Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, अब खुलेंगे मंदिरों के कपाट, कल खेली जाएगी रंगों की होली Chandra Grahan 3 March 2026 LIVE: India Timing, Sutak Kaal, Effects & Dos and Donts - astrology news
More
Hindi Newsधर्मChandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, अब खुलेंगे मंदिरों के कपाट, कल खेली जाएगी रंगों की होली

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, अब खुलेंगे मंदिरों के कपाट, कल खेली जाएगी रंगों की होली

Chandra Grahan 2026 Sutak time : आज 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगा, जो अब समाप्त हो गया है। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्र ग्रहण था, जो भारत में ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई दिया। अब कल देशभर में रंगों की होली खेली जाएगी।

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, अब खुलेंगे मंदिरों के कपाट, कल खेली जाएगी रंगों की होली

Chandra Grahan 2026 Live

Yogesh Joshi| लाइव हिन्दुस्तान | Tue, 03 Mar 2026 07:18 PM
हमें फॉलो करें

Chandra Grahan 3 March 2026 LIVE: 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगा साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण अब समाप्त हो चुका है। यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण था, जिसे भारत के कई हिस्सों में देखा गया। खगोलीय दृष्टि से चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस बार यह घटना इसलिए भी खास मानी गई क्योंकि यह होली के आसपास पड़ी और देश के अलग-अलग हिस्सों से इसे देखा गया।

भारतीय समयानुसार ग्रहण का स्पर्श काल दोपहर 3:20 बजे से शुरू हुआ था। ग्रहण का मध्य समय शाम करीब 5:05 बजे रहा, जबकि ग्रहण का मोक्ष यानी समाप्ति लगभग 6:48 बजे के आसपास हुई। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई दिया, यानी जब यहां चंद्रमा का उदय हुआ तब वह पहले से ही ग्रहण की अवस्था में था और लोगों ने चंद्रमा को ग्रहणग्रस्त अवस्था में उदित होते हुए देखा।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत- जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार- में चंद्रोदय जल्दी होने के कारण वहां ग्रहण कुछ अधिक देर तक दिखाई दिया। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में यह करीब 20 से 25 मिनट तक नजर आया। पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम भारत- जैसे महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक- में चंद्रमा देर से निकलने के कारण ग्रहण का अंतिम हिस्सा ही दिखाई दिया।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक काल सुबह करीब 6:20 बजे से प्रभावी रहा और ग्रहण समाप्ति तक जारी रहा। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखे गए, नए शुभ कार्य शुरू नहीं किए गए और कई लोगों ने भोजन बनाने या खाने से भी परहेज किया। कई घरों में खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा भी निभाई गई।

ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगा। कुछ राशियों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई, हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक सामान्य खगोलीय घटना है।

ग्रहण और होली के संयोग के कारण इस बार त्योहार का क्रम थोड़ा अलग रहा। 2 मार्च की रात होलिका दहन हुआ, जबकि कल यानी 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। इस तरह 3 मार्च का दिन ग्रहण, सूतक और धार्मिक मान्यताओं के कारण खास रहा।

अब ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के पट दोबारा खोले जा रहे हैं और लोग स्नान, दान और पूजा जैसे धार्मिक कार्य कर रहे हैं।

3 Mar 2026, 07:15:44 PM IST

कल रंगों की होली: अब आसमान से धरती तक बिखरेंगे रंग

चंद्र ग्रहण के समापन के बाद अब इंतजार है रंगों के सबसे बड़े त्योहार का। कल देशभर में रंगों की होली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाएगी। आज जहां आसमान में खगोलीय घटना की चर्चा रही, वहीं कल धरती पर रंग, गुलाल और खुशियों की बौछार होगी।

सुबह होते ही गली-मोहल्लों में रंग उड़ेंगे, ढोल की थाप बजेगी और लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देंगे। बच्चों की पिचकारियों से लेकर बड़ों की टोली तक, हर जगह उत्सव का माहौल रहेगा।

