2026 में इन 3 राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती, अशुभ प्रभावों से बचने के लिए करें ये उपाय
वैदिक ज्योतिष के अनुसार साल 2026 में शनि राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। शनि ढाई साल में राशि परिवर्तन करते हैं। शनि का अगला राशि परिवर्तन 2027 में होगा। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। 2026 में भी इन 3 राशियों यानी मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार साल 2026 में शनि राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। शनि ढाई साल में राशि परिवर्तन करते हैं। शनि का अगला राशि परिवर्तन 2027 में होगा। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। 2026 में भी इन 3 राशियों यानी मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण रहेगा, कुंभ राशि पर अंतिम चरण और मीन राशि पर साढ़ेसाती का मध्य चरण रहेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती लगने पर व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं, शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए क्या करें-
हनुमान जी की पूजा-
शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए कुछ आसान, प्रभावी और प्राचीन उपाय बताए गए हैं, जिन्हें नियमित रूप से करने पर मन, कर्म और परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव दिखाई देता है। सबसे महत्वपूर्ण उपाय है हनुमान जी की आराधना, क्योंकि मान्यता है कि हनुमान जी शनि के हर प्रकार के कष्ट को तुरंत दूर कर देते हैं। मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का एक से अधिक बार पाठ, बजरंग बाण का नियमित पाठ, मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना और सिंदूर चढ़ाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इससे मन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है और शनि से जुड़ी रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
शिवजी का जलाभिषेक करें-
इसी तरह शिवजी का जलाभिषेक भी शनि दोष को शांत करने का अत्यंत सरल और शक्तिशाली उपाय है। सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध या स्वच्छ पानी चढ़ाते हुए “ॐ नमः शिवाय” का जाप करने से मन में शांति, धैर्य और मानसिक स्थिरता मिलती है। ऐसा माना जाता है कि शिवजी की कृपा से जीवन की उलझनें सुलझती हैं और शनि के कारण होने वाला मानसिक दबाव भी कम होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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