सरकारी नलकूप ठप रहने से किसानों की हो रही फजीहत
गढ़पुरा में किसान गेहूं की कटनी के अंतिम चरण में हैं, लेकिन तेज धूप और नमी की कमी से मक्का और गन्ने की फसल को बचाने के लिए लगातार पटवन कर रहे हैं। सरकारी नलकूप ठप होने से उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं। अप्रैल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे किसान महंगे दामों पर पटवन करने को मजबूर हैं।

गढ़पुरा, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में जहां एक तरफ गेहूं की कटनी अब अंतिम चरण में पहुंच गया है वहीं दूसरी तरफ अन्य फसल को बचाने के लिए किसान लगातार पटवन कर रहे हैं। इस समय खेतों में मक्का और गन्ने की फसल लगी हुई है। तेज धूप होने के कारण खेतों से नमी लगातार गायब हो रही है। ऐसे में किसानों को लगातार पटवन कर इन फसलों को बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ऐसे में सरकारी नलकूप ठप रहने से किसानों की फजीहत हो रही है। अभी तो अप्रैल का महीना ही है। आगे मई और जून का महीना बाकी है।
जब ग्रीष्म ऋतु अपने परवान पर होगा तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। किसानों की मानें तो सबसे अधिक समस्या गन्ने की फसल पर आएगी। अगर समय पर पटवन नहीं किया गया तो वह सूखने लगेगा। पिछले साल भी कमोबेश इसी तरह के हालात पैदा हुए। अप्रैल महीने में क्षेत्र का सर्वाधिक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर चला गया है। उमस भरी गर्मी से लोगों को कोई राहत नहीं मिली। फिलहाल प्रखंड क्षेत्र के किसान सिंचाई की समस्या से भी जूझ रहे हैं क्योंकि जितने भी सरकारी नलकूप हैं वह विभिन्न समस्याओं से ग्रसित है जिसके कारण वह चालू अवस्था में नहीं है। किसानों को मजबूरी बस महंगे दामों पर पटवन कर खेती करनी पड़ रही है। इस संबंध में कौड़ा गांव के किसान राम प्रकाश यादव ने बताया कि खेती के लिए पटवन काफी महत्वपूर्ण है।
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