Margashirsha Purnima Time Date Margashirsha Purnima 2025 Muhurat on 4 December Pooja kab kare Bhadra from 08:37 am Margashirsha Purnima: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सुबह 08:37 बजे से भद्रा का साया, जानें सुबह-शाम के पूजा मुहूर्त व उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Margashirsha Purnima: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सुबह 08:37 बजे से भद्रा का साया, जानें सुबह-शाम के पूजा मुहूर्त व उपाय

Margashirsha Purnima Time Date 2025: शास्त्रों के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर दान, जप, स्नान एवं पूजा-पाठ करना जरूरी व फलदायक माना गया है। इस साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भद्रा का साया भी रहने वाला है।

Wed, 3 Dec 2025 05:58 PMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Margashirsha Purnima: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सुबह 08:37 बजे से भद्रा का साया, जानें सुबह-शाम के पूजा मुहूर्त व उपाय

Margashirsha Purnima Time Date: मार्गशीर्ष पूर्णिमा बेहद पुण्यदायिनी एवं पावन तिथि मानी जाती है। इस साल गुरुवार के दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पर दान, जप, स्नान एवं पूजा-पाठ जरूरी व फलदायक माना गया है। इस खास दिन पर भगवान विष्णु की विधिवत पूजा की जाती है, खासतौर पर उनके सत्यनारायण स्वरूप की पूजा करने का विधान है। वहीं, इस साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर भद्रा का साया भी रहने वाला है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष पूर्णिमा की पूजा की विधि, मुहूर्त और उपाय-

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सुबह 08:37 बजे से भद्रा का साया

हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन 08:37 ए एम से 06:40 पी एम तक भद्रा का साया रहने वाला है। इस दिन चंद्र वृषभ राशि में रहेंगे। ऐसे में पृथ्वी पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा।

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सुबह-शाम के पूजा मुहूर्त

  1. ब्रह्म मुहूर्त 05:10 ए एम से 06:04 ए एम
  2. अभिजित मुहूर्त 11:50 ए एम से 12:32 पी एम
  3. विजय मुहूर्त 01:56 पी एम से 02:37 पी एम
  4. गोधूलि मुहूर्त 05:21 पी एम से 05:49 पी एम
  5. अमृत काल 12:48 पी एम से 02:12 पी एम
  6. निशिता मुहूर्त 11:45 पी एम से 12:39 ए एम, दिसम्बर 05
  7. रवि योग 06:59 ए एम से 02:54 पी एम
  8. शुभ - उत्तम 06:59 ए एम से 08:17 ए एम
  9. चर - सामान्य 10:53 ए एम से 12:11 पी एम
  10. लाभ - उन्नति 12:11 पी एम से 01:29 पी एम
  11. अमृत - सर्वोत्तम 05:24 पी एम से 07:06 पी एम
  12. चर - सामान्य 07:06 पी एम से 08:48 पी एम

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पूजा-विधि: मार्गशीर्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं, अगर आप नदी में स्नान नहीं कर सकते तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर घर में ही स्नान करें। मार्गशीर्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन पूरे विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण की पूजा करनी चाहिए। इस दिन प्रभु को पीले रंग के फल, फूल और वस्त्र चढ़ाना चाहिए। वहीं, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा पढ़ना बेहद शुभ माना जाता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत रखने और इस दिन लक्ष्मी नारायण की विधिवत पूजा करने से घर में सुख संपत्ति और खुशहाली बनी रहती है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा उपाय: मार्गशीर्ष की पूर्णिमा पर श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ 11 बार करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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