बोले भागलपुर: भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली सड़क बने
भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली सड़क जर्जर हो चुकी है। कई गड्ढों के कारण यात्री घायल हो रहे हैं। बारिश में जलजमाव के चलते लोग घर से नहीं निकल पाते हैं। नाला का पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है।

शहर के बीच में स्थित है भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली सड़क। यह सड़क वार्ड 35 के अन्तर्गत पड़ता है। वर्षों पूर्व बनी सड़क जर्जर हो चुकी है। कई जगहों पर गड्ढे होने से टोटो और ऑटो के पलटने से यात्री घायल हो जाते हैं। नाला की स्थिति अच्छी नहीं है। नाला का पानी सड़क पर जमा होता है। बारिश होने पर सड़क पर ठेहुना भर पानी जमा हो जाता है। सड़क किनारे पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं से रात में लोगों को पैदल चलने में परेशानी होती है।
शहरी क्षेत्र से बरहपुरा की तरफ जाने वाली सड़क में भीखनपुर हटिया चौक से पुलिस लाइन होते हुए सैंडिस कंपाउंड के दक्षिणी गेट की तरफ एक सड़क जाती है। सड़क के दोनों तरफ करीब 100 परिवार रहते हैं। यह शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल है। लोदीपुर, इशाकचक, लालूचक, बरहपुरा, भीखनपुर सहित दक्षिणी शहरी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक मोहल्ले के लोग इस सड़क से तिलकामांझी, सैंडिस कंपाउंड, कचहरी, मायागंज अस्पताल, सदर अस्पताल, समाहरणालय आदि जगहों पर जाते हैं। शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए भी छात्रों का आवागमन होता है। दिन भर व्यस्त रहने वाली सड़क कई जगहों पर टूट गई है। सैंडिस कंपाउंड गेट से भीखनपुर हटिया चौक जाने वाली सड़क कुछ जगहों पर चलने लायक है। सड़क की सबसे खराब स्थिति भीखनपुर हटिया चौक के पास है। सड़क नाला से नीचे है। इसके चलते बारिश होने पर सड़क का पानी नाला में नहीं जाता है। बरसात के दिनों में जलजमाव के चलते इस रास्ते से लोग आना-जाना नहीं चाहते हैं। नाला की स्थिति भी अच्छी नहीं है। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं रहने से नाला का गंदा पानी सड़क पर जमा रहता है। ओवरफ्लो होकर नाला का गंदा पानी घरों में घुस जाता है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बारिश होने पर जलजमाव के चलते लोग घरों से नहीं निकल पाते हैं। सड़क किनारे पोल पर रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से पैदल चलने में भी लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद भी सड़क और नाला का निर्माण नहीं हो रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जा रहा है।
मो. राशिद अहमद ने बताया कि 47 साल की उम्र हो गयी। अभी तक मात्र एक बार सड़क का निर्माण हुआ है। शहर की सबसे खराब सड़कों में यह शामिल है। लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है। सड़क पर हमेशा जलजमाव रहता है। नाला से सड़क नीचे है। सड़क का पानी नाला में नहीं जा पाता है। शहर के दक्षिणी क्षेत्र की बड़ी आबादी इस सड़क होकर रोज तिलकमांझी चौक, अस्पताल, समाहरणालय आदि जाती है। सड़क पर वाहनों का दिनभर तांता लगा रहता है। बारिश होने पर लोग इस सड़क होकर जाना नहीं चाहते हैं। सड़क टूटने के चलते बाइक सवार गिरकर घायल होते रहते हैं। स्थानीय लोग अपने स्तर से सड़क पर जमा पानी की निकासी की व्यवस्था करते हैं। मुख्य सड़क पर पुल मानक के अनुसार नहीं बना है। इसके चलते मोहल्ले वाली सड़क का पानी मुख्य नाला में नहीं जा पाता है।
मो. बंटी ने बताया कि करीब 35 साल पहले सड़क का निर्माण हुआ है। सड़क के पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। जलजमाव के चलते छोटे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। शाहिद ने बताया कि बहुत पहले सड़क का निर्माण हुआ है। सड़क जगह-जगह टूट चुकी है। अस्पताल, स्कूल, समाहरणालय, कचहरी जाने में मोहल्ले के लोगों को काफी परेशानी होती है। पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है। सड़क किनारे पोल है। लेकिन स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में टूटी सड़क से चलने में वृद्ध और बच्चे गिर जाते हैं। मो. कासिम ने बताया कि घर में नाला का गंदा पानी घुस जाता है। नाला का निर्माण सही तरीके से नहीं हुआ है। नाला के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। सड़क पर पानी जमा रहने के चलते घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। गंदगी के चलते बीमारी फैलने का डर बना रहता है। सड़क के गड्ढों में अक्सर गंदा पानी जमा रहता है।