ग्रहण के कारण आज कई जगह सादगी रही, लेकिन कल का दिन पूरी तरह जश्न के नाम रहेगा। रंगों के साथ रिश्तों की मिठास भी घुलेगी और होली का असली उल्लास नजर आएगा।

कल इन खूबसूरत संदेशों से अपनों को भेजें होली की शुभकामनाएं

3 Mar 2026, 07:11:39 PM IST

Chandra Grahan 2026: कोलकाता में कुछ ऐसा दिखा चंद्र ग्रहण का नजारा

3 Mar 2026, 07:10:20 PM IST

Chandra Grahan 2026: नई दिल्ली में कुछ ऐसा दिखा चंद्र ग्रहण का नजारा

3 Mar 2026, 06:59:51 PM IST

Chandra Grahan 2026: कल मनेगी होली- ग्रहण के बाद अब रंगों का उत्सव

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद अब होली का इंतजार खत्म हो गया है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात ग्रहण लगने के कारण इस बार त्योहार का क्रम थोड़ा बदला रहा, लेकिन अब कल पूरे देश में रंगों की होली मनाई जाएगी।

2 मार्च की रात होलिका दहन संपन्न हुआ था और आज ग्रहण के कारण कई धार्मिक गतिविधियां सीमित रहीं। अब ग्रहण समाप्त होने के साथ ही सूतक काल भी खत्म हो गया है। ऐसे में कल सुबह से ही रंग, गुलाल और उत्साह के साथ होली का जश्न शुरू होगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के बाद शुद्धि और स्नान कर लोग अगले दिन त्योहार मनाते हैं। इसलिए इस बार भी ग्रहण के समापन के बाद होली खेलने की तैयारी शुरू हो गई है। कल देशभर में ढोल-नगाड़ों, रंगों और खुशियों के साथ होली का पर्व मनाया जाएगा।

3 Mar 2026, 06:56:31 PM IST

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद करें ये काम

Chandra Grahan 2026 : ग्रहण के बाद करें ये काम

चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद कई लोग धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ पारंपरिक कार्य करते हैं।

  • स्नान और शुद्धि

ग्रहण खत्म होते ही स्नान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है। कई लोग स्नान के पानी में गंगाजल मिलाते हैं।

  • घर और पूजा स्थल की सफाई

ग्रहण के बाद घर में हल्की सफाई की जाती है। मंदिर या पूजा स्थान को साफ कर दीपक जलाया जाता है और भगवान की आरती की जाती है।

  • मंत्र जाप और पूजा

ग्रहण के बाद इष्ट देव का स्मरण, हनुमान चालीसा या अन्य मंत्रों का पाठ किया जाता है। यह समय सकारात्मक ऊर्जा के लिए अच्छा माना जाता है।

  • दान-पुण्य

धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के बाद दान करना पुण्यकारी होता है। जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े या दक्षिणा देने की परंपरा है।

  • ताजा भोजन बनाएं

कई लोग ग्रहण के बाद नया भोजन बनाते हैं। पहले से रखा भोजन त्यागने या पशुओं को देने की परंपरा भी कुछ घरों में निभाई जाती है।

3 Mar 2026, 06:54:33 PM IST

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण समाप्त, सूतक काल हुआ खत्म

शाम 6 बजकर 48 मिनट पर चंद्र ग्रहण औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। इसके साथ ही आज फाल्गुन पूर्णिमा पर लगा साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण खत्म हो चुका है। दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई यह खगोलीय घटना करीब साढ़े तीन घंटे तक चली और अलग-अलग चरणों से गुजरती हुई अब पूरी तरह समाप्त हो गई।

भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई दिया। यानी जब देश के ज्यादातर हिस्सों में चंद्रमा उदित हुआ, तब तक ग्रहण अपने अंतिम चरण में था। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में लोगों को थोड़ी अधिक अवधि तक दृश्यता मिली, जबकि उत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत में करीब 20 से 30 मिनट तक ही चंद्रमा पर छाया देखी जा सकी।

ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया धीरे-धीरे चंद्रमा पर बढ़ी और फिर उसी क्रम में हटती चली गई। अब चंद्रमा पूरी तरह अपनी सामान्य, चमकीली और गोल आकृति में लौट आया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्ति के साथ ही सूतक काल भी खत्म हो गया है।

3 Mar 2026, 06:43:12 PM IST

Chandra Grahan 2026 : कुछ ऐसा दिखा चंद्र ग्रहण का नजारा

3 Mar 2026, 06:37:49 PM IST

Chandra Grahan 2026: अब समापन की ओर चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2026: ग्रहण के समाप्त होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। शाम 6:48 बजे प्रच्छाया का अंतिम स्पर्श खत्म होते ही यह खगोलीय घटना औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी। देश के ज्यादातर शहरों में अब चंद्रमा लगभग सामान्य रूप में लौट रहा है। हल्का सा कटाव अभी भी दिख सकता है, लेकिन कुछ ही मिनटों में वह भी गायब हो जाएगा। आज का यह चंद्र ग्रहण भारत में सीमित समय के लिए दिखाई दिया, लेकिन लोगों ने इसे उत्साह और जिज्ञासा के साथ देखा।

3 Mar 2026, 06:36:08 PM IST

Chandra Grahan 2026 : कुछ ऐसा दिखा चंद्र ग्रहण का नजारा

3 Mar 2026, 06:27:59 PM IST

Chandra Grahan 2026: छाया तेजी से हट रही, चांद सामान्य रूप की ओर

Chandra Grahan 2026: ग्रहण का समापन करीब 6:48 बजे तय है और अब छाया का असर तेजी से कम हो रहा है। जो हिस्सा कुछ मिनट पहले तक गहरे रंग में था, वह अब धीरे-धीरे चमक पकड़ रहा है। पूर्वी भारत में चंद्रमा पहले निकला, इसलिए वहां ग्रहण का दृश्य थोड़ा लंबा रहा। कुछ ही देर में अब उत्तर और मध्य भारत में भी अंतिम चरण दिख सकता है। यह वह समय होगा जब दर्शक आखिरी बार चंद्रमा के किनारे पर पृथ्वी की छाया देख सकते हैं।

3 Mar 2026, 06:20:36 PM IST

Chandra Grahan 2026 : भारत में ग्रहण का अंतिम चरण साफ दिखाई दे रहा है

Chandra Grahan 2026 : देश के कई हिस्सों में चंद्रमा क्षितिज से ऊपर उठ चुका है। चांद पर पृथ्वी की छाया का स्पष्ट कटाव देखा जा सकता है। हालांकि ग्रहण का पूर्ण चरण पहले ही समाप्त हो चुका है, लेकिन आंशिक चरण अभी जारी है। चंद्रमा पूरी तरह लाल नहीं है, लेकिन उसके एक हिस्से पर हल्का गहरा रंग और छाया साफ नजर आ रही है। अब जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, पृथ्वी की छाया धीरे-धीरे हटती जाएगी और चंद्रमा अपनी सामान्य चमक में लौटेगा।

3 Mar 2026, 06:10:28 PM IST

Chandra Grahan 2026 : ब्लड मून का पूरा दृश्य भारत में नहीं दिखेगा

Chandra Grahan 2026 : जो गहरा लाल ‘ब्लड मून’ चरण था, वह भारत में सीधे दिखाई नहीं दिया क्योंकि उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे था। अब जो दिख रहा है, वह लालिमा का हल्का असर या छाया का अंतिम रूप है।

