AI से होगी अल्पसंख्यक योजनाओं की निगरानी, किरेन रिजिजू ने लॉन्च किया ऐप; ऐसे करेगा काम
यह ऐप रियल टाइम गवर्नेंस मोबाइल एप्लीकेशन अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बन रहे शिक्षा, स्वास्थ्य व कौशल विकास से जुड़े बुनियादी ढांचे की सैटेलाइट के जरिए निगरानी करेगा।

राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे व अंतिम दिन गुरुवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत संचालित योजनाओं की निगरानी के लिए एआई आधारित ‘निगरानी ऐप’ लॉन्च किया।
यह रियल टाइम गवर्नेंस मोबाइल एप्लीकेशन अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बन रहे शिक्षा, स्वास्थ्य व कौशल विकास से जुड़े बुनियादी ढांचे की सैटेलाइट के जरिए निगरानी करेगा। ऐप के माध्यम से परियोजनाओं की डिजिटल मैपिंग होगी तथा जियो टैग और टाइमलाइन के साथ ली गई तस्वीरें अपलोड की जा सकेंगी, जो निर्माण की वास्तविक स्थिति का प्रमाण होंगी।
भुवन आधारित सैटेलाइट मैपिंग सिस्टम से परियोजना स्थलों का सटीक मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन संभव होगा। ऐप को पीएम गतिशक्ति जैसे राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
ऐप की खासियत
यह ऐप निर्माण में देरी और प्रदर्शन की कमियों की पहचान कर अधिकारियों को तुरंत अलर्ट देगा। इसमें ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में भी कार्य करने की सुविधा है, जिससे दूरदराज और कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों से भी रिपोर्ट और तस्वीरें अपलोड की जा सकेंगी।
आम लोगों को फायदा
इस ऐप से योजनाएं की लाइव निगरानी की जा सकेगी। डिजिटल मॉनिटरिंग और वास्तविक चित्रों की अनिवार्यता से योजनाओं में होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। इस ऐप के प्रचलन में आने से सरकारी तंत्र अधिक उत्तरदायी बनेगा।
ऐसे करेगा काम
प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर से पंजीकरण और ओटीपी के जरिए लॉगिन किया जा सकेगा। फिलहाल क्यूआर कोड से भी डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध है। ऐप खुलने के बाद किसी योजना पर क्लिक कर उसकी जानकारी ली जा सकेगी।
संवाद से समाधान निकाने की जरूरत : मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने हज स्मार्ट रिस्ट बैंड, हज सुविधा ऐप और मंत्रालय के एआई चैटबॉट का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में फाइलें लंबित रखने के बजाय संवाद से समाधान निकालने की जरूरत है। उन्होंने सिक्किम का उदाहरण देते हुए बेहतर क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों की कुल आबादी अमेरिका की कुल जनसंख्या से अधिक है और 2047 के विकसित भारत विजन को साकार करने में इनका विकास अहम है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने बताया कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के माध्यम से अब तक 26.93 लाख परिवारों को लाभान्वित किया गया है, जिस पर 10,454 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस मौके पर बिहार के मंत्री जमा खान भी मौजूद रहे।
हज यात्रियों के लिए स्मार्ट कलाई बैंड
हज यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बुजुर्गों के लिए विशेष स्मार्ट कलाई बैंड तैयार किया है। यह बिना मोबाइल के काम करता है। भीड़ में रास्ता भटकने या तबीयत बिगड़ने पर एसओएस बटन दबाते ही हज नियंत्रण कक्ष से संपर्क हो जाएगा और यात्री की सटीक लोकेशन मिलते ही तुरंत मदद पहुंच सकेगी।
एआई चैटबॉट
साथ ही मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एआई चैटबॉट भी शुरू किया है। अब लोग छात्रवृत्ति, योजनाओं और नियमों की जानकारी सीधे ऑनलाइन पूछ सकेंगे और तुरंत जवाब पा सकेंगे। इससे समय बचेगा और प्रक्रिया आसान होगी।




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