मो.अजीम उद्दीन ने बताया कि हमेशा सड़क पर जलमाव रहता है। पानी जमा रहने के चलते वाहन चालक और यात्री गिरकर घायल होते हैं। पूर्व में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जर्जर सड़क की शिकायत की गयी। लेकिन केवल आश्वासन मिलता रहा। सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। नाला के पानी की निकासी नहीं होती है। नाला का पानी सड़क और लोगों के घरों में घुसता है। सफाई और कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है। लोग सड़क किनारे कूड़ा फेंकते हैं। गंदगी और बदबू के बीच लोगों को आना-जाना पड़ता है। सड़क किनारे पोल पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है। बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानी होती है। मो. इरशाद खान ने बताया कि नाला और सड़क का निर्माण नये सिरे से होना चाहिए। नाला का पानी घर में घुस जाता है। इस सड़क होकर दो दर्जन से अधिक मोहल्ले के लोगों का आवागमन होता है। लोग इस सड़क से सरकारी कार्यालयों के अलावा बाजार करने जाते हैं। बारिश होने पर लोगों को सड़क बदलनी पड़ती है। कूड़ेदान नहीं रहने से लोग सड़क किनारे घर की गंदगी फेंक देते हैं। टोटो चालक मो. रेहान ने बताया कि बारिश होने पर वाहन लेकर चलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल ले जाने में परेशानी होती है। कीचड़ में गिरकर बच्चे चोटिल हो जाते हैं। नाला का पानी हमेशा सड़क पर बहता रहता है। मो. नसीम ने बताया कि नाला का पानी घर में घुसने से रहना मुश्किल हो जाता है। गंदगी के चलते बीमारी फैलने का डर बना रहता है। भीखनपुर-बरहपुरा मुख्य सड़क ऊंची रहने से मोहल्ले की सड़क का पानी नहीं निकल पाता है। नाला के पानी निकासी का रास्ता बंद है। सड़क और नाला का निर्माण होना चाहिए। मो. अफसर कुरैशी ने बताया कि नाला हमेशा जाम रहता है। नाला का गंदा पानी सड़क पर बहता है। सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बारिश होने पर बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते हैं। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बोले जिम्मेदार
भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली सड़क टूट चुकी है। कई जगहों पर गड्ढा होने से वाहन पलट जाता है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है। नगर निगम में सड़क और नाला निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद टेंडर और एकरारनामा हो चुका है। संवेदक द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। इसकी शिकायत नगर निगम में की गई है। कूड़ा उठाव की नियमित व्यवस्था की जाएगी। स्ट्रीट लाइट के लिए नगर निगम के स्तर से टेंडर निकालने की प्रक्रिया की जा रही है।
-उमेश मंडल, वार्ड पार्षद, वार्ड 35, नगर निगम, भागलपुर
इनकी भी सुनिए
हमेशा सड़क पर जलमाव रहता है। पानी जमा रहने के चलते वाहन चालक और यात्री गिरकर घायल होते हैं। पूर्व में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जर्जर सड़क की शिकायत की गयी। लेकिन केवल आश्वासन मिलता रहा।
-मो. अजीमउद्दीन
नाला जाम रहता है। नाला का गंदा पानी सड़क पर बहता है। सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बारिश होने पर बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते हैं। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
-अफसर कुरैशी
सड़क से नाला की ऊंचाई अधिक है। इसके चलते सड़क का पानी नाला में नहीं जा पाता है। बारिश होने पर पानी सड़क पर जमा हो जाता है। ठेहुना भर पानी में आसपास के मोहल्ले के लोगों को आना-जाना पड़ता है।
-अब्दुल सत्तार
47 साल की उम्र हो गयी। अभी तक मात्र एक बार सड़क का निर्माण हुआ है। शहर की सबसे खराब सड़कों में यह शामिल है। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है। सड़क पर हमेशा जलजमाव रहता है।
-मो. रशिद अहमद
बारिश होने पर वाहन लेकर चलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी होती है। कीचड़ में गिरकर बच्चे चोटिल हो जाते हैं। नाला का पानी हमेशा सड़क पर बहता रहता है। बारिश में स्थिति खराब हो जाती है।
-अफीज उद्दीन
सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। किसी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं तो कहीं लाइट बंद पड़ी है। रात में जर्जर सड़क पर लोग चलना नहीं चाहते हैं। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट के साथ सड़क निर्माण कराया जाए।
-मो. मोईम
करीब 35 साल पहले सड़क का निर्माण हुआ है। सड़क से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। जलजमाव के चलते छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी होती है। जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है।
