बगहा ढाला बंद करेगा रेलवे, बाजारों पर गहराया संकट, व्यवसायी परेशान
बगहा रेलवे ढाला पर गुमटी बंद होने से स्थानीय व्यवसायियों का व्यवसाय प्रभावित होने की आशंका है। गुमटी के बंद होने पर ग्राहकों की पहुँच में कमी आएगी, जिससे बाजार ठप हो सकता है। व्यवसायियों ने अंडरपास निर्माण की मांग की है ताकि आवागमन सुचारू रहे और व्यापार पर असर न पड़े।

बगहा रेलवे ढाला स्थित स्टेशन चौक बगहा का सबसे प्रमुख चौराहा है। इसके आसपास बसे प्रमुख बाजारों के दुकानों पर रेलवे के फैसले से संटक गहरा गया है। यह चौराहा केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि बगहा अनुमंडल की आर्थिक रीढ़ है। कपड़ा मंडी, प्रसिद्ध मीना बाजार, सब्जी मंडी और सर्राफा बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र इसी चौक के इर्द-गिर्द सिमटे हुए हैं। पिछले पांच दशकों से यहाँ हजारों व्यवसायी अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन हाल ही में समपार संख्या 50 सी पर निर्मित रेल ओवर ब्रिज अब इन दुकानदारों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा ओवरब्रिज निर्माण के पश्चात अब रेलवे गुमटी को स्थायी रूप से बंद करने की कवायद तेज कर दी गई है।
स्थानीय व्यापारियों के लिए यह निर्णय किसी 'डेथ वारंट' से कम नहीं है। व्यवसायियों का तर्क है कि यदि गुमटी पूरी तरह बंद कर दी गई, तो मुख्य बाजार तक ग्राहकों की पहुंच समाप्त हो जाएगी। बगहा के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए यहाँ आते हैं, जो गुमटी बंद होने की स्थिति में इस बाजार का रुख करना छोड़ देंगे। इससे न केवल 1000 से अधिक स्थायी दुकानें प्रभावित होंगी, बल्कि उनसे जुड़े हजारों परिवारों का निवाला भी छिन जाएगा। व्यवसाय संघ के पप्पू गुप्ता उर्फ अमित गुप्ता ,अशोक गुप्ता, अरविंद कुमार, मोनू गुप्ता, राकेश सोनी, चंदन कुमार,आदि व्यवसायियों का कहना है कि वे लोगों वाले लोग शुरू से ही बगहा रेलवे गुमटी पर आरओबी निर्माण के स्ट्रक्चर पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए स्ट्रक्चर में सुधार की मांग कर रहे थे, लेकिन रेलवे के द्वारा व्यवसाइयों के हितों की अनदेखी करते हुए आरओबी का निर्माण कराया गया। इससेे रेलवे ढाला स्थित 1000 से अधिक व्यवसाइयों का व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि अगर सरकार के द्वारा रेलवे गुमटी को बंद किया जाता है और इसके वैकल्प के रूप में अगर अंडरपास का निर्माण नहीं कराया जाता है तो आगामी दिनों में व्यावसायिक संघ इसको लेकर आंदोलन का भी रूप अख्तियार करेगा। दूसरी ओर, रेलवे की ओर से रेलवे गुमटी के आर-पार पैदल यात्रा करने को लेकर फाटक के दोनों तरफ सीढ़ियों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका व्यावसायिक संघ के लोगों ने जमकर विरोध किया है। इसको लेकर बगहा एसडीएम को आवेदन देकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की है। व्यवसाइयों के समस्या पर एसडीएम के द्वारा जांच कर मामले में अग्रेत्तर कार्रवाई करने का भी आश्वासन व्यवसायी संघ के लोगों को दिया गया है। गौरतलब है कि जिसमें रेलवे गुमटी पार करने के लिए विकल्प के तौर पर अंडरपास के निर्माण की मांग की गई है। ताकि लोग आसानी से रेलवे ढाला के पार आ जा सके एवं रेलवे ढाला चौक विभिन्न मंडियों के व्यवसायियों का व्यवसाय भी प्रभावित नहीं हो। लोगों को बाजार में आने-जाने में सुविधा नहीं होने पर वे वहां नहीं आएंगे। इससे धीरे-धीरे बाजार ठप हो जाएगा। बाजार में आने के लिए रेलवे गुमटी पर किया जाएगा अंडरपास का निर्माण: बगहा रेलवे ढाला के समपार संख्या 50 सी पर गुमटी बंद हो जाने के बाद लोगों का रेलवे ढाला के पार आना जाना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही साथ चौक पर स्थित व्यवसायियों कबव्यवसाय भी पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगा। ऐसे में स्थानीय व्यवसायियों ने रेलवे गुमटी बंद होने की स्थिति में समपार संख्या 50 सी पर अंडरपास के निर्माण की मांग की। ताकि अंडरपास के माध्यम से लोग बाजारों में आ जा सके और आवागमन सुचारू रूप से जारी हो ।साथ ही साथ व्यवसाईयों का व्यवसाय भी प्रभावित नहीं हो। इसको लेकर व्यावसायिक संघ के लोगों ने स्थानीय जन सांसद, केन्द्रीय राज्य मंत्री आदि से मुलाकात की है। शिकायतें:1. रेलवे गुमटी बंद हो जाने से व्यवसायियों का व्यवसाय होगा प्रभावित। 2. गुमटी के बंद हो जाने से आवागमन होगा प्रभावित, लोगों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।3. आरओबी का चक्कर लगाकर कोई भी बाजार नहीं पहुंचेगा, इसका स्ट्रक्चर भी गड़बड़ है। 4. सीढ़ियों के सहारे बच्चे व बुजुर्गों को होगी परेशानी, जिस कारण उनको राहत नहीं मिलेगी।5. रेलवे गुमटी के बंद हो जाने पर लोगों को चक्कर लगाकर बाजार पहुंचना होगा।सुझाव:1. गुमटी खुले रहने से स्कूली बच्चों, बुजुर्ग से कैलाश नगर के लोगों को भी आवागमन में मिलेगी सुविधा। 2. रेलवे गुमटी की जगह पर अंडरपास का निर्माण ताकि स्थानीय लोगों को बाजार के लिए परेशानी न हो। 3. रेलवे की ओर से बड़ी आबादी की सुविधा को देखते हुए गुमटी को खुला रखा जाना चाहिए।4. अनुमंडल व रेलवे प्रशासन आरओबी के नीचे से आने-जाने का वैकल्पिक व्यवस्था करें।5. आरओबी के पास की घनी आबादी की सुविधा का रेलवे को ख्याल रखना चाहिए।
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