बोले भागलपुर: धानुकटोली लेन साहेबगंज में बाढ़ से बचाव की व्यवस्था हो
धानुकटोली लेन साहेबगंज मोहल्ले में लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। जर्जर सड़कें और बाढ़ के कारण घरों में पानी भरने की समस्या है। स्थानीय लोग स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल और स्ट्रीट लाइट की मांग कर रहे हैं।

नगर निगम के वार्ड नौ के अन्तर्गत पड़ने वाला धानुकटोली लेन साहेबगंज महत्वपूर्ण मोहल्लों में शामिल है। घनी आबादी वाला यह मोहल्ला है। लेकिन यहां लोगों को मुलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सबसे बड़ी समस्या जर्जर सड़क और बाढ़ के समय घरों में पानी जमा होने की है। लोगों का कहना है कि मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र के अलावा सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए।
धानुकटोली लेन साहेबगंज मोहल्ला में तीन सौ से अधिक परिवार रहते हैं। अधिकांश लोग मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मोहल्ले के दक्षिण में चम्पानगर-सराय मुख्य सड़क गुजरती है। दक्षिण में जमुनिया नदी है। यह मोहल्ला बाढ़ प्रभावित है। बाढ़ आने पर पानी मोह्ल्ले में लोगों के घरों में घुस जाता है। लोगों को रहने के लिए दूसरी जगहों पर शरण लेनी पड़ती है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान प्रशासन से सहायता राशि आदि नहीं मिलती है। बहुत से परिवार शहरी क्षेत्र में किराया पर कमरा लेकर रहते हैं। लोगों का कहना है कि सड़क टूट चुकी है। शिकायत के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। जर्जर सड़क पर लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। नाला पर ढक्कन नहीं रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। फॉगिंग और ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं होने से बीमारी फैलने का डर लगा रहता है। पोल पर रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं रहने से लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है। कई लोगों ने बताया कि राशन कार्ड नहीं बना है। अगर बना है तो उसमें सभी सदस्यों का नाम नहीं है।
सुनील कुमार ने बताया कि धानुकटोली लेन साहेबगंज मोहल्ले की सड़क का निर्माण करीब 30 साल पहले हुआ था। इसके बाद से मरम्मत का काम नहीं हुआ है। सड़क जर्जर होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों द्वारा गड्ढा भरकर काम चलाया जा रहा है। नाला पर कई जगहों पर ढक्कन नहीं है। गहरा होने के चलते नाला के पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती है। नाला की नियमित सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। सरकारी स्कूल दूसरे मोहल्ले में है। छोटे बच्चों को जाने में परेशानी होती है। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं रहने से अंधेरे में लोगों को आना-जाना पड़ता है। बाढ़ प्रभावित मोहल्ला है। प्राय: हर साल बाढ़ का पानी मोहल्ले में आता है। लोगों के घरों में चार से पांच फीट तक पानी जमा हो जाता है। लोगों को दूसरी जगहों पर बच्चों और परिवार के साथ शरण लेनी पड़ती है। बाढ़ प्रभावित होने के बावजूद प्रशासन से किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिलती है। जमुनिया नदी किनारे तटबंध बनाकर बाढ़ से बचाव की व्यवस्था करनी चाहिए। धानुकटोली लेन और आसपास के मोहल्लों में स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। मरीज को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। मोहल्ले या आसपास के इलाके में स्वास्थ्य केन्द्र रहने पर लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सकती है।
विकास कुमार ने बताया कि राशन कार्ड नहीं बना है। इसके चलते अनाज नहीं मिल रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख रुपये मिला है। पूरी राशि नहीं मिलने से आवास पूर्ण नहीं हो पा रहा है। कई बार कार्यालय में जाकर बची राशि का भुगतान करने का आग्रह कर चुका हूं। जर्जर सड़क के चलते घर आने-जाने में परेशानी होती है। बाढ़ के समय एक से डेढ़ महीने पर दूसरी जगहों पर रहना पड़ता है। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। सफाई की स्थिति भी अच्छी नहीं है।
