Holashtak 2026: होलाष्टक पर करें इन पावरफुल मंत्रों का जाप, क्या आप जानते हैं भगवान नरसिंह के 108 नाम?
अगले हफ्ते से होलाष्टक शुरू होने वाले हैं। इस दौरान पावरफुल मंत्रों का जाप करने से आसपास नेगेटिविटी नहीं आती है। साथ ही होलाष्टक के दिनों भगवान नरसिंह के 108 नाम का जाप करना फलदायी माना जाता है।

Holastak 2026 Date and Mantra: महाशिवरात्रि के बाद अब होली की तैयारियां हर जगह शुरू हो चुकी है। होली से पहले होलाष्टक आता है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। बता दें कि होली से पहले जो आठ दिन पड़ते हैं, उन्हें ही होलाष्टक कहते हैं। होलाष्टक के दौरान सारे नौ ग्रह बहुत ही ज्यादा उग्र और प्रचंड होते हैं। इस वजह से होलाष्टक के दिनों को अच्छा नहीं माना जाता है। इस दौरान किसी भी तरह का मांगलिक काम भी नहीं किया जाता है। हालांकि इस दौरान किए गए पूजा-पाठ को बहुत ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से पूजा की जाए तो इससे दोगुना फल मिलता है।
बता दें कि इस साल होलाष्टक की शुरुआत अगले हफ्ते 24 फरवरी से है। इस दिन मंगलवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार होलाष्टक की समाप्ति 3 मार्च को होगी
किया जाता है मंत्रों का जाप
कहा जाता है कि होलाष्टक वाला समय सही नहीं होता है क्योंकि इस दौरान नेगेटिव एनर्जी ज्यादा सक्रिय होते हैं। ऐसे में नेगेटिविटी को खत्म करने के लिए या इनसे बचने के लिए लोग मंत्रों का जाप करते हैं। शास्त्रों और पौराणिक कथाओं की मानें तो होलाष्टक के दौरान ही हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे प्रहलाद को बहुत परेशान किया था। बाद में भगवान नरसिंह ने भक्त प्रहलाद की रक्षा की थी। इसी वजह से होलाष्टक पर भगवान नरसिंह की पूजा होती है और कुछ ऐसे उपाय किए जाते हैं जो जिंदगी से नेगेटिविटी को दूर करते हैं।
करें इन पावरफुल मंत्रों का जाप
होलाष्टक पर आप भी कुछ मंत्रों का जाप करके आसपास की एनर्जी की ठीक कर सकते हैं। नीचे कुछ मंत्र हैं, जिनका उच्चारण करने से ही आसपास पॉजिटिविटी आती है और हर तरह की बाधाएं खत्म होती हैं। इसके अलावा होलाष्टक के दिनों में भगवान नरसिंह के 108 नामों के उच्चारण से भी खूब लाभ मिलते हैं।
1. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
2. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र प्रचोदयात्।।
3. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
4. ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥
5. या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
नरसिंह भगवान के 108 नाम
ॐ नवाय नमः
ॐ नवेतराय नमः
ॐ नरपतये नमः
ॐ नरात्मने नमः
ॐ नरचोदनाय नमः
ॐ नखभिन्नस्वर्णशय्याय नमः
ॐ नखदंष्ट्राविभीषणाय नमः
ॐ नादभीतदिशानागाय नमः
ॐ नन्तव्याय नमः
ॐ नखरायुधाय नमः
ॐ नरसिंहाय नमः
ॐ नराय नमः
ॐ नारस्रष्ट्रे नमः
ॐ नारायणाय नमः
ॐ नाकेशासिकृतत्रासदंष्ट्राभाधूततामसाय नमः
