kharmas 2026 surya dev puja vidhi and mantras for fame success and prosperity Kharmas 2026: खरमास में सूर्य देव की पूजा से मिलता है शुभ फल, इन 5 मंत्रों के जाप से बढ़ेगी यश-कीर्ति, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Kharmas 2026: खरमास में सूर्य देव की पूजा से मिलता है शुभ फल, इन 5 मंत्रों के जाप से बढ़ेगी यश-कीर्ति

खरमास 2026 में सूर्य देव की पूजा से मिलता है शुभ फल। 15 मार्च से शुरू खरमास में इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप करें और यश-कीर्ति, समृद्धि व मानसिक शांति प्राप्त करें। जानिए पूजा विधि।

Sun, 15 March 2026 02:49 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Kharmas 2026: खरमास में सूर्य देव की पूजा से मिलता है शुभ फल, इन 5 मंत्रों के जाप से बढ़ेगी यश-कीर्ति

हिंदू धर्म में खरमास एक विशेष अवधि है, जब सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करता है। इस दौरान मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि वर्जित माने जाते हैं, क्योंकि यह समय अशुभ फलदायी होता है। हालांकि, खरमास आध्यात्मिक साधना, जप-तप और देव पूजा के लिए अत्यंत उत्तम काल माना जाता है। साल 2026 में सूर्य 15 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास शुरू हो जाएगा और लगभग एक महीने तक चलेगा। इस दौरान सूर्य देव की पूजा और मंत्र जाप से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, यश-कीर्ति और समृद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं खरमास में सूर्य पूजा का महत्व और विधि।

खरमास 2026 कब शुरू और खत्म होगा?

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने से आज 15 मार्च से खरमास का आरंभ हो गया है। यह अवधि सूर्य के मीन राशि से निकलने तक चलेगी, जो अप्रैल माह के मध्य तक रहेगी। इस दौरान कोई भी शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं होता, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश जैसे कार्य टाल दिए जाते हैं। खरमास का यह समय पितृ दोष, कालसर्प दोष और अन्य ग्रह दोषों के निवारण के लिए भी विशेष माना जाता है। सूर्य देव की पूजा से इन दोषों का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-शांति बढ़ती है।

खरमास में सूर्य देव की पूजा का महत्व

खरमास में सूर्य देव की आराधना अत्यंत फलदायी होती है। शास्त्रों के अनुसार, जब सूर्य मीन या धनु राशि में होता है, तब उनकी शक्ति विशेष रूप से प्रभावी रहती है। इस दौरान पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ, यश-कीर्ति और आर्थिक उन्नति प्राप्त होती है। सूर्य देव जीवन ऊर्जा के कारक हैं, उनकी कृपा से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। खरमास में पूजा करने से ग्रह दोष कम होते हैं और वर्ष की शुभ शुरुआत होती है। यह समय आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए आदर्श है।

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खरमास में सूर्य देव के 5 प्रमुख मंत्र

खरमास के दौरान इन मंत्रों का नियमित जाप करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और यश-कीर्ति बढ़ती है:

  1. ॐ सूर्याय नमः - सूर्य देव को नमस्कार का मूल मंत्र।
  2. ॐ घृणिः सूर्याय नमः - अर्घ्य देते समय मुख्य मंत्र, शक्ति और तेज बढ़ाता है।
  3. ॐ भास्कराय नमः - प्रकाश और ज्ञान के देवता के लिए।
  4. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः - सृष्टि के आदि कारण सूर्य को समर्पित।
  5. ॐ ग्रहाणां पतये नमः - सभी ग्रहों के स्वामी सूर्य की स्तुति।

इन मंत्रों का रोज 108 या 1008 बार जाप करें। जाप के दौरान पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और सूर्य यंत्र या सूर्य की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।

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खरमास में सूर्य देव की पूजा विधि

खरमास में सूर्य पूजा की विधि सरल लेकिन प्रभावी है:

  • सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • स्वच्छ वस्त्र (विशेषकर लाल या पीला) धारण करें।
  • तांबे के लोटे में जल भरें, उसमें हल्दी, कुमकुम, लाल फूल और गुड़हल का फूल डालें।
  • सूर्य की ओर मुख करके अर्घ्य दें और “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें (कम से कम 11 या 108 बार)।
  • सूर्य यंत्र या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं।
  • सूर्य चालीसा, आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का पाठ करें।
  • अंत में फल, मिठाई या गुड़ का प्रसाद अर्पित करें और गरीबों को दान दें।

यह विधि रोज करने से सूर्य देव की कृपा बनी रहती है।

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खरमास में विशेष सावधानियां और लाभ

खरमास में मांगलिक कार्य टालें, लेकिन पूजा-पाठ, दान और जप बढ़ाएं। तामसिक भोजन से बचें और सात्विक जीवन अपनाएं। इस दौरान सूर्य पूजा से पितृ दोष, नेत्र रोग और हृदय संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। यश-कीर्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। खरमास को शुभ अवसर मानकर सूर्य देव की आराधना करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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