Shree Ramjanmbhumi Temple Ayodhya Ramlalla bhog change due to Mesh Sankranti मेष संक्रांति के कारण अयोध्या में रामलला के भोग को बदला गया, पढ़ें क्या लगेगा भोग, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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मेष संक्रांति के कारण अयोध्या में रामलला के भोग को बदला गया, पढ़ें क्या लगेगा भोग

Shree Ramjanmbhumi Temple Ayodhya: गर्मी के इस मौसम में सतुआ बहुत उपयोगी है और इसकी तासीर ठंडी होती है। इससे पाचन क्रिया भी ठीक रहती है। इसके कारण ही पूरे माह सतुआ के छाछ का प्रयोग रामलला जी करेंगे। उ

Thu, 16 April 2026 08:20 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, अयोध्या, संवाददाता
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मेष संक्रांति के कारण अयोध्या में रामलला के भोग को बदला गया, पढ़ें क्या लगेगा भोग

भगवान सूर्य देव मेष राशि में पहुंच गये है। मेष संक्रांति के इस पर्व से सूर्य अपनी उच्च राशि में है तो उनकी प्रचंडता भी बढ़ गयी है। ऐसे में पांच वर्ष के बालक रामलला को गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए उनके आहार-विहार में बदलाव कर दिया गया है। रामलला को उनके दैनिक आहार में सुपाच्य भोज्य पदार्थों के अलावा चने की सत्तू व छाछ का भरपूर उपयोग शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा मौसमी फलों खीरा-ककड़ी, तरबूज व खरबूजा के साथ संतरे इत्यादि का रस भी परोसा जा रहा है।

सतुआ संक्रांति

मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव कहते हैं कि मेष संक्रांति को सतुआ संक्रांति भी कहा जाता है। गर्मी के इस मौसम में सतुआ बहुत उपयोगी है और इसकी तासीर ठंडी होती है। इससे पाचन क्रिया भी ठीक रहती है। इसके कारण ही पूरे माह सतुआ के छाछ का प्रयोग रामलला जी करेंगे। उन्होंने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही राम मंदिर के गर्भगृह में कूदने की व्यवस्था कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि गर्भगृह में एयर कंडीशन लगाने की व्यवस्था नहीं है क्योंकि यहां पानी के निकास का मार्ग नहीं है। जब तक पानी का निकास नहीं होगा एयर कंडीशन नहीं लगाया जा सकता है।

गर्भगृह के सामने तक व्हील चेयर की अनुमति

मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव कहते हैं कि राम मंदिर देश का अकेला ऐसा देवालय है जहां रामलला के गर्भगृह के सामने तक व्हील चेयर से जाकर दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पंजीकृत व्हील चेयर से प्रतिदिन 12 सौ से 15 सौ सामान्य रूप से श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। वह भी तब जब प्राइवेट वेंडरों को रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी संख्या को प्रतिदिन लिफ्ट से राम परिवार का दर्शन करा पाना किसी दशा में संभव नहीं है। इसीलिए राम परिवार को छोड़कर शेष मंदिरों का दर्शन कराने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी तरह सामान्य बुजुर्ग व दिव्यांगों के लिए भी लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं हो सकता है क्योंकि इनकी भी संख्या प्रतिदिन कई हजार होती है। इनको यदि सुविधा दी जाएगी तो उनके साथ आने वाले परिजन भी साथ में जाने का दबाव बनाएंगे। ऐसी स्थिति में हमारी अपील है कि राम परिवार का दर्शन वहीं श्रद्धालु करने जाएं जो स्वयं को सीढ़ी चढ़ने और उतरने में सक्षम पाते हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आखिरकार लोग एयरपोर्ट व विदेश यात्राओं के दौरान स्वयंसेवा करते हैं क्योंकि वहां वह सुविधाएं सभी को सुलभ नहीं है।

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बिना पास धारक श्रद्धालुओं को दर्शन की मिलेगी छूट

अयोध्या। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव का कहना है कि हमारी चिंता प्रमुख रूप से आम श्रद्धालुओं की है कि श्रीराम जन्मभूमि परिसर का दर्शन उन सभी लोगों को किस प्रकार कराया जाए। इस बारे में हम लोगों ने अलग-अलग ढंग से प्रयोग करने का निर्णय लिया है। पुनः उससे होने वाले अनुभवों को ध्यान में रखकर भविष्य की रुपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीर्थ क्षेत्र ने सोचा है कि बीच-बीच में जब भीड़ कम हो, उस समय परिसर में मौजूद दर्शनार्थियों को राम परिवार सहित अन्य सभी मंदिरों का दर्शन करने की छूट दी जाए। फिलहाल अभी औसतन 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन कर रहे हैं। शनिवार व रविवार के अलावा अन्य अवकाश के पर्व पर यह संख्या दो गुनी हो जाती है। फिर भी जैसे जैसे गर्मी बढ़ेगी स्वत: भीड़ का दबाव कम होगा। उस परिस्थिति में अचानक प्रयोग दोहराया जाएगा।

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