Holi 2026: होलिका दहन की राख घर कब और कैसे लाना चाहिए? जानिए सही तरीका
होलिका दहन की राख घर लाकर सही विधि से उपयोग करने से नजर दोष, ग्रह पीड़ा, आर्थिक रुकावट और स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति मिलती है। राख लाने और उपयोग करने का समय और तरीका बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं इसके बारे में…

होलिका दहन की राख हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और शक्तिशाली मानी जाती है। यह राख बुराई के नाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन की राख घर लाकर सही विधि से उपयोग करने से नजर दोष, ग्रह पीड़ा, आर्थिक रुकावट और स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति मिलती है। 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा। राख लाने और उपयोग करने का समय और तरीका बहुत महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं होलिका दहन की राख को घर कब और कैसे लाना चाहिए।
होलिका दहन की राख का धार्मिक महत्व
होलिका दहन की अग्नि में नकारात्मक ऊर्जा, दोष और बाधाएं जलकर भस्म हो जाती हैं। शेष बची राख को अत्यंत शुभ और रक्षात्मक माना जाता है। गरुड़ पुराण और अन्य ग्रंथों में इसे पवित्र भस्म कहा गया है। राख से तिलक लगाने से बुरी नजर, ऊपरी बाधा और ग्रह पीड़ा से रक्षा होती है। यह राख घर में रखने से लक्ष्मी का वास बना रहता है और परिवार में शांति बनी रहती है। होलिका दहन की राख को श्रद्धा और सम्मान के साथ ही संभालना चाहिए।
राख लाने का सही समय
होलिका दहन की राख अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले या सूर्योदय के समय लानी चाहिए। राख को अग्नि पूरी तरह शांत होने के बाद ही लेना शुभ है। यदि राख अभी भी गर्म हो तो ठंडी होने का इंतजार करें। सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर राख लाने जाएं। राख लेते समय मन में सकारात्मक भाव और प्रार्थना रखें। राख को कभी भी शाम या रात में नहीं लाना चाहिए। सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है।
राख लाने और घर लाने का सही तरीका
राख को सीधे हाथ में न लें। एक साफ लाल या पीले कपड़े में बांधकर लाएं। राख को कभी जमीन पर न रखें। घर लाकर इसे पूजा स्थल या तिजोरी के पास किसी ऊंचे स्थान पर रखें। कुछ लोग राख को चांदी या तांबे के छोटे पात्र में रखते हैं। राख को अपवित्र स्थान पर न छोड़ें। यदि राख कम हो गई हो तो उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। राख लाते समय परिवार के किसी सदस्य के साथ जाएं और मन में हनुमान जी या विष्णु जी का स्मरण करें। यह तरीका राख की शक्ति को बनाए रखता है।
राख से तिलक लगाने का महत्व और विधि
होलिका दहन की राख से तिलक लगाना बहुत शुभ है। धुलेंडी की सुबह स्नान के बाद राख में थोड़ा गंगाजल मिलाकर माथे पर तिलक लगाएं। परिवार के सभी सदस्य तिलक लगाएं। इससे बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और ग्रह पीड़ा से रक्षा होती है। बच्चों को हल्का तिलक लगाने से नजर दोष दूर होता है। कुछ लोग राख को घर के कोनों में हल्का छिड़कते हैं। यह उपाय घर के वातावरण को शुद्ध रखता है। तिलक लगाने के बाद मन में सकारात्मक संकल्प लें। यह तिलक मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
राख से जुड़े अन्य लाभकारी उपाय
- व्यापार में तरक्की के लिए राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें।
- नए कार्य की शुरुआत से पहले राख का हल्का तिलक लगाएं।
- गुरुवार या शुक्रवार को राख को हल्दी के साथ मिलाकर मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाएं।
- यदि आर्थिक समस्या हो तो राख को बहते जल में प्रवाहित करें।
- राख को कभी मजाक या खेल में प्रयोग न करें। श्रद्धा और सम्मान से संभालें।
होलिका दहन की राख को सही समय पर सही तरीके से लाकर और उपयोग करने से जीवन में धन, तरक्की और सुख-शांति के रास्ते खुलते हैं। यह राख नकारात्मकता को दूर करने और भाग्य चमकाने का शक्तिशाली माध्यम है।




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