में पांच लोगों का ही नाम है। कूड़ा का उठाव नहीं होता है। लोग कूड़ा दूसरी जगह फेंकते हैं। पानी सुबह में अधिक से अधिक एक घंटा चलता है। बर्तन में पानी जमा करके रखना पड़ता है। चानो देवी ने बताया कि वह झोपड़ी में परिवार के साथ रहती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी क्षेत्र) के तहत पहले 50 हजार रुपये मिला था। लेकिन विवाद के बाद दूसरी किस्त की राशि का भुगतान नहीं होने से आवास पूरा नहीं हो पा रहा है। परिवार में आठ सदस्य हैं। लेकिन राशन कार्ड में नाम नहीं रहने के चलते केवल चार सदस्यों का ही अनाज मिलता है। मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र नहीं होने से लोगों को इलाज कराने में परेशानी होती है। वर्षा देवी ने बताया कि राशन कार्ड नहीं है। आवेदन देने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बन रहा है। सरकारी स्कूल नहीं रहने के चलते बच्चों को पढ़ने के लिए असानंदपुर जाना पड़ता है। व्यस्त सड़क होकर जाने के चलते दुर्घटना का डर बना रहता है। मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल होना चाहिए। निशा देवी ने बताया कि राशन कार्ड नहीं रहने से अनाज नहीं मिलता है। सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। सामुदायिक भवन और स्वास्थ्य केन्द्र होना चाहिए। सोनू कुमार पासवान ने बताया कि नाला पर ढक्कन नहीं है। इसके चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। नियमित सफाई नहीं होती है। पीएम आवास योजना का लाभ सभी योग्य परिवारों को नहीं मिल रहा है। मोहल्ले में स्कूल और स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था होनी चाहिए।
बोले जिम्मेदार
बुडको द्वारा नया टोला गली नम्बर तीन (परबत्ती) मोहल्ला में पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन टोटी नहीं रहने के चलते पानी काफी बर्बाद होता है। टोटी लगाने के लिए मेयर और बुडको को पत्र भेजा गया है। स्कूल और सामुदायिक भवन मोहल्ले में होना चाहिए। लेकिन मोहल्ले में नगर निगम की जमीन नहीं रहने के चलते स्कूल और सामुदायिक भवन नहीं बन पा रहा है। मोहल्ले में एक स्वास्थ्य केन्द्र होना चाहिए। वार्ड में 12 मोहल्ले हैं। लेकिन नगर निगम से केवल 14 सफाईकर्मी मिले हैं। आबादी के हिसाब से 24 सफाईकर्मी होना चाहिए। कम संसाधन और सफाईकर्मियों का असर सफाई पर पड़ रहा है।
अनिल कुमार पासवान, वार्ड पार्षद, वार्ड 14, नगर निगम,भागलपुर
बातचीत
1. मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। सामुदायिक भवन नहीं है। शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। किराया पर जगह लेनी पड़ती है। सरकार को सामुदायिक भवन की व्यवस्था करनी चाहिए। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
निरंजन कुमार दास
2. पानी सुबह में आधा घंटा मिलता है। उससे घर का काम नहीं चल पाता है। लोगों को बर्तन में पानी जमा करके रखना पड़ता है। सुबह और शाम पानी आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। नाला की नियमित सफाई नहीं होती है।
विशुनदेव दास
3. राशन कार्ड नहीं बना है। रोज काम नहीं मिलता है। परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानी होती है। सरकार को रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। दिव्यांग रहने के बावजूद पेंशन नहीं मिलता है। आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
भवेश कुमार दास
4. नया टोला गली तीन (परबत्ती) में एक भी सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। बच्चे दूर नहीं जाना चाहते हैं। मुख्य सड़क होकर स्कूल जाने के दौरान दुर्घटना का डर बना रहता है। मोहल्ले में सरकारी स्कूल की व्यवस्था हो।
सविता
5. मोहल्ले या आसपास के इलाके में एक भी स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। मरीज को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। रात में अस्पताल जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र होने से प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सकती है।
तुलसी दास
6. सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सभी नाला में ढक्कन नहीं है। नाला अक्सर जाम रहता है। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मोहल्ले में नियमित कूड़े का उठाव नहीं होता है।
सुनीता देवी
7. मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। लोगों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कई लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है। कई को दिव्यांग या अन्य पेंशन नहीं मिलता है। मोहल्ले में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान हो।
पूनम
8. मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था हो। स्कूल नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। गरीब परिवार निजी स्कूलों में दाखिला नहीं करा पाते हैं। मोहल्ले में सभी पोल पर रोशनी की व्यवस्था हो। ताकि रात में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
