som pradosh vrat 2026 puja to mantra jaap 5 important things must do during pradosh muhurat Som Pradosh Vrat 2026: शिव जी की पूजा से लेकर मंत्रों का जाप, शाम प्रदोष मुहूर्त में जरूर करें ये 5 काम, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Som Pradosh Vrat 2026: शिव जी की पूजा से लेकर मंत्रों का जाप, शाम प्रदोष मुहूर्त में जरूर करें ये 5 काम

सोम प्रदोष व्रत 2026: 30 मार्च 2026 को शाम प्रदोष मुहूर्त में शिव जी की पूजा, मंत्र जाप और 5 खास काम जरूर करें। जानिए प्रदोष मुहूर्त, पूजा विधि, शिव मंत्र और दान के नियम। सोम प्रदोष व्रत से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि आती है।

Mon, 30 March 2026 02:56 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Som Pradosh Vrat 2026: शिव जी की पूजा से लेकर मंत्रों का जाप, शाम प्रदोष मुहूर्त में जरूर करें ये 5 काम

30 मार्च 2026 यानी आज शिव भक्तों ने प्रदोष व्रत रखा है। सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली व्रत है। जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो उसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन शिव पूजा, मंत्र जाप और विशेष दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं इस दिन कौन-कौन से 5 महत्वपूर्ण काम करने चाहिए।

सोम प्रदोष व्रत 2026 की तिथि और प्रदोष मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 30 मार्च 2026 को सुबह 07:09 बजे शुरू होगी और 31 मार्च 2026 को सुबह 06:55 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, सोम प्रदोष व्रत 30 मार्च 2026 को रखा जाएगा। प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06:13 बजे से 08:33 बजे तक रहेगा। सबसे शुभ समय सूर्यास्त के 24 मिनट बाद से शुरू होता है। मान्यता है कि पूजा और मंत्र जाप इसी समयावधि में करना चाहिए।

पहला काम: शिव पूजन

सोम प्रदोष व्रत पर पूजा प्रदोष काल में करनी चाहिए। शाम को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिवलिंग या शिव जी की तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। शिवलिंग पर शुद्ध जल, चंदन, बेलपत्र, धतूरा, गन्ने का रस और शहद अर्पित करें। ध्यान रखें कि पूजा में तुलसी, शंख, केतकी या केवड़ा का प्रयोग न करें। पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते रहें।

दूसरा काम: शिव मंत्रों का जाप

प्रदोष काल में शिव मंत्रों का जाप विशेष फलदायी होता है। इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप अवश्य करें:

  1. ॐ नमः शिवाय।।
  2. ॐ नमो भगवते रुद्राय।।
  3. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।।
  4. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
  5. कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।

इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मन की शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

तीसरा काम: नटराज स्तुति

सोम प्रदोष व्रत पर नटराज स्तुति का पाठ करना बहुत शुभ है। यह स्तुति भगवान शिव के तांडव रूप की महिमा गाती है। स्तुति पढ़ने से सृष्टि, स्थिति और संहार की शक्ति का आशीर्वाद मिलता है। आप इसे प्रदोष काल में या पूजा के बाद पढ़ सकते हैं।

सत सृष्टि तांडव रचयिता

नटराज राज नमो नमः ।

हे आद्य गुरु शंकर पिता

नटराज राज नमो नमः ॥

गंभीर नाद मृदंगना

धबके उरे ब्रह्माडना ।

नित होत नाद प्रचंडना

नटराज राज नमो नमः ॥

शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा

चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां ।

विषनाग माला कंठ मां

नटराज राज नमो नमः ॥

तवशक्ति वामांगे स्थिता

हे चंद्रिका अपराजिता ।

चहु वेद गाए संहिता

नटराज राज नमोः ॥

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चौथा काम: शिवलिंग पर विशेष अर्पण

शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, चंदन और शहद चढ़ाएं। अगर संभव हो, तो शिव मंदिर जाकर पूजा करें। घर पर पूजा करते समय शिवलिंग को साफ रखें और भक्ति भाव से अर्पण करें। इससे शिव जी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

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पांचवां काम: दान और पुण्य कार्य

सोम प्रदोष व्रत पर दान का विशेष महत्व है। अपनी क्षमता अनुसार अन्न, सफेद वस्त्र, मौसमी फल या घी का दान करें। गरीबों या ब्राह्मणों को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यदायी है। दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त को उत्तम फल प्राप्त होता है।

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30 मार्च 2026 को सोम प्रदोष व्रत रखकर ऊपर बताए 5 काम अवश्य करें। इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी, मानसिक शांति मिलेगी और जीवन में सुख-समृद्धि आएगी। व्रत रखने वाले भक्त प्रदोष काल में पूजा पूरी करें और श्रद्धा के साथ नियमों का पालन करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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