वोटर अधिकार यात्रा के बाद बिहार में कांग्रेस का ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ कैंपेन; समझिए सियासी मायने
बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के बाद अब कांग्रेस ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान शुरू किया है। जो 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसके जरिए कुल पांच लाख हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा गया है। इसे राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।

वोटर अधिकार यात्रा के बाद अब कांग्रेस ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान शुरू किया है। प्रदेश में पार्टी 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक अभियान चलाएगी। इसके जरिए कुल पांच लाख हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा गया है। इसे राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने मंगलवार को इस संबंध में सभी जिलाध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश जारी किया। कहा कि अभियान का उद्देश्य घर-घर जाना है। जनसंपर्क के जरिए 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करना है।
इन हस्ताक्षरों को बाद में चुनाव आयोग और राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला, प्रखंड एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। अभियान की रोजाना प्रगति रिपोर्ट एआईसीसी को भेजेंगे। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। व्यापक जनसंपर्क होगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष है।
बता दें, इससे पहले बिहार में जारी एसआईआर (गहन मतदाता पुनरीक्षण) के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में महागठबंधन ने वोटर अधिरकार यात्रा निकाली थी। जो पूरे 16 दिन चली थी, जो 25 जिलों से होकर गुजरी थी। जिसमें इंडिया अलायंस के तमाम सहयोगी दलों के दिग्गज नेता शामिल हुए थे।




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