12 लाख नाम कट गए, 18 लाख और कटेंगे; बिहार में राशन कार्ड की लिस्ट से किन्हें किया जा रहा बाहर
साथ ही वैसे नाम भी इस सूची में शामिल किये गये हैं, जिनके द्वारा महीनों से राशन का उठाव जन वितरण प्रणाली के तहत नहीं किया जा रहा है। इन्हीं परिवारों के नाम जांच के बाद हटाये जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के दो करोड़ दस लाख परिवार राशनकार्डधारी हैं।

बिहार में पिछले कुछ माह में 12 लाख राशनकार्डधारी परिवारों के नाम कटे हैं। अगले कुछ दिनों में और करीब 18 लाख परिवारों के नाम लाभुकों की सूची से बाहर होंगे। इस बाबत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया है। विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राशनकार्डधारी 57 लाख परिवारों का नाम संदिग्धों की सूची में डाला था। इन परिवारों के स्थानीय स्तर पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश विभाग ने जिलों और संबंधित पदाधिकारियों को दिया है।
इन 57 लाख परिवारों में 55 लाख की जांच पूरी कर ली गई है। विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि करीब 36 लाख परिवार जांच में अयोग्य पाये गये हैं, जिनमें 12 लाख के नाम काट दिये गये हैं। वहीं, शेष परिवार जांच में योग्य पाये गये हैं, जिनके मान सूची से नहीं हटाये जाएंगे। जांच में कोताही और लापरवाही बरतने वाले एसडीओ पर कार्रवाई भी विभाग कर सकता है, इसकी तैयारी की जा रही है।
इनके नाम हटाये जा रहे
केंद्र सरकार ने संदिग्धों की सूची में वैसे कार्डधारियों को शामिल किया था, जिनके पास चारपहिया वाहन है, बड़ी कंपनियों में निदेशक के पद पर है अथवा आयकर दाता हैं। साथ ही वैसे नाम भी इस सूची में शामिल किये गये हैं, जिनके द्वारा महीनों से राशन का उठाव जन वितरण प्रणाली के तहत नहीं किया जा रहा है। इन्हीं परिवारों के नाम जांच के बाद हटाये जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के दो करोड़ दस लाख परिवार राशनकार्डधारी हैं।




साइन इन