सरिता देवी ने बताया कि पीएम आवास के लिए आवेदन दिया, लेकिन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। झोपड़ी में रहना पड़ता है। बाढ़ आने पर स्थिति और खराब हो जाती है। घर में चार से पांच फीट तक पानी जमा रहता है। बाढ़ के समय कर्मचारी पूछकर और लिखकर ले जाते हैं, लेकिन किसी तरह की सहायता नहीं मिलती है। शकुंतला देवी ने बताया कि रहने के लिए घर नहीं है। आवेदन देने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। शिकायत के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। बाढ़ से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सरकार से सहायता मिलनी चाहिए। लक्ष्मी देवी ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए 50 हजार रुपये मिला। उस राशि से निर्माण कार्य शुरू किया। अब आगे का किस्त नहीं मिल रहा है। शिकायत करने पर कहा जाता है कि पूरा मकान बना लीजिए तो बची राशि दी जाएगी। आवास नहीं रहने से झोपड़ी में रहना पड़ता है। बाढ़ का पानी घर में घुसने के बाद झोपड़ी में रहना मुश्किल हो जाता है।
उपेन्द्र यादव ने बताया कि हर साल बाढ़ का पानी घर में घुस जाता है। बाढ़ के दौरान किराये पर कमरा लेकर रहना पड़ता है। किसी तरह की सहायता नहीं मिलती है। डेढ़ दो महीने तक परेशानी होती है। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। श्यामा देवी ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन नहीं मिलती है। मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। रोजगार नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानी होती है। मोहल्ले में आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं होने से बच्चों को दूर जाना पड़ता है। प्रमिला देवी ने बताया कि परिवार में 15 सदस्य हैं। लेकिन राशन कार्ड में एक का नाम है। मीना देवी ने बताया कि उन्हें और पति को वृद्धापेंशन नहीं मिलती है।
बोले जिम्मेदार
धानुकटोली लेन साहेबगंज मोहल्ले की सड़क जर्जर है। सड़क निर्माण और नाला पर ढक्कन लगाने का प्रस्ताव नगर निगम में दिया गया है। स्वीकृति के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्ट्रीट लाइट की मांग नगर निगम से की गयी है। नगर निगम के स्तर से स्ट्रीट लाइट खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। बाढ़ आने पर मोहल्ले के लोगों को काफी परेशानी होती है। दूसरी जगहों पर लोगों को शरण लेनी पड़ती है। घरों में बाढ़ का पानी घुस जाता है। डीएम और नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर बाढ़ से बचाव की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। अस्पताल बनाने के लिए भी प्रस्ताव दिया गया है।
-विभा देवी, वार्ड पार्षद, वार्ड नौ, नगर निगम, भागलपुर।
इनकी भी सुनिए
रहने के लिए घर नहीं है। आवेदन देने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मोहल्ले की सड़क जर्जर है। बाढ़ से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रभावित लोगों को सरकारी सहायता मिलनी चाहिए।
-शकुंतला देवी
राशन कार्ड नहीं बना है। अनाज नहीं मिल रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख रुपये मिला है। पूरी राशि नहीं मिलने से आवास पूर्ण नहीं हो पा रहा है।
-विकास कुमार
मोहल्ले में आंगनबाड़ी केन्द्र और सरकारी स्कूल नहीं है। छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। बच्चों को परेशानी होती है। स्वास्थ्य केन्द्र भी आसपास के इलाके में नहीं है। मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था हो।
-शीला देवी
सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। कुछ जगहों पर लाइट खराब है। रात में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सभी पोल पर रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। मोहल्ले में नाला पर ढक्कन की व्यवस्था नगर निगम करे।
-मनोरमा देवी
पीएम आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए 50 हजार मिला। उससे निर्माण कार्य शुरू किया। अब आगे का किस्त नहीं मिल रहा है। शिकायत करने पर कहा जाता है कि पूरा मकान बना लीजिए तो बची राशि दी जाएगी।
-लक्ष्मी देवी
पीएम आवास के लिए आवेदन दिया। लेकिन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। झोपड़ी में रहनी पड़ती है। बाढ़ आने पर घर में चार से पांच फीट पानी जमा रहता है। बाढ़ से प्रभावित होने के बाद किसी तरह की सहायता नहीं मिलती है।
-सविता देवी
बाढ़ के समय घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ता है। सरकार से किसी तरह की मदद नहीं मिलती है। सरकार को बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए। मोहल्ले में आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं रहने से परेशानी होती है।
-पुनिया देवी
