Paush purnima date and time in india january 2026 purnima kab hai full moon wolf moon will shine Purnima 2026: नए साल की पहली पूर्णिमा पर दिखेगा वुल्फ मून, सूर्य के सबसे निकट होगी पृथ्वी, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Purnima 2026: नए साल की पहली पूर्णिमा पर दिखेगा वुल्फ मून, सूर्य के सबसे निकट होगी पृथ्वी

purnima kab hai: नए साल की शुरुआत आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ होने जा रही है। आगामी 3 जनवरी को पूर्णिमा पर आकाश में 'वुल्फ मून' नजर आएगा। चांद बड़ा और चमकीला दिखेगा।

Fri, 2 Jan 2026 08:05 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, गोरखपुर, निज संवाददाता।
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Purnima 2026: नए साल की पहली पूर्णिमा पर दिखेगा वुल्फ मून, सूर्य के सबसे निकट होगी पृथ्वी

नए साल की शुरुआत आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ होने जा रही है। आगामी 3 जनवरी को पूर्णिमा पर आकाश में 'वुल्फ मून' नजर आएगा। चांद बड़ा और चमकीला दिखेगा। इसी दिन पृथ्वी, सूर्य के सबसे निकट बिंदु पर भी पहुंचेगी, जिसे खगोल विज्ञान में उपसौर (पेरीहेलियन) कहा जाता है। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जनवरी माह की पूर्णिमा को 'वुल्फ मून' कहा जाता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार सर्दियों के मौसम में भेड़ियों की आवाजें अधिक सुनाई देने के कारण इस पूर्णिमा का यह नाम पड़ा। चंद्रमा, पृथ्वी के अपेक्षाकृत निकट होने के कारण सामान्य से कुछ बड़ा और अधिक चमकीला नजर आएगा। मौसम साफ रहने पर इसे बिना दूरबीन या किसी विशेष उपकरण के आसानी से देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा उस अवस्था को कहते हैं, जब चंद्रमा पृथ्वी के दूसरी ओर सूर्य के सामने होता है और उसका पूरा भाग प्रकाशित दिखाई देता है।

धार्मिक दृष्टि से भी अहम

धार्मिक दृष्टि से पौष पूर्णिमा के रूप में यह दिन विशेष महत्व रखता है। देशभर में श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। तीर्थ क्षेत्रों में इसी दिन से माघ स्नान की शुरुआत भी मानी जाती है। (जनवरी में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं और ठंड का मौसम बना रहता है।) 3 जनवरी को पहली पूर्णिमा पर चंद्रमा दिखेगा बड़ा और चमकीला , पृथ्वी, सूर्य के सबसे निकट होने से उपसौर की भी स्थिति बनेगी

तीन जनवरी को सूर्य के सबसे निकट होगी पृथ्वी

खगोलविद् अमर पाल सिंह ने बताया कि इसी दिन पृथ्वी, सूर्य के सबसे निकट होगी। यह भारतीय समयानुसार रात लगभग 10:45 बजे घटित होगा। इस दौरान पृथ्वी, सूर्य से लगभग 14 करोड़ 70 लाख 99 हजार 894 किमी की दूरी पर होगी। उपसौर के समय पृथ्वी अपनी कक्षा में सबसे तेज गति से चलती है, जो लगभग 30.27 किमी प्रति सेकंड होती है। इसके विपरीत जब पृथ्वी, सूर्य से सबसे दूर होती है, उसे अपसौर कहा जाता है, जो वर्ष 2026 में 6 जुलाई को पड़ेगा।

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