Shani Jayanti 2026 date and time shobhan yog and bharni nakshtra how will you get shani kripa शनि जयंती पर शोभन योग के साथ भरणी नक्षत्र, कैसे मिलेगी शनिदेव की कृपा?, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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शनि जयंती पर शोभन योग के साथ भरणी नक्षत्र, कैसे मिलेगी शनिदेव की कृपा?

Shani Jayanti 2026: इस साल शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या पर बहुत ही शुभ योग है, इस दिन शनि भगवान की जयंती मनाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि ये दिन शनिदेव की कृपा पाने के लिए बहुत शुभ है।

Wed, 6 May 2026 03:58 PMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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शनि जयंती पर शोभन योग के साथ भरणी नक्षत्र, कैसे मिलेगी शनिदेव की कृपा?

साल की पहली शनि अमावस्या इस बार खास होगी। इस दिन शनि भगवान की जयंती मनाई जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शनि भगवान की पूजा अर्चना की जाती है। शाम को शनि भगवान के लिए दना किया जाता है। इस दिन सौभाग्य योग तो बन ही रहा है, लेकिन सुबह के बाद इस दिन शोभन योग भी बनेगा। नक्षत्रों की बात करें तो इस दिन भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसमें शुक्र देवता की कृपा मिलती है। जो इस दिन दान आदि को बहुत ही शुभ मना रहे हैं। इस साल शनि अमावस्या 16 मई को मनाई जाएगी। शनि के बारे में ओवरऑल बताएं तो इस दिन शनि मीन राशि में है, शनि अगले साल मेष राशि में जाएंगे । 17 मई को शनि रेवती नक्षत्र में जाएंगे, जून में शनि गति में बदलाव करेंगे। आइए जानें इस दिन और कौन से व्रत और त्योहार होते हैं।

ज्येष्ठ अमावस्या पर वट सावित्री व्रत

इसके साथ ही यह ज्येष्ठ माह की अमावस्या है, जिसे दर्श अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन वट सावित्री व्रत का संयोग भी बन रहा है, इस व्रत में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। इस दिन सुबह वट सावित्री व्रत और शाम को शनिदेव की पूजा करनी चाहिए। शनि जयंती के दिन भरणी नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर शाम 5:30 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र और देवता यमराज माने जाते हैं, जबकि कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य और देवता अग्नि हैं। इन सभी संयोगों के कारण इस वर्ष शनि जयंती का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है।

शनि अमावस्या ​की तिथि 16 मई को 05:11 बजे सुबह से लेकर 17 मई को 01:30 दोपहर तक है। इस बार की शनि अमावस्या स्नान, दान, व्रत और पूजा के लिए बहुत ही शुभ है। इस दिन शनि भगवान की कृपा पाने के लिए गरीबों को दान दें, जिन लोगों को आंख से दिखता नहीं है, जिन लोगों को कोढ़ आदि की बीमारी है, उन लोगों की खास तौर पर सेवा करनी चाहिए। शनिदेव के लिए काली चीजों का दान करें और पीपल के पड़े के नीचे दिए जलाए।

शनि जयंती पूजा मुहूर्त

शुभ उत्तम मुहूर्त सुबह 7:12 से सुबह 8:54 तक

लाभ उन्नति मुहूर्त दोपहर 2 से दोपहर 3:42 तक

शनि जयंती ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 से 4:48 तक

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:45 तक

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