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होलिका दहन की पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत होती है? यहां देखें सामग्री लिस्ट

होलिका पूजन में कई विशेष वस्तुएं चढ़ाई जाती हैं। इन सामग्रियों के माध्यम से परिवार की रक्षा, सुख-समृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। आइए जानते हैं इनके बारे में…

Fri, 27 Feb 2026 10:03 AMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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होलिका दहन की पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत होती है? यहां देखें सामग्री लिस्ट

होलिका दहन होली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और प्रहलाद की भक्ति तथा होलिका के अहंकार के दहन की याद दिलाता है। होलिका दहन की पूजा बिना सही सामग्री और विधि के अधूरी मानी जाती है। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, होलिका पूजन में कई विशेष वस्तुएं चढ़ाई जाती हैं। इन सामग्रियों के माध्यम से परिवार की रक्षा, सुख-समृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। आइए जानते हैं होलिका दहन की पूजा में जरूरी सामग्री और उनका महत्व।

होलिका दहन का महत्व

होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को प्रदोष काल में किया जाता है। यह वह समय है जब बुराई का अंत होता है और अच्छाई की शुरुआत होती है। होलिका दहन की अग्नि बहुत पवित्र मानी जाती है। इसमें परिक्रमा लगाने से घर-परिवार में सुख-शांति आती है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य शामिल होते हैं और बड़े-बुजुर्ग आशीर्वाद देते हैं। होलिका की राख का तिलक लगाने से स्वास्थ्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

होलिका पूजन की मुख्य सामग्री लिस्ट

होलिका पूजन में निम्नलिखित सामग्रियां जरूरी होती हैं:

  1. नारियल – पूर्णता और शुभता का प्रतीक
  2. गुलाल – रंगों से होली का स्वागत
  3. रोली – मंगल और शुभता के लिए
  4. धूप – नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए
  5. फूल – भक्ति और प्रेम का प्रतीक
  6. गाय के गोबर के उपलों से बनी माला (गुलरिया) – परिवार की रक्षा का कवच
  7. अनाज – समृद्धि और अन्न की वृद्धि के लिए
  8. मूंग की साबुत दाल – शुभता और पवित्रता के लिए
  9. कलावा – रक्षा सूत्र के रूप में
  10. कलश में जल – जीवन और शांति का प्रतीक
  11. नया अनाज (गेहूं की बालियां) – नई शुरुआत और फसल की कामना
  12. सुपारी – शुभ कार्यों में आवश्यक
  13. घी – अग्नि को शुद्ध करने के लिए
  14. मिट्टी का दीपक – प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक
  15. सरसों के दाने – नकारात्मकता नष्ट करने के लिए
  16. लाल रंग का वस्त्र का टुकड़ा – शक्ति और ऊर्जा के लिए
  17. गन्ना – मिठास और खुशी का प्रतीक (क्षेत्रीय परंपरा)
  18. मलपुआ, गुजिया या अन्य मिठाई – प्रसाद के रूप में

इन सभी सामग्रियों को एक थाली में सजाकर परिवार के साथ पूजा स्थल पर ले जाएं।

होलिका पूजन की विधि

पूजा की शुरुआत सुबह होती है। सबसे पहले होलिका की पूजा करें। कलश में जल भरकर उसमें कलावा बांधें। उपलों की माला को होलिका पर चढ़ाएं। प्रत्येक उपला परिवार के सदस्य के नाम से चढ़ाया जाता है। गुलाल, रोली, फूल और धूप अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और सरसों के दाने डालें। नारियल और मिठाई प्रसाद के रूप में चढ़ाएं। शाम को प्रदोष काल में होलिका दहन करें। अग्नि में लकड़ी का टुकड़ा घर से लेकर डालें और परिक्रमा लगाएं। होलिका की राख का तिलक लगाएं।

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होलिका दहन से जुड़े उपाय

  • होलिका की अग्नि में पुरानी नकारात्मक चीजें (पुराने कागज, कपड़े) डालकर नकारात्मकता का दहन करें।
  • होलिका की राख से तिलक लगाने से स्वास्थ्य और सुरक्षा मिलती है।
  • परिवार के सभी सदस्यों को होलिका की परिक्रमा करनी चाहिए, इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
  • होलिका दहन के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।

होलिका दहन सिर्फ आग जलाने का काम नहीं, बल्कि बुराई का अंत और अच्छाई की शुरुआत है। सही सामग्री और विधि से पूजा करने पर परिवार में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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