3 Mar 2026, 06:10:00 PM IST

Chandra Grahan 2026: पूर्वी भारत में ज्यादा स्पष्ट दृश्य

Chandra Grahan 2026: पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में चंद्रमा अपेक्षाकृत जल्दी उदित होता है। इसलिए यहां लोगों को ग्रहण का दृश्य थोड़ा अधिक समय तक देखने का मौका मिल रहा है। क्षितिज के पास हल्का धुंधलापन हो सकता है, लेकिन छाया साफ नजर आ रही है। जैसे-जैसे चांद ऊपर उठेगा, दृश्य और स्पष्ट होगा।

3 Mar 2026, 06:08:33 PM IST

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण देखने के लिए खास टेलीस्कोप लगाए गए हैं। इन टेलीस्कोप की मदद से लोग इस खगोलीय घटना को साफ तौर पर देख पा रहे हैं।

3 Mar 2026, 06:06:00 PM IST

Chandra Grahan 2026 : भारत में शुरू हो चुकी है ग्रहण की दृश्यता

Chandra Grahan 2026 : इस समय देश के पूर्वी हिस्सों में चंद्रमा क्षितिज पर दिखाई देना शुरू हो चुका है। चंद्रमा सामान्य चमक में नहीं बल्कि हल्की छाया के साथ नजर आ रहा है। ग्रहण का मुख्य चरण बीत चुका है, लेकिन पृथ्वी की छाया अभी भी चांद के एक हिस्से पर मौजूद है। यही कारण है कि भारत में ग्रहण अब ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिख रहा है।

3 Mar 2026, 05:55:55 PM IST

Chandra Grahan 2026 : ग्रहण दिखते ही बजाएं शंख-घंटी? जानिए क्या है मान्यता

Chandra Grahan 2026 : जैसे ही भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देना शुरू होता है, कई घरों में शंख और घंटी बजाने की परंपरा निभाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।

मान्यता यह भी है कि ग्रहण के दौरान प्रकृति में सूक्ष्म बदलाव होते हैं, ऐसे में शंख ध्वनि और घंटी की आवाज को शुभ माना जाता है। मंदिरों में भी कई जगह ग्रहण के समय शंखनाद किया जाता है।

शंख की ध्वनि को पवित्र और ऊर्जा देने वाली माना जाता है। परंपरागत मान्यता है कि इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और मन में सकारात्मकता आती है।

3 Mar 2026, 05:48:37 PM IST

Chandra Grahan 2026 : सुरक्षित है चंद्र ग्रहण देखना

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी खास चश्मे या उपकरण की जरूरत नहीं होती। इसे खुले आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। जिन जगहों पर आसमान साफ है, वहां लोग छत या खुले मैदान में खड़े होकर इस खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं। अगले कुछ मिनटों में देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देना शुरू हो जाएगा।

3 Mar 2026, 05:44:17 PM IST

Chandra Grahan 2026 : उत्तर भारत में 20 से 30 मिनट तक दिख सकता है चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2026 : दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पटना जैसे शहरों में चंद्रमा शाम करीब 6 बजे के आसपास निकलेगा। उस समय तक ग्रहण अपने अंतिम चरण में होगा। इसका मतलब है कि यहां लोगों को करीब 20 से 25 मिनट तक ही ग्रहण का दृश्य देखने को मिलेगा। जैसे-जैसे चंद्रमा ऊपर उठेगा, पृथ्वी की छाया धीरे-धीरे हटती जाएगी। यह दृश्य भले ही छोटा हो, लेकिन खगोलीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।

3 Mar 2026, 05:39:49 PM IST

Chandra Grahan 2026 : भारत में दिखने लगा है चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2026 : अब देश के पूर्वी हिस्सों में चंद्रमा का उदय शुरू हो चुका है। अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में लोग क्षितिज पर ग्रहणग्रस्त चांद देख पा रहे हैं। चंद्रमा पूरी चमक में नहीं बल्कि हल्की छाया के साथ दिखाई दे रहा है। यह ग्रहण का अंतिम चरण है। जैसे-जैसे पश्चिम की ओर बढ़ेंगे, दृश्यता थोड़ी देर से शुरू होगी। कुछ ही देर में दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई शहरों में भी चांद निकलना शुरू हो जाएगा।