मोहल्ले की सड़क बहुत खराब है। कई जगहों पर सड़क टूट गयी है। शिकायत के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। बच्चों को जर्जर सड़क पर आने-जाने में दिक्कत होती है। मोहल्ले में एक स्वास्थ्य केन्द्र होना चाहिए।
-ओमप्रकाश यादव
सरकार को बाढ़ से बचाव की व्यवस्था करनी चाहिए। प्राय: हर साल बाढ़ का पानी मोहल्ले और घरों में घुस जाता है। सड़क पर कमर से अधिक पानी जमा रहता है। घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। दूसरी जगह शरण लेनी पड़ती है।
-भवेश कुमार
हर साल बाढ़ का पानी घर में घुस जाता है। बाढ़ के दौरान किराये पर कमरा लेकर रहना पड़ता है। किसी तरह की सरकार से सहायता नहीं मिलती है। डेढ़-दो महीने तक परेशानी होती है। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है।
-उपेन्द्र यादव
मोहल्ले या आसपास में स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। मरीजों को इलाज कराने के लिए सदर या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है। रात में अस्पताल जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले में स्वास्थ्य केन्द्र होने से प्राथमिक उपचार मिल सकता है।
-अभिनंदन यादव
नाला पर सभी जगहों पर ढक्कन नहीं है। नाला जाम रहता है। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। फॉगिंग और ब्लीचिंग छिड़काव की व्यवस्था होनी चाहिए। मोहल्ले में आंगनबाड़ी होने से बच्चों को सुविधा होगी।
-कंचन यादव
सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन नहीं मिलती है। मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। रोजगार नहीं मिलने से परिवार का भरण-पोषण में परेशानी होती है। आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं होने से बच्चों को दूर जाना पड़ता है।
-श्यामा देवी
मोहल्ले में सभी लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कई लोगों को वृद्धापेंशन नहीं मिलती है। कई के पास राशन कार्ड नहीं है। प्रशासन को शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना चाहिए।
-रुक्मणि देवी
धानुकटोली लेन साहेबगंज मोहल्ले की सड़क का निर्माण करीब 30 साल पहले हुआ था। इसके बाद से मरम्मत का काम नहीं हुआ है। सड़क जर्जर होने से आने-जाने में परेशानी होती है। लोगों द्वारा गड्ढा भरकर काम चलाया जा रहा है।
-सुनील कुमार
मोहल्ले में लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मुख्य सड़क से मोहल्ले में आने वाली सड़क जर्जर है। मोहल्ले में अधिकांश लोग मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सरकार रोजगार की व्यवस्था करे।
-उमेश यादव
समस्याएं
1. धानुकटोली लेन साहेबगंज में मुख्य सड़क से मोहल्ले में जाने वाली सड़क जर्जर है। जर्जर सड़क पर जलजमाव से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
2. बाढ़ के समय अधिकांश घरों में पानी घुस जाता है। बाढ़ के दौरान लोगों को दूसरी जगहों पर शरण लेनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई इस दौरान बाधित होती है।
3. सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। किसी पोल पर स्ट्रीट लाइट है तो खराब है। अंधेरे में लोगों को जर्जर सड़क होकर आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
4. नाला पर ढक्कन नहीं है। बच्चों के गिरने का डर बना रहता है। लोग कूड़ा सहित अन्य गंदगी नाला में फेंक देते हैं। इसके चलते नाला जाम होता है।
5. मोहल्ले या आसपास के इलाके में स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। मरीज को इलाज कराने के लिए बहुत दूर सदर अस्पताल या मायागंज अस्पताल जाना पड़ता है।
सुझाव
1. धानुकटोली लेन साहेबगंज मोहल्ले की सड़क का नये सिरे से निर्माण कराया जाए। अतिक्रमण हटाया जाए। ताकि सड़क चौड़ी होने से आवागमन में सुविधा होगी।
2. बाढ़ से बचाव के लिए जमुनिया नदी पर तटबंध का निर्माण कराया जाए। ताकि बाढ़ का पानी मोहल्ले में नहीं घुस सके। बाढ़ से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद मिले।
3. सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो। जहां स्ट्रीट लाइट खराब है उसे बदला जाए। ताकि रात में मोहल्ले के लोगों को आने-जाने में असुविधा नहीं हो।
4. नाला पर ढक्कन की व्यवस्था हो। नियमित कूड़ा का उठाव हो। मोहल्ले में फॉगिंग की व्यवस्था हो। ताकि लोगों को मच्छरों से परेशान नहीं होना पड़े।
5. मोहल्ले या आसपास के इलाके में स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था हो। ताकि इमरजेंसी पड़ने पर लोगों को स्वास्थ्य केन्द्र पर प्राथमिक उपचार मिल सके।
प्रस्तुति: वीरेन्द्र कमार, फोटोग्राफ: संजीव
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