Dev Deepawali 2025 Date Time Puja Vidhi Shubh Muhurat Importance and Significance Dev Deepawali 2025 : कब है देव दीपावली? नोट कर लें सही डेट, पूजा विधि और महत्व, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Dev Deepawali 2025 : कब है देव दीपावली? नोट कर लें सही डेट, पूजा विधि और महत्व

दिवाली के करीब 15 दिन बाद देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है, जिसे देवताओं की दिवाली भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था। इसी वजह से यह दिन भगवान शिव की विजय के रूप में मनाया जाता है।

Thu, 30 Oct 2025 10:50 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Dev Deepawali 2025 : कब है देव दीपावली? नोट कर लें सही डेट, पूजा विधि और महत्व

Dev Deepawali 2025 : दिवाली के करीब 15 दिन बाद देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है, जिसे देवताओं की दिवाली भी कहा जाता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था। इसी वजह से यह दिन भगवान शिव की विजय के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि देव दीपावली के दिन खुद देवता काशी (वाराणसी) में उतरकर दीप जलाते हैं और दिवाली मनाते हैं। इसलिए इस दिन दीप जलाने का खास महत्व है। माना जाता है कि घर में दीप जलाने से सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मकता आती है। इस दिन भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार के प्रकट होने की भी मान्यता है, इसलिए इस दिन की पूजा बेहद शुभ मानी जाती है।

कब है देव दीपावली 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त- पंचांग के मुताबिक, कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर 2025 की रात 10 बजकर 36 मिनट पर शुरू होगी और 5 नवंबर की शाम 6 बजकर 48 मिनट पर खत्म होगी। इसलिए देव दीपावली का पर्व 5 नवंबर 2025 (बुधवार) को मनाया जाएगी।

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पूजा का शुभ समय- देव दीपावली की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। 5 नवंबर को प्रदोष काल का समय शाम 5 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव, विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना बहुत फलदायी माना गया है।

देव दीपावली की पूजा विधि

इस दिन सुबह स्नान करें। अगर पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो पानी में गंगाजल मिलाकर घर पर ही स्नान करें।

स्नान के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

अब भगवान शिव, विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। उनके सामने शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।

भगवान को फूलों की माला पहनाएं और मिठाई, फल और शमी का फूल चढ़ाएं।

भगवान विष्णु को केले का भोग लगाएं।

शाम के समय घर के हर कोने में दीपक जलाएं — दरवाजे, बालकनी और छत तक।

शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में परिवार के साथ आरती करें।

इस दिन की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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देव दीपावली 2025 का पंचांग

सूर्योदय – सुबह 6:28 बजे

सूर्यास्त – शाम 5:40 बजे

चंद्रोदय – शाम 7:20 बजे

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:46 से 5:37 बजे तक

विजय मुहूर्त – दोपहर 1:56 से 2:41 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त – शाम 5:40 से 6:05 बजे तक

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