मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की पहली किस्त से महिलाओं में उत्साह, बांका में भव्य आयोजन
बांका। एक संवाददाताबांका। एक संवाददाता बिहार राज्य की महिलाओं के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के

बांका, एक संवाददाता। बिहार राज्य की महिलाओं के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की प्रत्येक पात्र महिला को रोजगार प्रारंभ करने हेतु प्रथम किस्त के रूप में ₹10,000 की राशि प्रदान की गई। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “बिहार की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। यह योजना उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाएगी और परिवार से लेकर समाज तक की आर्थिक प्रगति में उनकी भूमिका को सशक्त बनाएगी।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने योजना के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक ग्रामीण और शहरी परिवार से एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ना इस पहल का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होंगी बल्कि पूरा परिवार लाभान्वित होगा। इस राज्यस्तरीय पहल के अंतर्गत बांका जिला स्थित चंद्रशेखर हॉल में एक भव्य कार्यक्रम एवं सभी प्रखंड में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही जीविका के कुल 35 संकुल संघ, समेत 1770 ग्राम संगठन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें लाखों जीविका दीदी की भागीदारी रही। इस अवसर पर जिले की लगभग 1,28,734 जीविका दीदियों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की पहली किश्त के रूप में प्रति दीदी 10 हज़ार रुपये यानी कुल 1,28,73,40,000/-(128 करोड़ 734 लाख) का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले आय का कोई नियमित साधन नहीं था, लेकिन अब इस राशि से वे स्वरोजगार और छोटे व्यापार शुरू कर अपने परिवार को बेहतर ढंग से चला सकेंगी। कुछ महिलाओं ने सब्जी उत्पादन, छोटे स्तर पर व्यवसाय और कृषि आधारित कार्यों में निवेश करने की इच्छा जताई। बांका में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में बेलहर विधायक मनोज यादव, कटोरिया विधायक डाo निक्की हेम्ब्रम के साथ साथ जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, अप विकास आयुक्त ब्रजकिशोर लाल, निदेशक डीआरडीए श्री श्रीनिवास, एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने लगभग 1.5 हज़ार जीविका दीदियों के साथ जीविका की और से उपस्थित जिला परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार , संचार प्रबंधक देबोली बनर्जी, प्रबंधक जॉब्स मनोज निराला, प्रबंधक अनुश्रवण एवं मूल्याङ्कन मो आरफीन परवेज़, प्रशिक्षण अधिकारी खुसबू कुमारी, प्रबंधक अधिप्राप्ति अभिषेक नारायण मिश्र एवं अन्य जिला एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का अभिभाषण सुना और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की सफलता की कामन की। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य है-हर घर से एक महिला को रोजगार से जोड़ना और उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना। सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो परिवार और समाज दोनों की स्थिति सुधरेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नया आयाम मिलेगा। छोटे उद्योग, हस्तशिल्प, कृषि आधारित कार्य और सेवा क्षेत्र में महिलाएं अपना योगदान देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 26 सितंबर 2025 का दिन बिहार की महिलाओं के लिए नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता की राह पर ले जाएगी बल्कि उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान भी दिलाएगी। नालंदा सहित पूरे बिहार में जीविका दीदियों ने इसे “आत्मनिर्भरता का पर्व” बताया।
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