vastu shastra what to do after removing a dried toran सूखे हुए तोरण को उतारने के बाद करें ये काम, कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी बुरी नजर
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सूखे हुए तोरण को उतारने के बाद करें ये काम, कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी बुरी नजर

Toran Vastu Shastra: आम के पत्तों के तोरण का अपना विशेष महत्व होता है। पूजा-पाठ या फिर त्योहार पर इसे लगाना काफी शुभ माना जाता है। जानिए आखिर तोरण के सूखने के बाद इसका क्या करना चाहिए? जानिए इसे हटाने का सही तरीका…

Tue, 14 Oct 2025 02:05 PMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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सूखे हुए तोरण को उतारने के बाद करें ये काम, कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी बुरी नजर

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और त्योहार के वक्त तोरण लगाने की परंपरा है। इससे ना सिर्फ घर की शोभा बढ़ जाती है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। तोरण को बंदनवार भी कहा जाता है। वैसे तो मार्केट में डिजाइनर तोरण भी मिलते हैं लेकिन आम के पत्ते और गेंदे के फूल के तोरण का महत्व अलग होता है। कहा जाता है कि जिस घर में ये तोरण लगा होता है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। तोरण लगाना आसान तो है लेकिन इससे जुड़े कुछ पारंपरिक नियम हैं जिसका पालन करना आसान नहीं होता है। अमूनन तोरण 7 से 12 दिनों में सूखने लगते हैं और इस बीच ही इसे बदलना या उतारना सही होता है। अब सवाल ये है कि उतारने के बाद इसका करना क्या है?

तोरण को उतारते ही करें ये काम

एक बात तो सबसे पहले गांठ बांध लें कि तोरण सूखने के बाद उसे उतारकर फेंकने की गलती भूलकर भी नहीं करनी है। चाहे तो आप इसे उतारकर आप किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर सकते हैं। नहीं तो इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है कि इसे मिट्टी दबा दिया जाए। दरअसल सूखे हुए तोरण को मिट्टी में दबाना बहुत ही शुद्ध और आसान तरीका है। तोरण पूजा-पाठ से ही जुड़ी चीज है। मिट्टी में दबाने से ये नेचुरल तरीके से उसमें मिल जाएगी। इसी के साथ ये धरती माता को भी अर्पित हो जाएगी। साथ ही इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। कोशिश करिए ये जगह किसी मंदिर के आसपास हो या फिर कोई साफ-सुथरी जगह हो।

बनी रहेगी सकारात्मक ऊर्जा

मिट्टी में जबाए जाने से तोरण अपने साथ सारी नकारात्मक ऊर्जा को भी ले जाता है। कहते हैं कि जिस घर में नियमित रूप से तोरण लगाया जाता है, वहां के लोगों को कभी भी बुरी नजर नहीं लगती है। दरअसल तोरण में इतनी ऊर्जा होती है कि वह सारी नकारात्मकता को अपने अंदर अवशोषित कर लेती है। सूखे जाने पर जब तोरण को मिट्टी में दबाया जाएगा तो ये अपने साथ उस बुरी ऊर्जा को भी दूर ले जाती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)