62 seats of Kosi Seemanchal East Bihar paves way of government understand trend of previous elections कोसी, सीमांचल, पूर्वी बिहार की 62 सीटों से सत्ता को मिलती रही संजीवनी; समझें पिछले चुनावों का ट्रेंड, Bihar Hindi News - Hindustan
More

कोसी, सीमांचल, पूर्वी बिहार की 62 सीटों से सत्ता को मिलती रही संजीवनी; समझें पिछले चुनावों का ट्रेंड

पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल की इन जिलों में दोनों गठबंधन चुनाव के पहले कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। इन इलाकों में विधानसभा की 62 सीटें हैं। इस क्षेत्र के मतदाता जिस ओर मेहरबान होते हैं, बिहार में उसकी सरकार बनने का रास्ता साफ होता है।

Thu, 4 Sep 2025 12:58 PMSudhir Kumar हिन्दुस्तान, वीरेन्द्र कुमार, भागलपुर
share
कोसी, सीमांचल, पूर्वी बिहार की 62 सीटों से सत्ता को मिलती रही संजीवनी; समझें पिछले चुनावों का ट्रेंड

Bihar Assembly Election 2025: कोसी और गंगा नदी के कछार वाले जिलों की भूमिका बिहार की सत्ता की राह तय करने में अहम होगी। हर साल बाढ़ की त्रासदी झेलने वाले पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल की इन जिलों में दोनों गठबंधन चुनाव के पहले कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। इन इलाकों में विधानसभा की 62 सीटें हैं। इस क्षेत्र के मतदाता जिस ओर मेहरबान होते हैं, बिहार में उसकी सरकार बनने का रास्ता साफ होता है। यही कारण है कि सभी दलों ने इस क्षेत्र में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

वर्ष 2020 के चुनाव में इस इलाके में एनडीए को भारी सफलता मिली थी। वहीं एआईएमआईएम के चलते कई जगहों पर महागठबंधन को बड़ा झटका लगा था। हालांकि गठबंधन बदलने से इस क्षेत्र का चुनाव परिणाम भी बदलता रहा है। मतदाताओं के मिजाज के भी बदलने की परिपाटी रही है। 2015 में महागठबंधन तो 2010 में एनडीए का इस क्षेत्र में जलवा रहा। पिछले तीन चुनाव से जिस गठबंधन को इस क्षेत्र में सफलता मिलती है बिहार में उसी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बहुमत मिल रहा है।

आठ जिलों से गुजरती है कोसी और गंगा

पटना से पूरब गंगा किनारे मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिला है। भागलपुर जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों से होकर गंगा गुजरी है। वहीं कोसी के क्षेत्र में मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जिले की कई विधानसभा सीटें पड़ती है। यह इलाका बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विधानसभा चुनाव में दो डिप्टी सीएम सहित कई की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। सीमांचल के कई जिलों में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाता हैं। पिछले चुनाव में आईएमआईएमआई ने पांच सीट लेकर सभी को चौंका दिया था।

चुनाव बाद कई विधायकों ने पाला बदला

2020 के विस चुनाव के बाद इस क्षेत्र में कई विधायकों ने पासा बदल लिया। एआईएमआईएम के चार विधायक राजद में शामिल हो गये, वहीं राजद के सूर्यगढ़ा विधायक जदयू में शामिल हो गये। इसके अलावा रूपौली में हुए उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत हुई। 2020 के चुनाव में रूपौली विधानसभा सीट पर जदयू प्रत्याशी की जीत हुई थी। वर्तमान में जदयू के 20, भाजपा के 18, हम के एक, राजद के 11, कांग्रेस के आठ, सीपीआई (एमएल) और एआईएमआईएम के एक-एक तथा दो निर्दलीय विधायक हैं। 2015 से 2020 का चुनाव परिणाम उलट रहा। 2015 में एनडीए का यहां से सफाया हो गया था। वहीं महागठबंधन की बंपर जीत हुई थी।

