रत्न शास्त्र: नीलम पहनने के बाद ना करें ये गलतियां, वरना पड़ सकता है बुरा प्रभाव
जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो, उन्हें नीलम पहनने से लाभ हो सकता है। लेकिन अगर इसे सही नियम और विधि के साथ पहना जाए, तो कई गुना लाभ प्राप्त होता है। मगर इसे गलत तरीके से पहना जाए, तो इसके अशुभ परिणाम मिलते हैं।

रत्न शास्त्र में नीलम रत्न को एक प्रभावशाली और शक्तिशाली रत्न माना गया है। नीलम रत्न शनि ग्रह का कारक माना जाता है। ज्यादातर लोग नीलम को इसलिए पहनते हैं ताकि शनि दोष का प्रभाव कम हो सके। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो, उन्हें नीलम पहनने से लाभ हो सकता है। लेकिन अगर इसे सही नियम और विधि के साथ पहना जाए, तो कई गुना लाभ प्राप्त होता है। मगर इसे गलत तरीके से पहना जाए, तो इसके अशुभ परिणाम मिलते हैं। चलिए जानते हैं कि नीलम रत्न पहनने का सही तरीका क्या है और इससे पहनने के बाद किन गलतियों से बचना चाहिए।
मान्यता है कि कोई भी रत्न हो, उसे पहनने से पहले किसी विशेषज्ञ ज्योतिष से जरूर परामर्श लें। क्योंकि हर राशि को नीलम रत्न सूट नहीं करती है। ऐसे में जान लें कि आपकी राशि के लिए कौन सा रत्न शुभ है।
नीलम पहनने की विधि
- नीलम रत्न को मध्यमा उंगली में पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है। क्योंकि नीलम रत्न का संबंध शनि ग्रह से है।
- इस रत्न को शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
- शनिवार के दिन आप ब्रह्म मुहू्र्त से लेकर शाम 7 बजे के बीच धारण कर सकते हैं।
- नीलम रत्न पहनने से पहले उसे सही तरह से गंगाजल और दूध से शुद्धि कर लें।
- नीलम पनते वक्त शनि देव के इस मंत्र का जाप कर सकते हैं-'ऊं शं शनैश्चराय नमः'
- इस मंत्र का जाप आप 108 बार कर सकते हैं।
पहनने के बाद ना करें काम
- नीलम रत्न पहनने के बाद उसे बार-बार नहीं उतारना चाहिए।
- नीलम धारण करने वाले व्यक्ति को तामसिक भोजन और शराब से परहेज करना चाहिए। इससे दुष्प्रभाव भी देखने पड़ते हैं।
- अक्सर लोग सोते समय, स्नान करते समय या व्यायाम करते समय अपने हाथों से अंगूठी में जड़ित रत्न को उतार देते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
- मान्यता है कि इससे ग्रह के साथ-साथ आपके ऊपर कई तरह की विपत्ति भी आ सकती है।
- अपना पहना हुआ रत्न भी किसी मित्र या रिश्तेदार को ट्रायल के लिए कभी नहीं देना चाहिए।
- नीलम को माणिक्य , मोती और मूंगा के साथ नहीं पहनना चाहिए, क्योंकि ये शनि के शत्रु ग्रह माने जाते हैं।
किन लोगों को पहना चाहिए नीलम रत्न
मान्यतानुसार, नीलम रत्न उन्हीं लोगों के लिए शुभ माना जाता है, जिनकी कुंडली में शनि ग्रह अच्छी स्थिति में हो। विशेषतौर पर मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए नीलम अत्यंत लाभकारी हो सकता है। क्योंकि शनि इन दोनों राशियों का स्वामी है।




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