vaishakh amavasya 17 april 2026 surya chandra yuti amavasya par kya daan karein Vaishakh amavasya daan: वैशाख अमावस्या पर सूर्य -चंद्र युति, किन चीजों का दान आपको रखेगा खुशहाल, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Vaishakh amavasya daan: वैशाख अमावस्या पर सूर्य -चंद्र युति, किन चीजों का दान आपको रखेगा खुशहाल

vaishakh amavasya Daan: वैशाख अमावस्या बहुत खास है, स्नान और दान के लिए इससे अच्छा दिन नहीं है। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध करना उत्तम रहता है। आइए जानें सूर्य और चंद्र की युति की इस अमावस्या में क्या दान करना है।

Wed, 15 April 2026 04:05 PMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Vaishakh amavasya daan: वैशाख अमावस्या पर सूर्य -चंद्र युति, किन चीजों का दान आपको रखेगा खुशहाल

वैशाख अमावस्या पर इस साल 17अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन पितरों के लिए दान , तर्पण करना शुभ माना जाता है। वैशाख मास जैसा मास नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि इस मास में देवता और तीर्थ जल में निवास करते हैं, इसलिए इस महीने को खास माना जाता है। स्नान और दान के लिए वैशाख मास और वैशाख अमावस्या का दिन बहुत खास है। इस दिन गंगाजल में स्नान पितरों के लिए दीपदान और अन्य चीजों का दान आपको हर तरह से सुखद बनाता है।

वैशाख अमावस्या में किन चीजों का दान करना उत्तम रहता है

वैशाख मास में धूपसे तपे और थके किसी व्यक्ति को सुखद पलंग का दान करता है, उसे जन्म-मृत्यु आदि के क्लेश परेशान नहीं करते हैं। जो वैशाखमास की अमावस्या को पहनने के लिए कपड़े और बिछावन देता है, वह समस्त पापों से रहित हो मोक्ष-को प्राप्त होता है। जो तिनके की बनी हुई या अन्य खजूर आदि के पत्तों की बनी हुई चटाई दान करता है, उसकी उस चटाई पर साक्षात्‌ भगवान्‌ विष्णु शयन करते हैं। चटाई देनेवाला बैठने और बिछाने आदि में सब ओरसे सुखी रहता है। जो सोने के लिये चटाई और कम्बल देता है, वह उतने ही मात्र से मुक्त हो जाता है। ताडका पंखा देता है, वह सब पापोंका नाश करके श्रीहरि धाम को जाता है। जो पादुका दान करता है, वो विष्णुलोक में जाता है । जो मार्ग में अनाथों के ठहरने लिए विश्रामशाला बनवाता है, उसके पुण्य-फल का वर्णन किया नहीं । दोपहर में किसी को कोई भोजन दे, तो उसके फलका अन्त नहीं है। प्याऊ, बनवाकर जलकी इच्छा रखनेवालेको जल, छाया चाहने वाले को छाता और पंखे की इच्छा रखने वाले को पंखा देना चाहिए। राजेन्द्र! जो प्यास से पीड़ित महात्मा पुरुष के लिये शीतल जल प्रदान करता है, वह उतने ही मात्रसे दस हजार यज्ञोंका फल पाता है।

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वैशाख अमावस्या पर बन रहे हैं क्या संयोग

आपको बता दें कि वैशाख अमावस्या पर इस साल सूर्य और चंद्रमा का योग बन रहा है। सूर्य मेष राशि मे होंगे, चंद्रमा भी इस राशि में आएंगे। वहीं शनि मीन राशि में,मंगल मीन में, बुध मीन , राहु कुंभ राशि और केतु सिंह राशि में रहेंगे। वैशाख अमावस्या तिथि 16 अप्रैल को रात 8:11 बजे से शुरू हो रही है और यह 17 अप्रैल को शाम 5:21 बजे खत्म होगी। वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:25 बजे से 05:09 बजे तक है।

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डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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