काजल देवी
9. मोहल्ले में पानी की आपूर्ति सुबह में कुछ समय के लिए होता है। उससे घर का काम नहीं चल पाता है। जरूरत पड़ने पर दूसरे जगह से पानी ढोकर लाना पड़ता है। सुबह और शाम में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए।
विकास कुमार चौधरी
10. सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य कार्यक्रम करने में परेशानी होती है। सभी लोग किराया पर जगह लेने में सक्षम नहीं है। मोहल्ले में एक सामुदायिक भवन के अलावा एक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था होनी चाहिए।
दुर्गी देवी
11. मोहल्ले में नियमित सफाई नहीं होती है। कूड़ा रखने की जगह नहीं है। लोग दूसरी जगहों पर कूड़ा फेंकते हैं। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। नगर निगम द्वारा फॉगिंग या ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं किया जाता है।
आरती देवी
12. मोहल्ले या इसके आसपास में कहीं स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। बीमार पड़ने पर इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। रात में अस्पताल जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था हो।
पप्पू रजक
13. मोहल्ले में बच्चों के खेलने या लोगों को टहलने के लिए कोई पार्क नहीं है। पार्क की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी पोल पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि लोगों को रात में आने-जाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
डोली देवी
14. मोहल्ले में सुबह और शाम पानी की आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। वर्तमान में केवल सुबह में पानी की आपूर्ति होती है। उससे घर का काम नहीं चल पाता है। बर्तन में पानी जमा करके रखना पड़ता है। शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता।
रेखा देवी
15. बच्चों को पढ़ने के लिए मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल होना चाहिए। छोटे बच्चों को असानंदपुर या अन्य जगहों पर पढ़ने के लिए जाना पड़ता है। स्कूल आने-जाने में छोटे बच्चों को परेशानी होती है। सफाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
मंगीता देवी
16. मोहल्ले में सभी नाला पर ढक्कन की व्यवस्था हो। सफाई व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है। सफाईकर्मी मोहल्ले में नियमित नहीं आते हैं। कूड़ा रखने की जगह नहीं है। शादी या अन्य समारोह करने के लिए सामुदायिक भवन बने।
जलधर दास
समस्याएं
1. नया टोला गली तीन (परबत्ती) में सुबह में कम समय पानी की आपूर्ति होती है। इससे लोगों का काम नहीं चल पाता है। बर्तन में पानी जमा करके रखना पड़ता है।
2. मोहल्ले में सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। दूर जाने में बच्चे आनाकानी करते हैं। मुख्य सड़क होकर आने-जाने में दुर्घटना का डर बना रहता है।
3. मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। सामुदायिक भवन नहीं रहने के चलते शादी या अन्य समरोह करने में परेशानी होती है। किराया पर जगह लेनी पड़ती है।
4. मोहल्ले या आसपास के इलाके में एक भी स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। इलाज कराने के लिए लोगों को सदर अस्पताल या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है।
5. मोहल्ले के नाला पर ढक्कन नहीं है। सफाईकर्मी मोहल्ले में नियमित नहीं आते हैं। कूड़ा रखने की जगह नहीं है। नगर निगम द्वारा फॉगिंग या ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं कराया जाता है।
सुझाव
1. बुडको द्वारा मोहल्ले में सुबह और शाम में पर्याप्त समय पानी की आपूर्ति की व्यवस्था हो। नल में टोटी लगाया जाए,ताकि पानी की बर्बादी नहीं हो और लोगों को पर्याप्त पानी मिले।
2. मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था हो। ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। स्कूल होने से बच्चों को पढ़ने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
3. मोहल्ले में एक सामुदायिक भवन की व्यवस्था हो। ताकि गरीब परिवार नि:शुल्क शादी या अन्य समारोह कर सकें। सामुदायिक भवन होने पर किराया पर जगह नहीं लेनी पड़ेगी।
4. मोहल्ले या आसपास के इलाके में एक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कराया जाए। ताकि लोगों को स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके।
5. सभी नालों पर ढक्कन की व्यवस्था हो। संसाधन और सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ायी जाए। ताकि मोहल्ले में बेहतर सफाई की व्यवस्था हो सके। कूडा रखने की व्यवस्था हो।
प्रस्तुति: वीरेन्द्र कुमार, फोटो: संजीव
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