Hanuman Janmotsav 2026: आज खास ग्रह संयोग में बजरंगबली का जन्मदिन, इन राशियों को मिलेगा लाभ
आज यानी 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर पड़ा है। मान्यता है कि इसी दिन पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा, भक्ति और सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व माना जाता है।

Hanuman Janmotsav 2026: आज यानी 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर पड़ा है। मान्यता है कि इसी दिन पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा, भक्ति और सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व माना जाता है।
इस बार का हनुमान जन्मोत्सव सिर्फ धार्मिक नजरिए से ही नहीं, बल्कि ज्योतिष के हिसाब से भी थोड़ा खास माना जा रहा है। आज के दिन ग्रहों की स्थिति भी कुछ अलग तरह का संकेत दे रही है, जिसका असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है।
दरअसल, आज मंगल ग्रह अपनी राशि बदल रहे हैं और मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। यह गोचर आने वाले कुछ हफ्तों तक असर डालेगा। साथ ही सूर्य और शनि पहले से ही इसी राशि में मौजूद हैं, जिससे एक खास योग बन रहा है। ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह समय करियर, पैसा और रिश्तों के मामले में बेहतर संकेत दे रहा है।
आइए जानते हैं, किन राशियों को होगा लाभ
मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए यह समय कामकाज में आगे बढ़ने का है। जो मेहनत आप काफी समय से कर रहे थे, अब उसका असर दिख सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आय में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं। जो लोग क्रिएटिव फील्ड में हैं, उनके लिए नए मौके खुल सकते हैं।
कन्या राशि- कन्या राशि के लोगों के लिए यह समय बदलाव लेकर आ सकता है। जो काम काफी समय से अटके हुए थे, अब पूरे होने लगेंगे। ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी और निजी जीवन में भी चीजें बेहतर होंगी। रिश्तों में मिठास आएगी और मन हल्का महसूस होगा।
मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए यह गोचर सबसे ज्यादा असरदार रहेगा। करियर और बिजनेस दोनों में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। साथ ही आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा, जिससे आप फैसले सही तरीके से ले पाएंगे।
क्या करें इस दिन- हनुमान जन्मोत्सव के दिन सुबह स्नान करके हनुमान जी की पूजा करें। उन्हें सिंदूर, लाल फूल और प्रसाद अर्पित करें। सुंदरकांड का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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