Diwali date maa lakshmi murti buy do not bring Maa Lakshmi idol sitting on an owl Diwali Lakshmi ji puja:दिवाली के लिए लक्ष्मी जी की कैसी मूर्ति खरीदनी चाहिए, भूलकर भी न ले आएं उल्लू पर बैठी मां लक्ष्मी, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Diwali Lakshmi ji puja:दिवाली के लिए लक्ष्मी जी की कैसी मूर्ति खरीदनी चाहिए, भूलकर भी न ले आएं उल्लू पर बैठी मां लक्ष्मी

  • इस साल दिवाली पर्व को लेकर बहुत कंफ्यूजन है। अधिकतर पंचांगों में दिवाली की तारीख 31 अक्टूबर बताई गई है और कुछ पंचांग 1 नवंबर को दिवाली की तारीख बता रहे हैं। अधिकतर ज्योतिषियों की राय में दिवाली 31 अक्टूबर को शास्त्रसम्मत है,

Mon, 28 Oct 2024 10:14 PMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Diwali Lakshmi ji puja:दिवाली के लिए लक्ष्मी जी की कैसी मूर्ति खरीदनी चाहिए, भूलकर भी न ले आएं उल्लू पर बैठी मां लक्ष्मी

इस साल दिवाली पर्व को लेकर बहुत कंफ्यूजन है। अधिकतर पंचांगों में दिवाली की तारीख 31 अक्टूबर बताई गई है और कुछ पंचांग 1 नवंबर को दिवाली की तारीख बता रहे हैं। अधिकतर ज्योतिषियों की राय में दिवाली 31 अक्टूबर को शास्त्रसम्मत है, क्योंकि इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या तिथि मिल रही है, जिसमें मां लक्ष्मी का पूजन होता है।

अगर आप भी मां लक्ष्मी का पूजन करते हैं, तो मां लक्ष्मी की मुूर्ति खरीदते समय कई बातों का ध्यान रखें। सबसे पहले ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी की सिर्फ मिट्टी की प्रतिमा लाएं। मिट्टी की प्रतिमा शुद्ध होती है। मां लक्ष्मी की उल्लू वाली प्रतिमा नहीं लानी चाहिए। कहा जाता है कि उल्लू का स्वभाव चंचल होता है, ऐसी प्रतिमा लाकर उसकी पूजा करने पर आपके पास पैसा टिकेगा नहीं। ऐसी प्रतिमा लगाएं कि मां लक्ष्मी का चेहरा साफ दिखाई दे। लक्ष्मी जी की खड़ी प्रतिमा न लाएं। मां लक्ष्मी के साथ गणेश जी की भी पूजा होती है। इसलिए गणेश जी की प्रतिमा खरीदते समय सावधानी बरतें। देख लें कहीं से प्रतिमा खंडित न हो।

मां लक्ष्मी की प्रतिमा कभी घर के बाहर न लगाएं और मां लक्ष्मी की प्रतिमा को हमेशा घर के अंदर लगाना चाहिए। इसके अलावा अगर घर के बाहर मां लक्ष्मी की चरण पादुका लगानी चाहिए।चरणपादुका भी घर के अंदर की तरफ दिखने वाली होनी चाहिए।

दिवाली 2024 गुरुवार, 31 अक्टूबर

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, 31 अक्टूबर, शाम 6:52 बजे से रात 8:41 बजे तक

प्रदोष काल शाम 6 बजकर 10 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक

वृषभ काल शाम 6:52 बजे से रात 8:41 बजे तक

अमावस्या तिथि प्रारंभ 31 अक्टूबर को सुबह 6:22 बजे से

अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को सुबह 8:46 बजे समाप्त होगी

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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