ॐ नाकमर्त्यातलापूर्णनादनिश्शेषितद्विपाय नमः
ॐ नामविद्राविताशेषभूतरक्षःपिशाचकाय नमः
ॐ नामनिश्श्रेणिकारूढ निजलोकनिजप्रजाय नमः
ॐ नालीकनाभाय नमः
ॐ नागारिमध्याय नमः
ॐ नागाधिराड्भुजाय नमः
ॐ नगेन्द्रधीराय नमः
ॐ नेत्रान्तस्ख्सलदग्निकणच्छटाय नमः
ॐ नारीदुरापदाय नमः
ॐ नादनिर्भिन्नपाद्माण्डाय नमः
ॐ नयनाग्निहुतासुराय नमः
ॐ नटत्केसरसञ्जातवातविक्षिप्तवारिदाय नमः
ॐ नलिनीशसहस्राभाय नमः
ॐ नतब्रह्मादिदेवताय नमः
ॐ नभोविश्वम्भराभ्यन्तर्व्यापिदुर्वीक्ष्यविग्रहाय नमः
ॐ निश्श्वासवातसंरम्भ घूर्णमानपयोनिधये नमः
ॐ निर्द्रयाङ्घ्रियुगन्यासदलितक्ष्माहिमस्तकाय नमः
ॐ निजसंरम्भसन्त्रप्तब्रह्मरुद्रादिदेवताय नमः
ॐ निर्दम्भभक्तिमद्रक्षोडिम्भनीतशमोदयाय नमः
ॐ नाकपालादिविनुताय नमः
ॐ नाकिलोककृतप्रियाय नमः
ॐ नाकिशत्रूदरान्त्रादिमालाभूषितकन्धराय नमः
ॐ नानालोकभीकरविग्रहाय नमः
ॐ निस्तारितात्मीय सन्धाय नमः
ॐ निजैकज्ञेय वैभवाय नमः
ॐ निर्व्याजभक्तप्रह्लाद परिपालन तत्पराय नमः
ॐ निर्वाणदायिने नमः
ॐ निर्व्याजभक्तैकप्राप्यतत्पदाय नमः
ॐ निर्ह्रादमयनिर्घातदलितासुरराड्बलाय नमः
ॐ निजप्रतापमार्ताण्डखद्योतीकृतभास्कराय नमः
ॐ निरीक्षणक्षतज्योतिर्ग्रहतारोडुमण्डलाय नमः
ॐ निष्प्रपञ्चबृहद्भानुज्वालारुणनिरीक्षणाय नमः
ॐ नखाग्रलग्नारिवक्ष्ससृतरक्तारुणाम्बराय नमः
ॐ निश्शेषरौद्रनीरन्ध्राय नमः
ॐ नक्षत्राच्छादितक्षमाय नमः
ॐ निर्णिद्र रक्तोत्पलाय नमः
ॐ निरमित्राय नमः
ॐ निराहवाय नमः
ॐ निराकुलीकृतसुराय नमः
ॐ निर्णिमेयाय नमः
ॐ निरीश्वराय नमः
ॐ निरुद्धदशदिग्भागाय नमः
ॐ निरस्ताखिलकल्मषाय नमः
ॐ निगमाद्रि गुहामध्यनिर्णिद्राद्भुत केसरिणे नमः
ॐ निजानन्दाब्धिनिर्मग्नाय नमः
ॐ निराकाशाय नमः
ॐ निरामयाय नमः
ॐ निरहङ्कारविबुधचित्तकानन गोचराय नमः
ॐ नित्याय नमः
ॐ निष्कारणाय नमः
ॐ नेत्रे नमः
ॐ निरवद्यगुणोदधये नमः
ॐ निदानाय नमः
ॐ निस्तमश्शक्तये नमः
ॐ नित्यजयिने नमः
ॐ नित्यपूज्याय नमः
ॐ निजप्रभाय नमः
ॐ निष्कृष्टवेदतात्पर्यभूमये नमः
ॐ निर्णीततत्त्वकाय नमः
ॐ नित्यानपायिलक्ष्मीकाय नमः
ॐ निश्श्रेयसमयाकृतये नमः
ॐ निगमश्रीमहामालाय नमः
ॐ निर्दग्धत्रिपुरप्रियाय नमः
ॐ निर्मुक्तशेषाहियशसे नमः
ॐ निर्द्वन्दाय नमः
ॐ निष्कलाय नमः
ॐ नित्यतृप्ताय नमः
ॐ निराश्रयाय नमः
ॐ निष्प्रपञ्चाय नमः
ॐ निरालोकाय नमः
ॐ निखिलप्रतिभासकाय नमः
ॐ निरूढज्ञानिसचिवाय नमः
ॐ निजावनकृताकृतये नमः
ॐ निखिलायुधनिर्घातभुजानीकशताद्भुताय नमः
ॐ निशितासिज्ज्वलज्जिह्वाय नमः
ॐ निबद्धभृकुटीमुखाय नमः
ॐ नगेन्द्रकन्दरव्यात्त वक्त्राय नमः
ॐ नम्रेतरश्रुतये नमः
ॐ निशाकरकराङ्कूर गौरसारतनूरुहाय नमः
ॐ नाथहीनजनत्राणाय नमः
ॐ नारदादिसमीडिताय नमः
ॐ नारान्तराय नमः
ॐ नारचित्तये नमः
ॐ नाराज्ञेयाय नमः
ॐ नरोत्तमाय नमः
ॐ नरात्मने नमः
ॐ नरलोकांशाय नमः
ॐ नरनारायणाय नमः
ॐ नभसे नमः
ॐ नतलोकपरित्राणनिष्णाताय नमः
ॐ नयकोविदाय नमः
ॐ निगमागमशाखाग्र प्रवालचरणाम्बुजाय नमः
ॐ नित्यसिद्धाय नमः




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