Hanuman chalisa: मंगलवार को पढ़ें हनुमान चालीसा, इस चौपाई से जानें हनुमान जी की अपार शक्ति
Hanuman chalisa Chaupai: हनुमान चालीसा कई ऐसे दोहे और चौपाई हैं, जिनमें हनुमान जी की शक्तियों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा हनुमान जी ने भगवान राम के साथ क्या -क्या किया, इसका वर्णन भी हनुमान चालीसा की चौपाई में है।

हनुमान चालीसा कई ऐसे दोहे और चौपाई हैं, जिनमें ऐसे राज छिपे हैं, जिससे भक्ति, शक्ति और भगवान की कृपा पाई जा सकती है। हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नवनिधि के स्वामी कहे गए हैं। हनुमान जी की अपार शक्तियों को वर्णन हनुमान चालीसा में किया गया है, लेकिन हमें यह जानने के लिए हनुमान चालीसा की चौपाई का अर्थ पता होना चाहिए। हनुमान चालीसा कई ऐसे दोहे और चौपाई हैं, जिनमें ऐसे राज छिपे हैं, जिससे भक्ति, शक्ति और भगवान की कृपा पाई जा सकती है। आइए जानें हनुमान चालीसा के इन चौपाई के अर्थ, जो हनुमान जी की कृपा पाने में सहायक होते हैं।
जम कुबेर दिगपाल जहां ते, कबि कोबिद कहि सके कहां ते
इस चौपाई का अर्थ है कि जम यानी यमराज, कुबेर यानी जो धन के देवता हैं, सभी दिशाओं के रक्षक, ये बड़े-बड़े लोग भी जहां से हैं वो भी हनुमान जी के यश और शक्तियों का वर्णन नहीं कर सकते हैं, तो कवि और विद्वान कैसे हनुमान जी की अपार शक्तियों को जान सकते हैं। सीधे से इस चौपाई में कहा गया है कि हनुमान जी अपार शक्तियों के स्वामी हैं, हम उनकी शक्तियों के बारे में जान नहीं सकते हैं, और उनका वर्णन नहीं किया जा सकता है।
"जुग सहस्त्र जोजन पर भानू लील्यो ताहि मधुर फल जानू"
यह चौपाई हनुमान चालीसा से ली गई है, इससे पता चलता है कि हनुमान जी की शक्ति और साहस की तुलना की ही नहीं जा सकती है। इसका अर्थ है कि बालक रूप में एक बार हनुमान जी ने सूर्य को एक मीठा फल समझकर खा लिा था। वे उसे एक मीठा फल समझकर निगल गए थे। वह सूर्य जो पृथ्वी से एक युग, सहस्त्र योजन यानी बहुत लंबी दूरी पर है।




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