3 Mar 2026, 05:35:44 PM IST

Chandra Grahan 2026 : खग्रास समाप्त: अब आंशिक ग्रहण जारी

Chandra Grahan 2026 : शाम 5 बजकर 33 मिनट पर खग्रास चरण समाप्त हो चुका है। इसका मतलब है कि अब चंद्रमा पूरी तरह गहरी छाया में नहीं है। अब ग्रहण आंशिक रूप में जारी है। पृथ्वी की छाया का एक हिस्सा अभी भी चांद पर बना हुआ है, लेकिन पूर्ण ढकाव खत्म हो चुका है। भारत के जिन शहरों में चंद्र उदय जल्दी होता है, वहां लोगों को अब ग्रहण का अंतिम चरण देखने को मिल सकता है।

3 Mar 2026, 05:28:05 PM IST

Chandra Grahan 2026 : धीरे-धीरे कम हो रहा है पूर्ण चरण का असर

Chandra Grahan 2026 : अब ग्रहण अपने मध्य काल से आगे बढ़ चुका है। पृथ्वी की गहरी छाया का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा। अगला अहम चरण शाम 5 बजकर 33 मिनट पर आएगा, जब खग्रास समाप्त होगा। यानी चंद्रमा पूरी तरह छाया से बाहर निकलना शुरू करेगा। यह बदलाव धीरे-धीरे होता है। चांद का लाल रंग फीका पड़ने लगता है और उसकी सामान्य चमक लौटने की प्रक्रिया शुरू होती है।

3 Mar 2026, 05:21:11 PM IST

Chandra Grahan 2026 : भारत में शुरू होने वाला है चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण का खगोलीय क्रम भले ही दोपहर से जारी हो, लेकिन अब वह समय करीब आ गया है जब यह भारत में भी दिखाई देना शुरू होगा। देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्रमा का उदय शाम के समय हो रहा है और जैसे ही चांद क्षितिज पर दिखाई देगा, वह सामान्य नहीं बल्कि ग्रहणग्रस्त अवस्था में नजर आएगा।

पूर्वोत्तर भारत- जैसे अरुणाचल प्रदेश और असम- में चंद्रमा सबसे पहले उदित होगा, इसलिए वहां लोगों को ग्रहण का दृश्य सबसे पहले देखने को मिलेगा। इसके बाद पूर्वी राज्यों और फिर उत्तर भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देना शुरू होगा। पश्चिम और दक्षिण भारत में चांद थोड़ी देर से निकलेगा, इसलिए वहां ग्रहण का अंतिम चरण ही देखा जा सकेगा।

यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण है। जब चंद्रमा उदय होगा, तब तक ग्रहण अपने अंतिम दौर में होगा, इसलिए भारत में यह सीमित समय के लिए ही दिखाई देगा। ज्यादातर शहरों में करीब 20 से 30 मिनट तक ग्रहण का दृश्य रहने की संभावना है।

आसमान साफ होने पर लोग खुले आंखों से इस खगोलीय घटना को देख सकते हैं। किसी विशेष चश्मे की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे चंद्रमा ऊपर उठेगा, पृथ्वी की छाया धीरे-धीरे हटती जाएगी और चांद अपनी सामान्य चमक में लौट आएगा।

3 Mar 2026, 05:14:29 PM IST

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण के दौरान करें हनुमान चालीसा का पाठ, माना जाता है शुभ

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताओं में खास महत्व बताया गया है। कई लोग मानते हैं कि ग्रहण काल के दौरान मंत्र जप और पाठ करना शुभ फल देता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस समय हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, ऐसे में हनुमान चालीसा का पाठ मानसिक शांति और सकारात्मकता देता है। खासकर जब चंद्र ग्रहण हो, तो मन को स्थिर रखने और भय या भ्रम से दूर रहने के लिए भगवान हनुमान का स्मरण किया जाता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, ग्रहण काल में किया गया जप सामान्य समय की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी माना जाता है। इसलिए कई लोग घर पर बैठकर शांत मन से हनुमान चालीसा पढ़ते हैं या मंत्र जप करते हैं।

ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और पूजा करने की भी परंपरा है। ऐसे में अगर आप धार्मिक मान्यता का पालन करते हैं, तो ग्रहण काल के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

3 Mar 2026, 05:09:03 PM IST

Chandra Grahan 2026: दुनिया के कई हिस्सों में दिखने लगा ‘ब्लड मून’

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण अपने चरम की ओर बढ़ चुका है और दुनिया के कई हिस्सों में अब ‘ब्लड मून’ साफ दिखाई देने लगा है। जहां-जहां इस समय चंद्रमा आकाश में मौजूद है, वहां उसका रंग गहरा लाल या तांबे जैसा नजर आ रहा है। यही वह चरण है जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में होता है।

हालांकि भारत से यह दृश्य सीधे नहीं दिख रहा है, क्योंकि यहां चंद्रमा अभी उदित नहीं हुआ है या अधिकांश हिस्सों में वह क्षितिज के नीचे है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समयानुसार जिन देशों में चांद पहले से आकाश में है, वहां ग्रहण का मध्य काल चल रहा है और लालिमा साफ देखी जा रही है।

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह लाल रंग पृथ्वी के वातावरण से छनकर आने वाली सूर्य की किरणों की वजह से बनता है। जैसे ही परमग्रास का समय आया, चंद्रमा ने अपना सामान्य सफेद रूप छोड़कर लाल आभा ले ली।

भारत में चंद्रमा उदय होने तक यह पूर्ण लाल रूप काफी हद तक बदल चुका होगा। फिलहाल, ग्लोबल स्तर पर ब्लड मून का शानदार दृश्य देखने को मिल रहा है।

3 Mar 2026, 05:04:03 PM IST

Chandra Grahan 2026 : परमग्रास शुरू: चंद्र ग्रहण का मध्य काल

शाम 5 बजकर 05 मिनट पर चंद्र ग्रहण अपने परमग्रास चरण में प्रवेश कर चुका है। यह ग्रहण का मध्य काल है- यानी अधिकतम अवस्था। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में होता है। इसी वजह से उसका रंग लाल या गहरा तांबे जैसा दिखाई देता है। यह दृश्य कुछ समय के लिए स्थिर रहता है और यही ग्रहण का सबसे प्रभावशाली पल माना जाता है। हालांकि भारत में चंद्रमा का उदय अभी बाकी है, इसलिए देश के अधिकतर हिस्सों में यह दृश्य सीधे नहीं देखा जा सकेगा। लेकिन खगोलीय गणना के अनुसार यही ग्रहण का चरम बिंदु है।

3 Mar 2026, 05:02:02 PM IST

Chandra Grahan 2026 : ग्रहण अपने चरम के करीब, चांद पूरी तरह छाया में

Chandra Grahan 2026 : इस समय चंद्र ग्रहण अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण के बेहद करीब है। पृथ्वी की गहरी छाया अब चंद्रमा को लगभग पूरी तरह ढक चुकी है। यही वह समय है जब चांद का रंग बदलना शुरू हो जाता है। आकाश साफ होने पर चंद्रमा हल्का तांबे जैसा या लालिमा लिए दिख सकता है। यह वही चरण है जिसे आम भाषा में “ब्लड मून” कहा जाता है। हालांकि भारत के कई हिस्सों में चंद्रमा अभी क्षितिज से नीचे है, लेकिन जहां दृश्यता संभव है, वहां यह पल बेहद खास माना जा रहा है। खगोल विज्ञान की दृष्टि से यह वह क्षण है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा लगभग एक सीध में होते हैं। ग्रहण का मध्य काल कुछ ही मिनटों में शुरू होगा।