-मो. बंटी
दक्षिणी क्षेत्र की बड़ी आबादी के सरकारी कार्यालय या अस्पताल जाने का यही प्रमुख रास्ता है। वर्षों से लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। लेकिन टूटने और हमेशा जलजमाव के चलते लोग दूसरे रास्ते से जाना चाहते हैं।
-मो. मुमताज
मोहल्ले में नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं है। कूड़ेदान और डस्टबिन नहीं रहने से लोग कूड़ा सड़क किनारे फेंक देते हैं। कूड़ा का समय से उठाव नहीं होता है। गंदगी के बीच से लोगों को आना-जाना पड़ता है।
-इम्तियाज उद्दीन
घर में नाला का पानी घुस जाता है। नाला का निर्माण ठीक से नहीं हुआ है। नाला के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। सड़क पर पानी जमा रहने से घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। बीमारी फैलने का डर बना रहता है।
-मो. कासिम अंसारी
बरसात के दिनों में जलजमाव के चलते बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते हैं। 100 मीटर दूरी तक तालाब का दृश्य रहता है। घरों में सड़क और नाला का गंदा पानी घुस जाता है। सड़क-नाला का निर्माण मानक के अनुसार कराया जाए।
-शमीम अंसारी
भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली जर्जर सड़क पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है। पुलिस लाइन की तरफ कुछ दूरी तक सड़क ठीक है। लेकिन हटिया चौक के पास सड़क टूट गयी है।
-मो. नौशाद
सड़क को नाला से ऊंचा करते हुए निर्माण कराया जाए। ताकि सड़क का पानी नाला में जा सके। जलजमाव नहीं रहने से सड़क को कम नुकसान होगा। वर्तमान में सड़क पर पानी जमा रहता है। नाला के पानी की निकासी की व्यवस्था हो।
-मो. जाकिर अंसारी
सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए। जर्जर सड़क पर रात में चलने में परेशानी होती है। लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। मोहल्ले में नियमित कूड़ा उठाव की व्यवस्था होनी चाहिए। फॉगिंग और ब्लीचिंग का छिड़काव हो।
-रंजन कुमार
नाला का पानी घर में घुसने से रहना मुश्किल हो जाता है। गंदगी के चलते बीमारी फैलने का डर बना रहता है। भीखनपुर-बरहपुरा मुख्य सड़क ऊंचा रहने से मोहल्ले की सड़क का पानी नहीं निकल पाता है। पानी निकासी का रास्ता बंद है।
-मो. नसीम
नाला और सड़क का निर्माण नये सिरे से होना चाहिए। इस सड़क होकर दो दर्जन से अधिक मोहल्ले के लोगों का आवागमन होता है। लोग इस सड़क से कार्यालयों के अलावा बाजार जाते हैं। बारिश में सड़क बदलनी पड़ती है।
-मो. अख्तर
समस्याएं
1. भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली सड़क जर्जर हो चुकी है। सड़क में कई जगहों पर गड्ढा हो गया है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है।
2. नाला के पानी की निकासी नहीं होती है। पानी सड़क पर और घरों में घुस जाता है। नाला की ऊंचाई सड़क से अधिक है। इसके चलते नाला का पानी सड़क पर जमा रहता है।
3. सड़क के दोनों तरफ पोल है। किसी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है तो कहीं बंद पड़ा हुआ है। रोशनी नहीं होने से रात में चलने में परेशानी होती है।
4. मोहल्ले में डस्टबिन की व्यवस्था नहीं है। लोग कूड़ा सड़क किनारे फेंक देते हैं। नियमित कूड़ा का उठाव नहीं होने से गंदगी होकर लोगों को आना-जाना पड़ता है।
5. शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में यह शामिल है। लेकिन कई जगहों पर सड़क का अतिक्रमण कर लिया गया है। अतिक्रमण के चलते सड़क कुछ जगहों पर सिकुड़ गयी है।
सुझाव
1. शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में भीखनपुर हटिया चौक से सैंडिस कंपाउंड जाने वाली सड़क शामिल है। सड़क का नये सिरे से निर्माण कराया जाए।
2. सड़क के साथ नाला का निर्माण कराया जाए। नाला के पानी निकासी और नियमित सफाई की व्यवस्था हो। ताकि गंदा पानी सड़क या लोगों के घरों में नहीं जाए।
3. सड़क किनारे के सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो। बंद पड़ी लाइट को बदला जाए। ताकि लोगों को रात में आने-जाने में सुविधा हो।
4. मोहल्ले में डोर टू डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था हो। जब तक व्यवस्था नहीं होती है तब तक कूड़ेदान और डस्टबिन की सुविधा दी जाए। कुड़ा उठाव नियमित हो।
5. पूरी सड़क की नये सिरे से मापी कराकर अतिक्रमण को हटाया जाए। अतिक्रमण हटने से सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
प्रस्तुति: वीरेन्द्र कुमार, फोटोग्राफ: संजीव
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