बिहार में वोटर लिस्ट से 60 लाख नाम कटेंगे, दो दिन में 7 लाख मतदाताओं के फॉर्म आना बाकी
चुनाव आयोग द्वारा गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 60 लाख मतादाओं के नाम वोटर लिस्ट से कटना तय है। वोटर लिस्ट रिवीजन अभियान में दो दिन शेष हैं। 7 लाख मतदाताओं के गणना फॉर्म आयोग के पास आना अभी बाकी हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की ओर से कराए जा रहे मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण अभियान का पहला चरण खत्म होने में अब दो दिन शेष हैं। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि इस अभियान के तहत लगभग 99 फीसदी मतदाताओं को कवर कर दिया गया है। अब तक की गणना के आधार पर 60 लाख मतदाताओं के वोटर लिस्ट से नाम काटा जाना तय है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। वहीं, 1 लाख वोटर से संपर्क नहीं हो पाया है। 7 लाख वोटरों का गणना फॉर्म अभी आना बाकी है, इसके लिए शनिवार तक का समय है।
चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि वोटर लिस्ट रिवीजन के पहले चरण में घर-घर सत्यापन के तहत अब तक 21.6 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं। इनके अलावा 31.5 लाख वोटर ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से पलायन कर गए हैं। वहीं, 7 लाख मतदाताओं का नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज है। इन सभी की कुल संख्या 60 लाख से ज्यादा है। इनका नाम वोटर लिस्ट से कटना तय है।
फील्ड में काम कर रहे बूथ लेवल पदाधिकारी (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) राज्य भर में 1 लाख मतदाताओं से संपर्क नहीं साध पाए। बताया जा रहा है कि ये सभी मतदाता अपने दर्ज पते पर नहीं पाए गए और उनसे संपर्क करने के सभी प्रयास भी विफल रहे। अब इन एक लाख मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से कटेगा या नहीं, इस बारे में आयोग की ओर से फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।
चुनाव आयोग ने कहा कि अब तक बिहार में 7.21 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म भरकर आ चुके हैं और उन्हें ऑनलाइन अपलोड भी कर दिया गया है। ये कुल मतदाताओं का 91.23 प्रतिशत है। बाकी बचे फॉर्म को भी अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है।




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