3 Mar 2026, 04:55:20 PM IST

Chandra Grahan 2026 : भारत में चंद्र ग्रहण दिखने का सटीक समय

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो चुका है, लेकिन भारत में यह उसी समय से दिखाई नहीं देता। देश में ग्रहण चंद्रमा के उदय के साथ दिखना शुरू होता है। इसलिए हर शहर में इसका समय अलग है। भारत में ज्यादातर जगहों पर चंद्रमा का उदय शाम 5 बजे से 6:40 बजे के बीच हो रहा है। जैसे ही चांद क्षितिज से ऊपर आएगा, उसी समय ग्रहण का जो भी चरण चल रहा होगा, वही दिखाई देगा।

पूर्वोत्तर भारत में- जैसे अरुणाचल प्रदेश और असम में चंद्रमा लगभग 5:03 से 5:20 बजे के बीच उदित हो रहा है। इसलिए वहां ग्रहण सबसे पहले दिखाई देगा।

उत्तर और पूर्व भारत के शहरों - जैसे वाराणसी (5:43 बजे), पटना (5:55 बजे), कोलकाता (लगभग 5:43 बजे)- में ग्रहण शाम 5:40 बजे के बाद से दिखाई देगा।

दिल्ली, जयपुर, लखनऊ जैसे शहरों में यह लगभग 6:00 से 6:25 बजे के बीच दिखाई देना शुरू होगा।

पश्चिम और दक्षिण भारत- जैसे मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद- में चंद्रमा 6:25 से 6:40 बजे के बीच निकल रहा है, इसलिए वहां ग्रहण का अंतिम चरण ही दिखेगा।

भारत में ग्रहण की दृश्यता चंद्र उदय से लेकर लगभग 6:48 बजे तक रहेगी, क्योंकि इसी समय प्रच्छाया का अंतिम स्पर्श समाप्त होगा।

3 Mar 2026, 04:51:57 PM IST

Chandra Grahan 2026 : क्या भारत में ब्लड मून दिखेगा?

Chandra Grahan 2026 : भारत में पूरा ब्लड मून ज्यादातर जगहों पर नहीं दिखेगा।

आज चंद्र ग्रहण का परमग्रास यानी जब चांद पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में होगा और लाल रंग में दिखेगा, वह चरण शाम करीब 5:04 बजे के आसपास है। लेकिन भारत के अधिकतर शहरों में चंद्रमा का उदय ही 6 बजे के बाद हो रहा है। इसका मतलब यह है कि जब ब्लड मून अपने चरम पर होगा, उस समय चांद भारत में क्षितिज के नीचे रहेगा। इसलिए देश के ज्यादातर हिस्सों में लोगों को पूरा लाल चांद देखने का मौका नहीं मिलेगा।

हालांकि पूर्वोत्तर भारत- जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और आसपास के इलाकों- में चांद थोड़ा पहले निकलता है। वहां के कुछ हिस्सों में ग्रहण का गहरा चरण आंशिक रूप से दिख सकता है। लेकिन पूर्ण और लंबा ब्लड मून दृश्य भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देगा।

जब चांद भारत में उदित होगा, तब तक खग्रास चरण समाप्ति की ओर बढ़ चुका होगा। ऐसे में लोगों को हल्की छाया या ग्रहण का अंतिम हिस्सा ही नजर आएगा।

यानी भारत में आज ब्लड मून का पूरा लाल रूप नहीं, बल्कि उसका आंशिक और अंतिम दृश्य ही देखने को मिलेगा।

3 Mar 2026, 04:44:48 PM IST

Chandra Grahan 2026 : ब्लड मून कब दिखेगा?

