वास्तु शास्त्र: अशुभ होता है इन दिनों जूते-चप्पल खरीदना, जानें पहनने से लेकर रखने के नियम
वास्तु शास्त्र में जूते-चप्पल को केवल पैरों की सुरक्षा का साधन नहीं माना जाता, बल्कि ये घर की ऊर्जा, धन-समृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति से भी जुड़े होते हैं। आइए जानते हैं जूते-चप्पल खरीदने, पहनने और रखने के नियम।

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में जूते-चप्पल को केवल पैरों की सुरक्षा का साधन नहीं माना जाता, बल्कि ये घर की ऊर्जा, धन-समृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति से भी जुड़े होते हैं। आचार्य मुकुल रस्तोगी के अनुसार, जूते-चप्पल से जुड़े कुछ नियमों का पालन न करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है, विश्वास में कमी आ सकती है और आर्थिक-मानसिक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में विस्तार से।
इन दिनों जूते-चप्पल खरीदना क्यों अशुभ?
आचार्य मुकुल रस्तोगी के अनुसार अमावस्या, मंगलवार, शनिवार और ग्रहण के दिन जूते-चप्पल खरीदना वर्जित है। इन दिनों नकारात्मक ग्रह ऊर्जा अधिक सक्रिय होती है, जो जूते-चप्पल जैसी रजोगुणी वस्तु से जुड़कर घर में आर्थिक तंगी, कलह और स्वास्थ्य समस्याएं ला सकती है। मंगलवार और शनिवार को मंगल व शनि का प्रभाव होता है, जबकि अमावस्या और ग्रहण में पितृ ऊर्जा और राहु-केतु सक्रिय रहते हैं। इन दिनों नई जूते-चप्पल खरीदने से घर में अशांति और बाधाएं बढ़ सकती हैं।
जूते-चप्पल पहनकर किन जगहों पर नहीं जाना चाहिए?
जूते-चप्पल पहनकर तिजोरी या लॉकर नहीं खोलना चाहिए, क्योंकि यह धन की देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। इससे धन हानि या आर्थिक रुकावट हो सकती है। रसोई या भंडार घर में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से विश्वास में कमी आती है और परिवार में अशांति रहती है। नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल के पास भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। मंदिर, धार्मिक स्थान या अस्पताल में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश वर्जित है। इससे पाप लगता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है।
जूते-चप्पल से जुड़े अन्य अशुभ संकेत
जूते-चप्पल, मोजे या चमड़े की वस्तुएं यदि मंदिर, धार्मिक स्थान या अस्पताल से चोरी हो जाएं, तो इसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे होने वाला दुर्भाग्य टल जाता है। जो नुकसान होने वाला था, वह नहीं होता। वहीं यदि घर में जूते-चप्पल फट जाएं या बार-बार टूटें, तो यह भी पितृ दोष या नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है। ऐसे में जूते-चप्पल को तुरंत बदलना और घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
जूते-चप्पल रखने और उपयोग के वास्तु नियम
जूते-चप्पल हमेशा घर के बाहर या शू रैक में व्यवस्थित रखें। इन्हें घर के मुख्य द्वार के अंदर या पूजा स्थल के पास न रखें। जूते-चप्पल को उल्टा करके न रखें। रात में जूते-चप्पल बाहर रखना शुभ माना जाता है। नए जूते-चप्पल खरीदने के बाद उन्हें पहले गंगाजल से शुद्ध कर लें। घर में जूते-चप्पल की संख्या विषम रखना बेहतर है। इन नियमों का पालन करने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।
वास्तु में जूते-चप्पल से जुड़े नियम छोटे लगते हैं, लेकिन इनका पालन घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखता है।




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