Weather Changes Impact Farming in Banka Threat to Mango Crops Relief for Rabi Crops मौसम मे आये बदलाव से आम के फसल हो सकते हैं प्रभावित, अन्य फसलों को मिलेगा फायदा, Banka Hindi News - Hindustan
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मौसम मे आये बदलाव से आम के फसल हो सकते हैं प्रभावित, अन्य फसलों को मिलेगा फायदा

मौसम की बेरुखी से यदि आंधी-तूफान आया तो आम के मंज़र झड़ने की है आशंका मौसम की बेरुखी से यदि आंधी-तूफान आया तो आम के मंज़र झड़ने की है आशंका न्यूनतम नमी व

Fri, 13 March 2026 01:45 AMNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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मौसम मे आये बदलाव से आम के फसल हो सकते हैं प्रभावित, अन्य फसलों को मिलेगा फायदा

बांका, नगर प्रतिनिधि। विगत दो दिनों से मौसम में अचानक आए बदलाव का असर जिले की खेती पर अलग-अलग तरीके से देखने को मिल सकता है। जहां एक ओर आम की फसल पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई अन्य फसलों के लिए यह मौसम लाभकारी साबित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि, यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बदलता रहा और आंधी-तूफान की स्थिति बनती है, तो आम के बागानों में लगे मंजरों के झड़ने का खतरा बढ़ सकता है। इससे आम की संभावित पैदावार पर असर पड़ने की संभावना है।

चूंकि इस समय जिले के अधिकांश आम के पेड़ों में मंजर निकल चुके हैं और फल बनने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे समय में तेज हवा, आंधी या ओलावृष्टि जैसी स्थिति आम की फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।खासकर यदि तेज हवा के साथ बारिश होती है तो पेड़ों पर लगे मंजर झड़ सकते हैं, जिससे किसानों की उम्मीदों को झटका लग सकता है।हालांकि दूसरी तरफ मौसम में आया यह बदलाव उन क्षेत्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जहां खेतों में नमी का स्तर काफी कम हो गया था।पिछले कुछ समय से बारिश नहीं होने के कारण मिट्टी में नमी घटने लगी थी, जिससे रबी फसलों के विकास पर असर पड़ने की आशंका थी। अब यदि हल्की बारिश या बादल छाए रहते हैं तो खेतों में नमी का स्तर सामान्य बना रहेगा, जिससे गेहूं, चना, मसूर और अन्य रबी फसलों को फायदा मिल सकता है। जिले के किसानों का कहना है कि, मौसम का यह बदलाव यदि संतुलित रहा तो खेतों की नमी बरकरार रहेगी और सिंचाई की जरूरत भी कम पड़ेगी।इससे उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। वहीं तेज आंधी या तूफान की स्थिति बनने पर आम उत्पादक किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कृषि विभाग के अनुसार किसानों को मौसम के बदलते मिजाज पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। विशेष रूप से आम के बागानों की देखभाल और सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। साथ ही खेतों में जल निकासी की व्यवस्था भी दुरुस्त रखने को कहा गया है, ताकि अचानक बारिश होने पर फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। वहीं मौसम में आया यह बदलाव जिले की कृषि व्यवस्था के लिए मिला-जुला प्रभाव लेकर आया है। जहां आम उत्पादकों की चिंता बढ़ी है, वहीं अन्य फसलों के लिए यह मौसम राहत और संजीवनी साबित हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि करीब 12 किमी प्रतिघंटे की रफ़्तार से चली पूरबा हवा ने जिले का न्यूनतम तापमान को 21 से 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। साथ ही विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों तक आर्द्रता सुबह के समय 65 से 70 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है, जबकि यही आर्द्रता दोपहर के समय घटकर 20 से 25 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। वहीं जिले के कुछ क्षेत्रों मे बूंदाबान्दी के साथ हल्का वर्षा होने के भी आसार हैं। मौसम में आए इस बदलाव का असर फसलों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा। इस समय आम के पेड़ों में मंजर निकले हुए हैं, इसलिए यदि तेज हवा या आंधी-तूफान आता है तो मंजर झड़ने की आशंका रहती है। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं हल्की बारिश और बादल रहने से खेतों की नमी संतुलित रहेगी, जो कि गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों के लिए लाभकारी है।ऐसे समय में किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए बागानों और खेतों की नियमित निगरानी करना आवश्यक है।

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