ओटीपी मिलने के बाद भी नहीं मिल रहे घरेलू गैस सिलेंडर, बढ़ी परेशानी
घरेलू गैस की किल्लत से लोग परेशान हैं। गैस सिलेंडर के लिए ओटीपी आने के बाद भी डिलीवरी नहीं हो रही है। केवाईसी की कमी और गैस एजेंसियों की लापरवाही से समस्याएं बढ़ गई हैं। छोटे दुकानदार भी प्रभावित हैं और व्यवसायिक गैस नहीं मिलने के कारण परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो रहा है।

घरेलू गैस की किल्लत से आम लोग परेशान हैं। गैस सिलेंडर के लिए नंबर लगाने के बाद ओटीपी मोबाइल पर आ रहा है। ओटीपी आने के एक सप्ताह के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं हो रही है। इससे उनकी समस्या बढ़ गई है। नया कनेक्शन उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है। केवाईसी नहीं होने के कारण भी उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रहा है। घंटों-घंटों गैस एजेंसियों के आगे उपभोक्ताओं को खड़ा रहना पड़ रहा है। घरेलू गैस की कमी की मार आम उपभोक्ता झेल ही रहे हैं। वहीं दूसरी ओर व्यवसायिक एलपीजी गैस के नहीं मिलने से छोटे-छोटे रोजगार कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले लोगों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
अमित कुमार तिवारी, दिवाकर कुमार, सत्य प्रकाश, मीना देवी ने बताया कि पहले 21 दिनों पर गैस का नंबर लगता था। जब से ईरान इजरायल के बीच युद्ध छिड़ा है। तब से सरकार 21 दिन की समय सीमा को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। इसके बावजूद समय से एलजी घरेलू गैस की होम डिलीवरी नहीं हो रही है। गैस नंबर लगाने में परेशानी हो रही है। गैस एजेंसी का जो नंबर है वह कभी आउट ऑफ रेंज बता रहा है तो कभी व्यस्त आ रहा है। प्रशासन एलपीजी गैस स्टॉक में होने की दावा कर रही है। लेकिन समय से उपभोक्ताओं को घरेलू गैस नहीं मिल रहा है। जिसके कारण परेशानी बढ़ गई है। घरेलू गैस की कमी के कारण अधिकांश परिवार लकड़ी पर खाना बनाने को विवश हैं। इलेक्ट्रॉनिक दुकान के मालिक मदन राय ने बताया कि एलपीजी घरेलू गैस की किल्लत के बाद बिजली संचालित इंडक्सन कूकर की मांग बढ़ गई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण प्रतिदिन दो दर्जन से ज्यादा ग्राहक लौट जा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी व्यावसायिक एलपीजी गैस नहीं मिलने से हो रही है। अधिकांश होटलों में रेस्टोरेंट व्यवस्था बंद हो गई है। प्रदीप कुमार, संतोष शर्मा, प्रवेश प्रसाद में बताया कि गैस की कमी के कारण हम लोग लाई-पकौड़ी का दुकान बंद करके चना सत्तू बेच रहे हैं। ताकि अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। गृहणी शीला देवी, प्रतिभा देवी, कलावती देवी ने बताया कि गैस की कमी के कारण किचन भी प्रभावित हुआ है। दिन में एक बार गैस से हम लोग खाना बना रहे हैं। रात्रि में लकड़ी से खाना बना रहे हैं। लकड़ी से खाना बनाने पर पूरा घर में धुआं फैल जा रहा है। धुआं से पूरा घर काला हो जा रहा है। प्रशासन को गैस एजेंसी मालिकों से वाहनों की संख्या के साथ-साथ वेंडरों की संख्या बढ़ाने के लिए दबाव बनाना चाहिए। 7 दिन से हम लोग गैस के लिए दौड़ रहे हैं। हमारी बात कोई सुनने वाला नहीं है। प्रशासन का टोल फ्री नंबर काम नहीं कर रहा है। शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ओटीपी आने के बाद भी गैस एजेंसियां समय से होम डिलीवरी नहीं कर रही है। नौकरी पैसा करने वाले लोगों को हो रही है। समय के अभाव के कारण महिलाएं गैसों के लिए लाइन में खड़ी हो रही हैं। छात्र संतोष कुमार, रंजन कुमार ने बताया कि घरेलू गैस की कमी के कारण हम लोग घर जा रहे हैं। गैस की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गैस की कमी से छोटे दुकानदार प्रभावित:व्यवसायिक एलपीजी गैस की कमी की मार सबसे ज्यादा छोटे दुकानदारों पर पड़ी है। घरेलू गैस का उपयोग करने पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। व्यावसायिक गैस मिल नहीं रहा है। जिसके कारण छोटी पूंजी लगाकर सड़क के किनारे लाई पकौड़ी, भुजा, चाय-बिस्किट बेचने वाले दुकानदारों की दुकानदारी बंद हो गई हं। घर परिवार चलाने के लिए सत्तू की दुकान चला रहे हैं। दुकानदार भोज रावत ने बताया कि गैस की कमी के कारण हम अपना परंपरागत व्यवसाय छोड़कर सत्तू बेचने पर मजबूर हैं। इससे मुश्किल से दो से तीन रुपये प्रतिदिन कमा पा रहे हैं। आय कम होने के कारण परिवार चलाने में कटौती करनी पड़ रही है। स्कूलों में बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे हैं। बीमारी होने पर कर्ज लेना पड़ रहा है। सरकार को तत्काल व्यवसायिक गैस उपलब्ध कराना चाहिए। अगर यही हाल रहा तो मजदूरी करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। बेरोजगारी बढ़ गई है। हमारी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अगर ईरान-इजरायल युद्ध लंबा चला तो परेशानी और आगे बढ़ेगी। सरकार को इसके वैकल्पिक उपाय करने चालिए।शिकायतें:1. ओटीपी के बावजूद भी नहीं की जा रही हैै समय से घरेलू एलपीजी की डिलीवरी।2. व्यावसायिक गैस सिलेंडर नहीं मिलने से छोटे दुकानदार हो रहे हैं प्रभावित। घर चलना मुश्किल।3. समय से घरेलू गैस नहीं मिलने के कारण परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को हो रही है परेशानी4. ओटीपी आने के 7 दिन के बाद भी एलपीजी नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसियों के गोदाम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।5. केवाईसी नहीं होने पर सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। नया कनेक्शन देना भी बंद कर दिया गया है।सुझाव:1. नंबर 14 दिन के बाद अगले दिन रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी पहले की तरह शुरू किया जाए।2. बंद किए गए व्यवसायिक एलपीजी गैस को पुनः चालू किया जाए।3. उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए केवाईसी की बाध्यता खत्म किया जाए। विकट परिस्थिति में इससे छूट जरूरी है।4. गैस सिलेंडर की डिलीवरी नंबर लगाने के बाद की जाय। ओटीपी सिस्टम खत्म किया जाय।5. नया कनेक्शन देना चालू किया जाय। कई लोग इस दौरान ट्रांसफर हो या रोजगार के लिए नये जगह पर शिफ्ट हुए हैं।
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