Is it okay to listen to satsang on mobile according premanand maharaj मोबाइल से सत्संग सुनने से फल मिलता है? जानें इस सवाल पर क्या बोले प्रेमानंद महाराज, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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मोबाइल से सत्संग सुनने से फल मिलता है? जानें इस सवाल पर क्या बोले प्रेमानंद महाराज

प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान एक ऐसे सवाल का जवाब दिया है जो हर किसी के मन में आता होगा। आजकल के दौर में लोग मोबाइल फोन की मदद से भजन-सत्संग सुनते हैं तो क्या ऐसे में इसका फल मिलता होगा? जानें इस पर वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा है?

Thu, 30 Oct 2025 02:27 PMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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मोबाइल से सत्संग सुनने  से फल मिलता है? जानें इस सवाल पर क्या बोले प्रेमानंद महाराज

हिंदुू धर्म में पूजा-पाठ के अलावा भजन-सत्संग सुनने का विशेष महत्व है। भजन-सत्संग सुनने से मन हमेशा शांत और प्रसन्न रहता है और इनके शब्दों में सकारात्मक ऊर्जा होती है जो नकारात्मक विचारों को हमसे आसानी से दूर कर देती है। अक्सर बड़े बुजुर्ग लोग पहले रेडियो के माध्यम से भजन-कीर्तन वगैतरह सुना करते थे। जैसे-जैसे समय बदला लोगों ने टीवी और अब मोबाइल की ओर रुख किया। देखा जाए तो मोबाइल के जरिए भजन और सत्संग सुनना काफी आसान है और इसकी मदद से कहीं भी कभी भी ये कर सकते हैं। अब सवाल ये है कि पूजा-पाठ की चीजों को ऐसे मोबाइल से सुनने से क्या लाभ मिलता है? ऐसा ही सवाल एक शख्स ने प्रेमानंद महाराज से किया तो नीचे जानिए कि इसका जवाब क्या मिला?

मोबाइल से सत्संग सुनना कितना सही?

प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मोबाइल अगर कलयुग ने चलाया है तो उसमें गुण भी है और दोष भी है। अब तुम रोज कथा बैठकर हमारे पास थोड़े ना सुनते हो। रोज मोबाइल से सुनते हो। तुम्हारा परिवर्तन होता है या नहीं? आप आए ही हो उस मोबाइल को ही सुनकर। अब आप मोबाइल को बुरा कह दो कि इस आधुनिक चीज को कलयुग ने चला दिया है तो उसमें बुरा पार्ट भी है और अच्छा पार्ट भी है।

झूठी नहीं हैं बातें

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि हमें ये देखना है कि हमारे समाज का परिवर्तन कैसे होना है? युग धर्म है और उसमें कलयुग का प्रभाव है। लाखों लोग जो प्रभावित होकर नाम जप करने लगे हैं। अगर हमारी बातें झूठी होती तो जो आज हमारे लाखों लोग जो भारतवासी है जो देश में हैं या विदेश में भी हैं। वो क्यों प्रभावित होते? परिवर्तन है या नहीं? डॉक्टर चाहे जैसा हो अगर दवा काम करें तो उसे पकड़ लेना चाहिए। ये दवा ही है।

नौजवानों पर कही ये बात

सवाल के जवाब में ही में प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि नौजवान लोग मदिरा-मास छोड़कर, गंदे आचरण छोड़कर भगवत मार्ग में चल रहे हैं। अगर झूठी बात होती तो परिवर्तन कैसे होता? ये बात समझनी होगी कि ये भगवत मार्ग है, सत्य मार्ग है और भगवान के नाम में भगवान की महिमा में कोई भी बाधा नहीं है। कलयुग भी बाधा नहीं पहुंचा सकता है। कलयुग भी सहयोग कर रहा है। संतों की बात है और वो तुम्हारा कल्याण कर देगी। हमारा कल्याण होना चाहिए, हमारा मंगल होना चाहिए। हमारा परिवर्तन होना चाहिए।

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