बोले भागलपुर: जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर में सड़क और नाला का निर्माण हो
जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर मोहल्ले में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। लोगों को पानी, सड़क, और नाला की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी स्कूल और सामुदायिक भवन की कमी है। कई परिवारों को राशन कार्ड और वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। निवासियों ने नगर निगम से सुधार की मांग की है।

बोले भागलपुर: जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर में सड़क और नाला का निर्माण हो
शहर के महत्वपूर्ण मोहल्लों में शामिल है जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर। नगर निगम के वार्ड 26 के अन्तर्गत यह मोहल्ला आता है। घनी आबादी वाले इस मोहल्ले में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कई गलियों में सड़क और नाला का निर्माण नहीं होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर में करीब 150 परिवार रहते हैं। अधिकांश लोग मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मायागंज अस्पताल के सामने यह मोहल्ला है। आसपास में चिकित्सकों के अस्पताल और क्लीनिक आदि हैं। मोहल्ले में मुख्य सड़क और नाला का निर्माण हुआ है, लेकिन कई गलियों में सड़क और नाला नहीं होने से दिक्कत हो रही है। मोहल्ले से गुजर रहे बड़े नाला में भी ढक्कन नहीं होने से परेशानी हो रही है। पानी भी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। बहुत से परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। सरकारी स्कूल नहीं होने से बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि नगर निगम को टैक्स देने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रही है। सभी सड़क और नाला का निर्माण नगर निगम को कराना चाहिए।
रंजीत प्रसाद तांती ने बताया कि जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर मोहल्ले में कई गलियों में सड़क और नाला का निर्माण नहीं हुआ है। कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क और नाला का निर्माण कराने का आग्रह किया गया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। गली में पोल पर स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। जर्जर सड़क पर गिरकर बच्चे घायल हो जाते हैं। वाहन भी गली में नहीं जा पाते हैं। घर के पानी निकासी में भी दिक्कत होती है। वृद्धा पेंशन नहीं मिलती है। कई बार आवेदन दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। किराया पर जगह लेनी पड़ती है। मोहल्ले में कोई सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। स्कूल और सामुदायिक भवन की व्यवस्था मोहल्ले में होना चाहिए।
रूपा कुमारी ने बताया कि पहले घर के सामने चापाकल था। वहीं पर सोख्ता बनाया गया है। वर्तमान में बोरिंग से जलापूर्ति हो रही है। नाला के पानी की निकासी नहीं हो पाती है। गंदा पानी घर में घुस रहा है। रहने में काफी परेशानी होती है। बंधू कानू लेन में नाला नहीं है। कई बार शिकायत के बाद भी नाला का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। वृद्धा पेंशन भी नहीं मिलती है। पहले मिलती थी, लेकिन पेंशन अब बंद हो गयी है। शीला देवी ने बताया कि पहले राशन कार्ड पर अनाज मिलता था, लेकिन राशन कार्ड खो जाने के बाद सात साल से अनाज नहीं मिल रहा है। कई बार कार्यालय में आवेदन दिया। लेकिन केवल आश्वासन दिया जा रहा है। पति को पहले दिव्यांग पेंशन मिलती थी, लेकिन वह भी बंद हो गयी है। आग्रह करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। बंधू कानू लेन में नाला की स्थिति बहुत खराब है। पानी की निकासी नहीं हो पाती है।
रूबी देवी ने बताया कि कूड़ा रखने की जगह नहीं है। लोग इधर-उधर कूड़ा फेंकते हैं। कूड़ेदान और डस्टबिन की व्यवस्था नहीं है। कूड़ा लेने के लिए भी सप्ताह में एकाध दिन सफाईकर्मी मोहल्ले में आता है। गंदगी के चलते बीमारी फैलने का डर बना रहता है। फॉगिंग और ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं होता है। सड़क और नाला के निर्माण के लिए कई बार मापी करायी गयी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। सुलेखा देवी ने बताया कि मोहल्ले में स्कूल नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। मोहल्ले में महिलाओं और बुजूर्ग को टहलने के लिए एक पार्क की व्यवस्था होनी चाहिए। अधिकांश गरीब परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी क्षेत्र) का लाभ नहीं मिल रहा है।
