Sheetala Saptami 2026: When is Sheetala Saptami? Know Puja Vidhi, Date and Significance Sheetala Saptami 2026: कब मनाई जाएगी शीतला सप्तमी? जानें पूजा विधि और महत्व, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Sheetala Saptami 2026: कब मनाई जाएगी शीतला सप्तमी? जानें पूजा विधि और महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि देवी मां शीतला को समर्पित मानी जाती है। इन दोनों तिथियों पर मां शीतला की पूजा विशेष रूप से की जाती है। कई स्थानों पर सप्तमी के दिन व्रत और पूजा की जाती है, जबकि अष्टमी के दिन बसोड़ा मनाने की परंपरा है।

Thu, 5 March 2026 07:37 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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Sheetala Saptami 2026: कब मनाई जाएगी शीतला सप्तमी? जानें पूजा विधि और महत्व

Sheetala Saptami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि देवी मां शीतला को समर्पित मानी जाती है। इन दोनों तिथियों पर मां शीतला की पूजा विशेष रूप से की जाती है। कई स्थानों पर सप्तमी के दिन व्रत और पूजा की जाती है, जबकि अष्टमी के दिन बसोड़ा मनाने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से मां शीतला की पूजा करने से रोग-कष्ट दूर होते हैं और परिवार को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में शीतला सप्तमी का पर्व बड़ी आस्था के साथ मनाया जाता है।

शीतला सप्तमी 2026 की तिथि- वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 9 मार्च को रात 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी और 11 मार्च को रात 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर शीतला सप्तमी 10 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त देवी मां शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार के सुख-स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

शीतला सप्तमी 2026 पूजा का शुभ समय- पंचांग के अनुसार शीतला सप्तमी के दिन पूजा करने के लिए पूरा दिन शुभ माना गया है।

पूजा का शुभ समय- सुबह 06:24 बजे से शाम 06:26 बजे तक

इस दौरान भक्त देवी मां शीतला की पूजा कर सकते हैं। कई स्थानों पर अगले दिन यानी अष्टमी को बसोड़ा मनाया जाता है, जिसमें ठंडे भोजन का विशेष महत्व होता है।

शीतला सप्तमी पर बन रहे शुभ योग- ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस बार शीतला सप्तमी के दिन कुछ शुभ योग भी बन रहे हैं। इस दिन हर्षण योग का प्रभाव सुबह 08:21 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही रवि योग का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन शुभ योगों में देवी मां शीतला की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद मिलता है।

शीतला सप्तमी का धार्मिक महत्व- धार्मिक मान्यता है कि मां शीतला को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। खासकर त्वचा और संक्रमण से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए उनकी पूजा की जाती है। इस दिन भक्त मां शीतला से परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं। कई जगहों पर इस दिन घर में एक दिन पहले बना हुआ भोजन देवी को अर्पित करने की परंपरा भी होती है।

शीतला सप्तमी पूजा विधि- शीतला सप्तमी के दिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर मां शीतला की पूजा की जाती है। इसके बाद देवी को हल्दी, रोली, फूल और प्रसाद अर्पित किया जाता है। कई लोग इस दिन ठंडे भोजन का भोग लगाते हैं और परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं। श्रद्धा के साथ की गई पूजा से देवी मां शीतला की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

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डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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