Makar Sankranti Snan Daan Muhurat: काशी, मिथिला पंचाग के अनुसार मकर संक्रांति कब? स्नान दान का महामुहूर्त जानें
Makar Sankranti 2026 date snan daan: सनातन में मकर संक्रांति के पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन से भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य की उपासना और गंगा स्नान विशेष फलदायी माना जाता ह

सनातन में मकर संक्रांति के पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन से भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य की उपासना और गंगा स्नान विशेष फलदायी माना जाता है। अलग-अलग समाज के लोग इसे अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। हालांकि इस बार मकर संक्रांति मनाने के लिए तिथि को लेकर पंचांगों में भेद है। काशी और मिथिला पंचांग के अपने-अपने मत हैं। इसलिए निर्णय सिंधु के अनुसार अपने-अपने क्षेत्र के लोकाचार्य के अनुसार कोई 14 को तो कोई 15 को मकर संक्रांति का त्योहार मनाएगा।
मिथिला पंचांग में 14 को मकर संक्रांति
मिथिला पंचांग का जिक्र करते हुए पंडित लोचन मिश्र बताते हैं कि 14 जनवरी बुधवार को रात्रि में 9:04 बजे संक्रांति हो रही है। मत बताता है कि 6:24 घंटा पहले और 6:24 घंटा बाद तक पुण्य काल रहता है। इसलिए 14 को ही मकर संक्राति मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मिथिला के विद्धानों के निर्णय के अनुसार इस बार माघ मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि बुधवार को रात्रि में पुण्य काल है। इसलिए इस दिन एकादशी व्रत रखने वाले चावल, चूड़ा आदि ग्रहण नहीं करेंगे। छह प्रकार से इसका भक्षण कर सकते हैं। स्नान, उबटन, होम, तिल मिश्रित जलपान, भोजन और दान। एकादशी व्रत नहीं करने वाले लोग इसका सेवन कर सकते हैं।
स्नान और दान का उत्तम मुहूर्त
वेदाचार्य पंडित रमेशचंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि काशी पंचांग के अनुसार इस बार 14 जनवरी को 14 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन पुण्यकाल में स्नान, ध्यान और दान किया जा सकता है। इसके अलावा इस दिन महापुण्यकाल 3.13 मिनट से बजे से 4 बजे तक है, 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने वालों के लिए रात्रि कालीन गोचर के कारण इस बार मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को भोर में प्राप्त हो रहा है। पंडित लोचन मिश्र बताते हैं कि ऋषिकेष पंचांग के अनुसार 15 जनवरी को संक्रांति के 40 घटी अर्थात 16 घंटा यानी दिन के 1:19 बजे तक पुण्य काल रहेगा। इस समय स्नान और दान किया जा सकता है। इस मुहूर्त में स्नान और दान उत्तम है।




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