hanuman janmotsav kab hai 2025 date time puja vidhi Hanuman Janmotsav : 2025 मेंं हनुमान जन्मोत्सव कब है? नोट कर लें डेट, पूजा-विधि, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Hanuman Janmotsav : 2025 मेंं हनुमान जन्मोत्सव कब है? नोट कर लें डेट, पूजा-विधि

  • हनुमान जी का जन्मोत्सव हर वर्ष चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसी पावन दिन हनुमान जी ने माता अंजनी की कोख से जन्म लिया था। हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति को सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है।

Mon, 10 Feb 2025 02:23 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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Hanuman Janmotsav : 2025 मेंं हनुमान जन्मोत्सव कब है? नोट कर लें डेट, पूजा-विधि

Hanuman Janmotsav : हनुमान जी का जन्मोत्सव हर वर्ष चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसी पावन दिन हनुमान जी ने माता अंजनी की कोख से जन्म लिया था। हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति को सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। हनुमान जी व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंजना एक अप्सरा थीं। जिनका श्राप के कारण पृथ्वी पर जन्म हुआ था और यह श्राप उनपर तभी हट सकता था जब वे एक संतान को जन्म देतीं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार महाराज केसरी बजरंगबली जी के पिता थे। वे सुमेरू के राजा थे और केसरी बृहस्पति के पुत्र थे। अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए 12 वर्षों की भगवान शिव की घोर तपस्या की और परिणाम स्वरूप उन्होंने संतान के रूप में हनुमानजी को प्राप्त किया। ऐसा विश्वास है कि हनुमानजी भगवान शिव के ही अवतार हैं।

हनुमान जन्मोत्सव- 12 फरवरी, शनिवार

मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - अप्रैल 12, 2025 को 03:21 ए एम बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त - अप्रैल 13, 2025 को 05:51 ए एम बजे

पूजा-विधि:

सबसे पहले मंदिर में घी की ज्योत प्रज्वलित करें।

हनुमान जी का गंगा जल से अभिषेक करें।

अभिषेक करने के बाद एक साफ वस्त्र से हनुमान जी की प्रतिमा को पोछें।

सिंदूर और घी या चमेली के तेल को मिला लें।

अब हनुमान जी को चोला चढ़ाएं।

सबसे पहले हनुमान जी के बाएं पांव में चोला चढ़ाएं।

हनुमान जी को चोला चढ़ाने के बाद चांदी या सोने का वर्क भी चढ़ा दें।

हनुमान जी को जनेऊ पहनाएं।

जनेऊ पहनाने के बाद हनुमान जी को साफ वस्त्र पहनाएं।

चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी को भोग लगाएं।

हनुमान जी की आरती भी अवश्य करें।

हनुमान चालीसा का एक से अधिक बार पाठ करें।

पूजा सामग्री की लिस्ट-

सिंदूर

घी या चमेली का तेल

चांदी या सोने का वर्क

वस्त्र

जनेऊ

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