गुरु गोचर से कैसा रहेगा तुला से मीन राशि तक का हाल, जानें पंडित जी से
देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर का राष्ट्र पर भी व्यापक प्रभाव दिखाई देगा। स्वतंत्र भारत की कुंडली में लग्न के अनुसार देखा जाए तो देवगुरु बृहस्पति अष्टम एवं लाभ भाव के कारक होकर के धान भाव में गोचर आरंभ करेंगे। जहां से बृहस्पति की दृष्टि षष्ट भाव, अष्टम भाव एवं दशम भाव पर होगा।

देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर का राष्ट्र पर भी व्यापक प्रभाव दिखाई देगा। स्वतंत्र भारत की कुंडली में लग्न के अनुसार देखा जाए तो देवगुरु बृहस्पति अष्टम एवं लाभ भाव के कारक होकर के धान भाव में गोचर आरंभ करेंगे। जहां से बृहस्पति की दृष्टि षष्ट भाव, अष्टम भाव एवं दशम भाव पर होगा। परिणाम स्वरुप राष्ट्र के आंतरिक शत्रुओं में वृद्धि की स्थिति बनेगी। पड़ोसियों से टकराव की स्थिति बनेगी। क्योंकि बृहस्पति के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही राहु की पंचम दृष्टि बृहस्पति पर होगा। परिणाम स्वरुप बृहस्पति जो कि धर्म, धार्मिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं, सनातन धर्म एवं किसी भी धर्म के बड़े संस्थान, सभ्यता संस्कृति का मुख्य कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में बृहस्पति पर राहु की दृष्टि पढ़ने से इनमें विकृति उत्पन्न होगी। सभी 12 राशियों पर इस गोचर का प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते हैं, तुला राशि से लेकर मीन राशि तक का हाल…
तुला राशि :- पराक्रम एवं पुरुषार्थ में वृद्धि होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा एवं सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। मनोबल में वृद्धि होगा। अध्ययन अध्यापन में वृद्धि होगी। बौद्धिक क्षमता के आधार पर प्रगति होगा। मानसिक स्थिति में सुधार होगा। मनोबल में वृद्धि होगी। सोचने की क्षमता में वृद्धि होगी। शत्रुओं पर विजय की स्थिति बनती दिखाई देगी। भाई बहनों तथा मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा परंतु भाई एवं बहनों को चोट अथवा ऑपरेशन की स्थिति भी बन सकती है।
वृश्चिक राशि :- धन संबंधित कार्यों में प्रगति होगा। पारिवारिक कार्यों को लेकर मन प्रसन्न रहेगा। गृह एवं वाहन सुख में वृद्धि होगी। रियल स्टेट, कंस्ट्रक्शन, वाहन, ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए विशेष सकारात्मक प्रभाव रहेगा। खर्च में वृद्धि होगी। संतान पक्ष को लेकर थोड़ी सी चिंता बढ़ेगी। अध्ययन अध्यापन में सामान्य अवरोध की स्थिति उत्पन्न होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। दूरस्थ यात्रा का योग बनेगा। विदेशी यात्रा के लिए प्रयासरत लोगों को लाभ प्राप्त होगा। यात्रा खर्च में वृद्धि होगी।
धनु राशि :- मनोबल में वृद्धि होगी। मानसिक संतुलन में वृद्धि होगा। व्यक्तित्व तुम्हें निखार आएगा। पराक्रम पुरुषार्थ सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। राजनीति के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ प्राप्त होगा। आर्थिक गतिविधियों में सुधार होगा। आय के नये संसाधन बनेंगे। दांपत्य जीवन में सामान्य टकरा उत्पन्न हो सकता है। प्रेम संबंधों में व्यवधान हो सकता है। साझेदारी के कार्यों को लेकर मनमुटाव हो सकता है। गृह, वाहन, रियल स्टेट, कंस्ट्रक्शन से संबंधित लाभ प्राप्त हो सकता है।
मकर राशि :- धन संबंधित कार्यों में प्रगति होगा। पारिवारिक कार्यों को लेकर मनपसंद रहेगा। वाणी व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। नौकरी व्यवसाय में उन्नति होगा। कार्यस्थल में परिवर्तन की स्थिति उत्पन्न होगी। यात्रा खर्च में वृद्धि होगा। विदेशी की यात्रा का योग बन सकता है। धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ेगा। भाई-बहनों एवं अति घनिष्ठ लोगों को लेकर तनाव अथवा चिंता की स्थिति उत्पन्न होगी। मुकदमा आदि में अवरोध उत्पन्न हो सकता है। आंतरिक रोग एवं एलर्जी में वृद्धि हो सकती है।
कुंभ राशि :- कार्यों में कार्यों में एवं कार्यों के परिणाम में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा। लाभ में वृद्धि होगी। अचानक धन लाभ की स्थिति बनेगी। पैतृक संपत्ति का लाभ मिलेगा। व्यक्तित्व में निखार आएगा। मनोबल में वृद्धि होगी। आकर्षण में वृद्धि होगा। सोचने की क्षमता में सकारात्मक प्रगति होगा। कार्यों में भाग्य का साथ प्राप्त होगा। बौद्धिक क्षमता के आधार पर धन आगम के नए स्रोत बनेंगे। पारिवारिक वृद्धि होगी। पारिवारिक कार्यों को लेकर मन प्रसन्न रहेगा। संतान पक्ष को लेकर सामान्य चिंता या तनाव उत्पन्न हो सकता है।
मीन राशि :- सामाजिक प्रतिष्ठा एवं सम्मान में वृद्धि होगी। नौकरी व्यवसाय में प्रगति होगा। स्थान परिवर्तन की स्थिति बन सकती है। यात्रा खर्च में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ेगा। विदेशी यात्रा अथवा दूरस्थ यात्रा का योग बनेगा। पेट की आंतरिक समस्या में वृद्धि होगी। लीवर की समस्या एवं एलर्जी की समस्या के कारण तनाव उत्पन्न हो सकता है। मनोबल में वृद्धि । माता के स्वास्थ्य को लेकर सामान्य चिंता बनी रह सकती है। गृह एवं वाहन सुख पर खर्च बढ़ेगा। रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र से जुड़े लोगों को संभल कर कार्य करने की आवश्यकता होगी।




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