pausha putrada ekadashi date time puja vidhi importance Pausha Putrada Ekadashi : पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कब है? नोट कर लें डेट, पूजा-विधि, महत्व और सामग्री की पूरी लिस्ट, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Pausha Putrada Ekadashi : पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कब है? नोट कर लें डेट, पूजा-विधि, महत्व और सामग्री की पूरी लिस्ट

  • पौष मास की शुक्ल पक्ष के एकादशी पर श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। यह एकादशी पुत्रदा एकादशी कही जाती है। इस बार पौ मास की पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी शुक्रवार को हैं।

Thu, 2 Jan 2025 10:36 AMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
Pausha Putrada Ekadashi : पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कब है? नोट कर लें डेट, पूजा-विधि, महत्व और सामग्री की पूरी लिस्ट

Pausha Putrada Ekadashi : पौष मास की शुक्ल पक्ष के एकादशी पर श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। यह एकादशी पुत्रदा एकादशी कही जाती है। इस बार पौ मास की पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी शुक्रवार को हैं। मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पुत्र रत्न की प्राप्ति और पुत्र की रक्षा व समृद्धि की लिए की जाती है। पुत्रदा एकादशी व्रत को हिन्दू धर्म में अत्यधिक पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान प्राप्ति और उनकी समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। संतान सुख की कामना वाले दम्पति अवश्य रखें व्रत वे दम्पति जो संतान सुख की कामना रखते हैं, इस दिन व्रत अवश्य रखें। पंचांग के अनुसार, संतान सुख की कामना ले कर यह व्रत करने पर भगवान विष्णु की परम कृपा होती है। ऐसे दम्पति की गोद अवश्य भर जाती है।

ऐसी मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी व्रत रखने से न केवल वर्तमान में संतान की रक्षा होती है बल्कि आगत संतान को भी आयुष्य की प्राप्ति होती है। विशेषकर, उन दंपतियों को भी संतान सुख प्राप्त होता है, जिनके संतान नहीं हैं। इस व्रत से भगवान विष्णु की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होती है, जो परिवार की समृद्धि और खुशहाली के लिए महत्वपूर्ण है।

एकादशी पूजा-विधि:

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।

घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें।

भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।

अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।

भगवान की आरती करें।

भगवान को भोग लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं।

इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।

इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

एकादशी पूजा-विधि सामग्री की लिस्ट-

श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति, पुष्प, नारियल, सुपारी, फल, लौंग, धूप, दीप, घी, पंचामृत, अक्षत, तुलसी दल, चंदन, मिष्ठान।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Monthly Horoscope January : मेष से लेकर मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा जनवरी?
ये भी पढ़ें:2025 आपके लिए कैसा रहेगा? यहां जानें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!