Hindu New Year Vikram Samvat 2083: Date, Gudi Padwa 2026, and What Raudra Samvatsar Means हिंदू नववर्ष 2083: 19 मार्च से बदलेगा साल, ‘रौद्र’ संवत्सर में दिखेंगे बड़े उतार-चढ़ाव, जानिए क्या रहेगा असर, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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हिंदू नववर्ष 2083: 19 मार्च से बदलेगा साल, ‘रौद्र’ संवत्सर में दिखेंगे बड़े उतार-चढ़ाव, जानिए क्या रहेगा असर

हिंदू पंचांग के अनुसार 19 मार्च 2026, गुरुवार से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होने जा रही है। इस दिन गुड़ी पड़वा के साथ हिंदू नववर्ष मनाया जाएगा। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू होगा। हिंदू परंपरा में नव संवत्सर को नए आरंभ, नई ऊर्जा और नए संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

Sat, 21 Feb 2026 01:49 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हिंदू नववर्ष 2083: 19 मार्च से बदलेगा साल, ‘रौद्र’ संवत्सर में दिखेंगे बड़े उतार-चढ़ाव, जानिए क्या रहेगा असर

Hindu New Year Vikram Samvat 2083: हिंदू पंचांग के अनुसार 19 मार्च 2026, गुरुवार से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होने जा रही है। इस दिन गुड़ी पड़वा के साथ हिंदू नववर्ष मनाया जाएगा। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू होगा। हिंदू परंपरा में नव संवत्सर को नए आरंभ, नई ऊर्जा और नए संकल्प का प्रतीक माना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी नया संवत्सर अपने साथ नई संभावनाएं और कुछ चुनौतियां लेकर आएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रौद्र’ संवत्सर है, जिसका प्रभाव साल भर देखने को मिलेगा।

ग्रहों की कैबिनेट: किसे मिला कौन सा पद- ज्योतिष परंपरा में हर नव संवत्सर के लिए ग्रहों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। इसे ग्रहों की ‘कैबिनेट’ कहा जाता है। इस बार देवगुरु बृहस्पति को राजा बनाया गया है। बृहस्पति ज्ञान, धर्म और नीति के कारक माने जाते हैं। ऐसे में साल के दौरान धार्मिक गतिविधियों में बढ़ोतरी और आध्यात्मिक रुझान देखने को मिल सकता है।

ऊर्जा और पराक्रम के कारक मंगल को मंत्री का पद मिला है। मंगल के प्रभाव से समाज में तेजी और आक्रामकता बढ़ सकती है। लोग अपने अधिकारों के लिए मुखर हो सकते हैं, लेकिन जल्द गुस्सा आना और टकराव की स्थिति भी बन सकती है।

मन के कारक चंद्रमा को गृह मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इससे आम लोगों के मनोभाव जल्दी बदल सकते हैं। भावनात्मक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

ग्रहों के राजकुमार बुध को खाद्य मंत्री बनाया गया है। बुध व्यापार, संचार और अनाज से जुड़े मामलों के कारक हैं। इससे बाजार और खाद्य आपूर्ति से जुड़े क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

‘रौद्र’ संवत्सर का प्रभाव: कैसा रहेगा साल

विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रौद्र’ है। ज्योतिष में रौद्र नाम उग्र स्वभाव का संकेत देता है। इस कारण साल के दौरान कई क्षेत्रों में हलचल बनी रह सकती है। मौसम और प्रकृति की बात करें तो कहीं अत्यधिक गर्मी और लू का असर दिख सकता है, तो कहीं अचानक तेज बारिश या तूफान जैसी स्थिति परेशान कर सकती है। प्राकृतिक आपदाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी।

सामाजिक स्तर पर लोगों में चिड़चिड़ापन और असहिष्णुता बढ़ सकती है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने की आशंका रहेगी। अपराध और हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय बन सकती है।

खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए राजा बृहस्पति का प्रभाव राहत भरा माना जा रहा है। कृषि क्षेत्र में सुधार के संकेत हैं और अच्छी पैदावार की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं के दाम बढ़ सकते हैं और उनमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

सेहत के मामले में रक्त से जुड़ी बीमारियों और नए संक्रमणों का खतरा बना रह सकता है। मौसम के बदलाव से वायरल और मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। इसलिए साल भर सेहत को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा।

नए साल में क्या करें, क्या न करें- ज्योतिषियों का मानना है कि रौद्र संवत्सर के प्रभाव को संतुलित करने के लिए व्यक्ति को अपने आचरण और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। दान-पुण्य, सेवा और जप-तप से नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में संतुलन बना रहता है। प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे प्रयास भी इस साल खास मायने रखेंगे। जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। विवाद की स्थिति बने तो शांत रहकर समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए। संयम और धैर्य से कई मुश्किलें टाली जा सकती हैं।

बन रहा है विशेष संयोग- साल 2026 में 13 पूर्णिमा और मलमास का विशेष संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह संयोग आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए खास माना जाता है। इस दौरान किए गए व्रत, पूजा और दान का फल कई गुना अधिक मिलता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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