सुलोचना देवी ने बताया कि मोहल्ले की गलियों में सड़क और नाला की स्थिति बहुत खराब है। चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े आश्वासन देते हैं। लेकिन बाद में देखने कोई नहीं आता है। वृद्धा पेंशन भी नहीं मिल रही है। लता देवी ने बताया कि मायागंज अस्पताल के अधीक्षक कार्यालय के सामने करीब 30 परिवार रहते थे। लोग लंबे समय से यहां रह रहे थे। नाइट सेल्टर बनाने के दौरान उन परिवारों को बगल की जमीन में रहने के लिए दिया गया है, लेकिन जमीन से संबंधित कोई कागजात नहीं मिला है। शौचालय, सड़क आदि की सुविधा नहीं है।
मोहल्ले में सरकारी स्कूल खुले, ताकि बच्चों को सहूलियत हो
राजवीर रंजन ने बताया कि राशन कार्ड नहीं बना है। इसके चलते अनाज नहीं मिलता है। राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। प्रशासन मोहल्ले में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करे। राज कुमार ने बताया कि मोहल्ले में एक भी सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने में दिक्कत होती है। दूर के स्कूल में जाना पड़ता है। सामुदायिक भवन नहीं होने से शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। किराये पर जगह लेनी पड़ती है। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए। रेणु देवी ने बताया कि परिवार के साथ झोपड़ी में रहती हूं। बारिश होने पर रहने में परेशानी होती है। घर में नाला का गंदा पानी घुस जाता है। आवेदन देने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। रीतेश कुमार ने बताया कि मोहल्ले में फॉगिंग और ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं होता है। कूड़े का नियमित उठाव नहीं होता है। कूड़ा लेने के लिए सफाईकर्मी सप्ताह में एकाध बार आते हैं। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
बोले जिम्मेदार
जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर में सड़क और नाला के निर्माण के लिए टेंडर हो गया है। एकरारनामा की प्रक्रिया चल रही है। एकरारनामा के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। सामुदायिक भवन के लिए वार्ड में जगह उपलब्ध नहीं है। जगह मिलने पर सामुदायिक भवन बनाया जाएगा। कई पोल पर स्ट्रीट लाइट खराब है। इसकी शिकायत नगर निगम में की गयी है। वार्ड में 17 सफाईकर्मी नगर निगम से मिले हैं। आबादी के अनुसार 34 सफाईकर्मियों की जरूरत है। संसाधन और सफाईकर्मियों की कमी का असर सफाई पर पड़ रहा है। मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल की जरूरत है।
प्रीति देवी, वार्ड पार्षद, वार्ड 26, नगर निगम, भागलपुर।
बातचीत
मोहल्ले में सड़क और नाला नहीं रहने से परेशानी हो रही है। जर्जर सड़क पर गिरकर बच्चे घायल हो जाते हैं। सड़क और नाला का निर्माण हो। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं रहने से रात में आने-जाने में परेशान होती है।
-कृष्ण कुमार
मोहल्ले में नियमित सफाई नहीं होती है। कूड़ा लेने के लिए सफाईकर्मी सप्ताह में एकाध दिन आते हैं। कूड़ा रखने की जगह नहीं रहने से लोग इधर-उधर फेंकते हैं। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। कूड़ेदान और डस्टबिन नहीं है।
-मोनू कुमार
मोहल्ले में एक भी सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने में दिक्कत होती है। दूर के स्कूल में जाना पड़ता है। सामुदायिक भवन नहीं होने से शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। किराये पर जगह लेनी पड़ती है।
-गौतम कुमार
मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य समारोह करने में लोगों को परेशानी होती है। किराया पर जगह लेनी पड़ती है। मोहल्ले में सामुदायिक भवन के साथ शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
-राजेश रंजन
मोहल्ले की मुख्य सड़क और नाला का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई गलियों में सड़क और नाला नहीं बना है। जर्जर सड़क के चलते आने-जाने में परेशानी होती है। बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं। नाला के पानी की निकासी नहीं हो पाती।
-सौरभ कुमार
मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई नहीं होती है। झाड़ू लगाने के लिए भी सफाईकर्मी नहीं आते हैं। कूड़ेदान नहीं रहने से दूसरे की जमीन पर लोग कूड़ा फेंक देते हैं। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सफाई की नियमित व्यवस्था हो।
-शुभम कुमार
राशन कार्ड नहीं बना है। इसके चलते अनाज नहीं मिलता है। राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। प्रशासन मोहल्ले में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करे।
-राजवीर रंजन
मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था हो। स्कूल दूर रहने से छोटे बच्चे जाना नहीं चाहते हैं। मुख्य सड़क होकर जाने में दुर्घटना का डर बना रहता है। स्कूल के अलावा मोहल्ले में सामुदायिक भवन की व्यवस्था होनी चाहिए।
-विशाल कुमार
पहले राशन कार्ड पर अनाज मिलता था। लेकिन राशन कार्ड खो जाने के बाद सात साल से अनाज नहीं मिल रहा है। कई बार कार्यालय में आवेदन दिया। पति को पहले दिव्यांग पेंशन मिलती थी। लेकिन वह भी बंद हो गयी है।
-शीला देवी
मोहल्ले में फॉगिंग और ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं होता है। कूड़ा का नियमित उठाव नहीं होता है। कूड़ा लेने के लिए सफाईकर्मी सप्ताह में एकाध बार आते हैं। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। नियमित सफाई की व्यवस्था हो।
-रीतेश कुमार
जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर की कई गलियों में सड़क और नाला का निर्माण नहीं हुआ है। कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क और नाला का निर्माण कराने का आग्रह किया गया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
-रंजीत प्रसाद तांती
जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर में बोरिंग से जलापूर्ति हो रही है। नाला के पानी की निकासी नहीं हो पाती है। गंदा पानी घर में घुस रहा है। रहने में काफी परेशानी होती है। बंधू कानू लेन में नाला नहीं है। नाला की व्यवस्था हो।
-रूपा कुमारी
कूड़ा रखने की जगह नहीं है। लोग इधर-उधर कूड़ा फेंकते हैं। कूड़ेदान और डस्टबिन नहीं है। कूड़ा लेने के लिए भी सप्ताह में एकाध दिन सफाईकर्मी मोहल्ले में आता है। गंदगी से बीमारी फैलने का डर बना रहता है।
-रूबी देवी
मोहल्ले में स्कूल नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है। मोहल्ले में महिलाओं और बुजुर्ग को टहलने के लिए एक पार्क की व्यवस्था होनी चाहिए। जहां सुबह-शाम लोग टहल सकें।
-सुलेखा देवी
मोहल्ले की गलियों में सड़क और नाला की स्थिति बहुत खराब है। चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े आश्वासन देते हैं। लेकिन बाद में देखने कोई नहीं आता है। सड़क और नाला का निर्माण हो। वृद्धा पेंशन की राशि भी नहीं मिल रही है।
-सुलोचना देवी
परिवार के साथ झोपड़ी में रहती हूं। बारिश होने पर रहने में परेशानी होती है। घर में नाला का गंदा पानी घुस जाता है। आवेदन देने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। नाला का निर्माण होना चाहिए।
-रेणु देवी
समस्याएं
1. जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर की कई गलियों में सड़क और नाला नहीं है। जर्जर सड़क के चलते बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं। सड़क और नाला का निर्माण हो।
2. मोहल्ले में सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। कुछ जगहों पर जरूरत के अनुसार पोल नहीं गाड़ा गया है।
3. मोहल्ले में एक भी सरकारी स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए दूर के स्कूल में जाना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। मोहल्ले में स्कूल खुले।
4. मोहल्ले में सामुदायिक भवन नहीं रहने से शादी या अन्य समारोह करने में परेशानी होती है। अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। शादी के लिए किराये पर जगह लेनी पड़ती है।
5. वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कई परिवारों को नहीं मिल रहा है। मोहल्ले में नियमित सफाई नहीं होती। कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है।
सुझाव
1.जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर की सभी सड़कों और नाला का निर्माण कराया जाए। सड़क बनने से लोगों के आवागमन में सुविधा होगी। नाला से घरों के पानी की निकासी होगी।
2. मोहल्ले के सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट लगायी जाए। जिस पोल पर लाइट खराब हो गयी है। उसे ठीक कराया जाए। जरूरत के अनुसार मोहल्ले में पोल की व्यवस्था हो।
3. जालिम कोरी लेन बड़ी खंजरपुर में बड़ी आबादी रहती है। मोहल्ले में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्था हो। ताकि सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
4. मोहल्ले में अधिकांश गरीब परिवार रहते हैं। शादी या अन्य समारोह के लिए एक सामुदायिक भवन की व्यवस्था हो। ताकि लोगों को किराया पर जगह नहीं लेनी न पड़े।
5. मोहल्ले में प्रशासन शिविर लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाये। ताकि लोगों को कार्यालय और जनप्रतिनिधियों के यहां चक्कर नहीं लगाना पड़े।
प्रस्तुति: वीरेन्द्र कुमार, फोटोग्राफ: संजीव
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