इतने दिनों में दरवाजे से हटाएं आम के पत्ते का तोरण, सूखी हुई पत्तियां देती हैं ये संकेत
हिंदू धर्म में मुख्य दरवाजे पर तोरण यानी बंदनवार लगाना काफी शुभ माना जाता है। अगर ये तोरण आम की पत्तियों का हो तो इसके कई लाभ मिलते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि इस तोरण को कितने दिन में हटा देना चाहिए?

घर के मेन दरवाजे पर तोरण यानी बंदनवार लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। सनातन धर्म में किसी भी मांगलिक काम या फिर तीज-त्योहार पर घर के मेन दरवाजे पर बंदनवार लगाया जाता है। आम के पत्ते, फूल या फिर आर्टिफिशियल बंदनवार से लोग मेन दरवाजे को सजाते हैं। मान्यता के हिसाब से आम के पत्ते से बने बंदनवार का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में आम के पत्तों को बेहद ही शुभ माना जाता है। इसकी लकड़ियों को भी मांगलिक कामों जैसे शादी और कथा इत्यादि के हवन में इस्तेमाल करते हैं। बात की जाए आम के पत्तों के बंदनवार की तो इसे कितने दिनों तक दरवाजे तक लगे रहना चाहिए? इस सवाल के जवाब को लेकर कई लोग कन्फ्यूज होते हैं।
इतने दिन बाद हटाएं तोरण
मान्यता के हिसाब से आम के पत्तों के बंदनवार को सूखते ही हटा देना चाहिए। इसे लेकर कोई तयशुदा डेट तो नहीं है। अमूनन 2 हफ्ते तक ये ताजे रहते हैं। ऐसे में 12 से 15 दिन के अंदर बंदनवार को हटाना सही रहता है। कहा जाता है कि सुखे हुए बंदनवार से घर में वास्तु दोष लग जाता है। साथ ही घर की सकारात्मक ऊर्जा में भी बाधा पड़ने लगती है। वहीं समय-समय पर इसे बदलते रहने से घर की सकारात्मक ऊर्जा हमेशा बनी रहती है। आम के पत्ते घर में सुख-समृद्धि ले आते हैं। ऐसे में इसका ताजा होना बहुत जरूरी है।
आम के पत्तों से करें ये उपाय
हिंदू धर्म में आम के पत्तों के अलावा गंगाजल का विशेष महत्व है। कुछ-कुछ दिन में पूजा करने के बाद गंगाजल को आम के पत्ते की मदद से पूरे घर में छिड़क देंगे तो इससे घर की खुशहाली बनी रहेगी और किसी की बुरी नजर भी नहीं लगेगी। साथ ही अगर किसी को अपनी आर्थिक स्थिति सही करनी है तो उसे ये उपाय समय-समय पर करते रहना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
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