प्रशांत किशोर से केस-केस नहीं खेलेंगे अशोक चौधरी? कहा- जनता की अदालत में लड़ेंगे
जेडीयू के नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से न्यायालय के बदले चुनाव के मैदान में राजनीतिक लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। दुर्गाष्टमी पर उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि कोर्ट से बेहतर जनता की अदालत में लड़ना है।

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के महासचिव और बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी ने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सुप्रीमो प्रशांत किशोर से कोर्ट में केस-मुकदमा के बदले चुनाव में लड़ने का फैसला कर लिया है। प्रशांत किशोर के ताबड़तोड़ आरोप झेल रहे अशोक चौधरी ने दुर्गाष्टमी के दिन एक ट्वीट करके कहा कि उनके हिसाब से न्यायालय में लड़ने से बेहतर है कि विधानसभा चुनाव में जनता की अदालत में इस लड़ाई को लड़ा जाए। उन्होंने पहले कहा था कि प्रशांत किशोर के आरोपों पर मीडिया के माध्यम से बहस करने से अच्छा है कि अदालत में दोनों पक्ष शपथ पत्र दाखिल कर बहस करें।
चौधरी ने सांसद बेटी शांभवी चौधरी के लिए लोकसभा चुनाव का टिकट खरीदने के आरोप को लेकर प्रशांत पर कोर्ट में मानहानि का एक केस दायर कर रखा है। दो साल में 200 करोड़ की संपत्ति जुटाने के आरोप को लेकर दूसरे केस की तैयारी में चौधरी ने प्रशांत को 100 करोड़ का लीगल नोटिस भेजा था, जिसका जवाब प्रशांत किशोर ने भी दे दिया है।
अशोक चौधरी ने ठेकों में 5 परसेंट कमीशन लिया, 500 करोड़ की संपत्ति बनाई; प्रशांत किशोर का नया आरोप
प्रशांत किशोर ने सोमवार को पत्रकार सम्मेलन में अशोक चौधरी पर सरकारी ठेकों में 5 परसेंट कमीशन लेने का ताजा आरोप लगाया था। प्रशांत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि 7 दिन के अंदर अगर अशोक चौधरी नोटिस वापस नहीं लेते हैं तो अगली बार वो अशोक चौधरी की 500 करोड़ की संपत्ति का खुलासा करेंगे।
एक दलित का हेलीकॉप्टर चढ़ना पचा नहीं, दो दिन उड़ा तो नजर में चढ़ गया: अशोक चौधरी
अशोक चौधरी ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा- “हम जिसे जीत सकते न बाहु के बल से, क्या है उचित उसे मारे हम न्याय छोड़ कर छल से? जन सुराज पार्टी के द्वारा मेरी छवि को जनता के बीच धूमिल करने का झूठा और अनर्गल प्रयास किया जा रहा है। अब जबकि चुनाव सामने है, इस लड़ाई को न्यायालय से बेहतर जनता की अदालत में लड़ा जाए। Let the people decide who is right। भुज को छोड़ न मुझे सहारा किसी और संबल का।”




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