2020 : विधानसभा चुनाव

सुपौल- जदयू चार और भाजपा एक

अररिया - भाजपा-तीन, जदयू, राजद और कांग्रेस एक-एक

पूर्णिया - भाजपा- दो,जदयू -दो, एआईएमआईएम दो और कांग्रेस एक

कटिहार- भाजपा-तीन,जदयू-एक, कांग्रेस-दो और सीपीआई (एमएल)-एक

मधेपुरा - जदयू -दो,राजद - दो

सहरसा - जदयू-दो, भाजपा-एक, राजद -एक

खगड़िया - जदयू-दो, कांग्रेस और राजद एक-एक

किशनगंज- एआईएमआईएम-दो,कांग्रेस और राजद एक-एक

भागलपुर- भाजपा-तीन, जदयू -दो, कांग्रेस और राजद एक-एक

बांका - भाजपा- दो, जदयू- दो, राजद - एक

मुंगेर- भाजपा, जदयू और कांग्रेस एक-एक

लखीसराय- राजद और भाजपा एक-एक

जमुई- भाजपा, जदयू, हम और निर्दलीय एक-एक

2015 : विधानसभा चुनाव

सुपौल - जदयू -तीन,राजद -एक और भाजपा- एक

अररिया - जदयू -दो,भाजपा,भाजपा- दो, कांग्रेस -एक और राजद -एक

किशनगंज - जदयू -दो और कांग्रेस - दो

पूर्णिया - जदयू-दो, कांग्रेस-दो, भाजपा - दो और राजद - एक

कटिहार - कांग्रेस -तीन, भाजपा-दो, राजद-एक और सीपीआई (एमएल) - एक

मधेपुरा- जदयू-तीन और राजद -एक

सहरसा - जदयू-दो और राजद- दो

खगड़िया - जदयू-तीन और राजद - एक

भागलपुर- जदयू-तीन, कांग्रेस-दो और राजद-दो

बांका - जदयू-तीन, भाजपा-एक और राजद - एक

मुंगेर- जदयू-दो और राजद-एक

लखीसराय - भाजपा एक और राजद -एक

जमुई - राजद -दो, कांग्रेस -एक और भाजपा-एक

2010 : विधानसभा चुनाव

● सुपौल - जदयू -पांच

● अररिया - भाजपा-चार, जदयू और लोजपा एक-एक

● किशनगंज-कांग्रेस -दो, लोजपा और राजद एक-एक

● पूर्णिया -भाजपा-चार,जदयू-दो और कांग्रेस-एक

● कटिहार - भाजपा-पांच, जदयू और निर्दलीय एक-एक

● मधेपुरा - जदयू-तीन और राजद एक

● सहरसा - जदयू दो,भाजपा और राजद एक-एक

● खगड़िया - जदयू-तीन और राजद एक

● भागलपुर-भाजपा और जदयू तीन-तीन और कांग्रेस एक

● बांका - जदयू -तीन,भाजपा और राजद एक-एक

● मुंगेर- जदयू तीन

● लखीसराय-भाजपा दो

● जमुई - जदयू तीन और झामुमो-एक

2020 में लोजपा के अलग रहने के बावजूद एनडीए को पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल की 62 सीटों में 39 सीटों पर सफलता मिली भी। पहली बार सीमांचल में एआईएमआईएम की पांच सीटों पर जीत से मजबूत इंट्री हुई। पिछले चुनाव में पूर्वी बिहार और कोसी में एनडीए हावी रहा तो सीमांचल में कांटे की टक्कर हुई। पिछले चुनाव में भाजपा को 18, जदयू को 20, हम को एक, राजद को आठ, कांग्रेस को आठ, सीपीआई (एमएल) को एक, एआईएमआईएम को पांच और निर्दलीय को एक सीट मिली थी। यानी एनडीए को 39, इंडिया गठबंधन को 17 एआईएमआईएम को पांच और निर्दलीय को एक सीट मिली थी।

लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।