Chandra Grahan 2026 : ब्लड मून यानी वह पल जब चंद्रमा गहरे लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, आज शाम खग्रास चरण के दौरान दिखेगा। इसका सबसे प्रभावशाली समय शाम 5 बजकर 04 मिनट के आसपास रहेगा, जब ग्रहण अपने परमग्रास यानी मध्य काल में होगा। खग्रास चरण 4 बजकर 35 मिनट पर शुरू हो गया है। इसी समय से चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करता है और धीरे-धीरे उसका रंग बदलना शुरू होगा। जैसे-जैसे चंद्रमा छाया के केंद्र की ओर बढ़ेगा, लालिमा गहरी होती जाएगी।

सबसे ज्यादा लाल रंग आमतौर पर मध्य काल के आसपास दिखता है, यानी करीब 5:04 बजे। हालांकि यह रंग मौसम, वातावरण और हवा में धूल के कणों पर भी निर्भर करता है। कहीं चांद हल्का तांबे जैसा दिख सकता है, तो कहीं गहरा लाल।

ध्यान रहे, भारत के कई हिस्सों में चंद्रमा उदय शाम 6 बजे के बाद होगा। ऐसे में वहां के लोगों को ब्लड मून का पूरा दृश्य नहीं, बल्कि उसका अंतिम चरण ही देखने को मिलेगा। अगर आसमान साफ है, तो शाम 5 बजे से 5:30 बजे के बीच ब्लड मून का सबसे शानदार नजारा देखा जा सकता है।

3 Mar 2026, 04:41:40 PM IST

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण का मध्य काल (परमग्रास) कब होगा?

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण का मध्य काल (परमग्रास) आज शाम 5 बजकर 04 मिनट (आईएसटी) पर शुरू होगा। यही वह समय होता है जब चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया के ठीक केंद्र में पहुंच जाता है और ग्रहण अपने चरम पर होता है। इससे पहले 4 बजकर 35 मिनट पर खग्रास चरण शुरू होगा, यानी चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में प्रवेश कर जाएगा। उसके बाद करीब आधे घंटे के भीतर 5:04 बजे वह अधिकतम अवस्था में पहुंच जाएगा।

मध्य काल के दौरान चांद का रंग गहरा तांबे या लालिमा लिए दिखाई दे सकता है। यही वह पल होता है जिसका इंतजार खगोल प्रेमी सबसे ज्यादा करते हैं। इसके बाद 5 बजकर 33 मिनट पर खग्रास चरण समाप्त होना शुरू होगा और चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी की गहरी छाया से बाहर आने लगेगा।

3 Mar 2026, 04:39:02 PM IST

Chandra Grahan 2026 : ग्रहण की अवधि

Chandra Grahan 2026 : यदि कुल अवधि की बात करें तो यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण लगभग 3 घंटे 25 मिनट 17 सेकंड तक प्रभावी रहेगा। वहीं खग्रास यानी पूर्ण चरण की अवधि 57 मिनट 27 सेकंड रहेगी। सबसे लंबा चरण उपच्छाया का रहा, जिसकी कुल अवधि 5 घंटे 35 मिनट 45 सेकंड की है। हालांकि उपच्छाया चरण आमतौर पर साफ नजर नहीं आता, लेकिन खगोलीय गणना में इसे शामिल किया जाता है।

भारत में स्थानीय दृश्यता की अवधि लगभग आधे घंटे रहेगी, क्योंकि चंद्र उदय देर से होगा, इसलिए वहां लोगों को ग्रहण का अंतिम भाग ही देखने को मिला।

3 Mar 2026, 04:34:31 PM IST

Chandra Grahan 2026 : चंद्र ग्रहण का परिमाण: 1.14 का क्या मतलब?

Chandra Grahan 2026 : इस चंद्र ग्रहण का परिमाण 1.14 दर्ज किया जाएगा। परिमाण का अर्थ होता है कि पृथ्वी की छाया ने चंद्रमा के व्यास को कितने हिस्से तक ढका। 1.14 का मतलब है कि चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में आएगा और उससे थोड़ा अधिक भाग भी छाया क्षेत्र में रहेगा।

वहीं उपच्छाया ग्रहण का परिमाण 2.18 रहेगा, जो यह दर्शाता है कि उपच्छाया क्षेत्र का प्रभाव चंद्रमा पर अधिक समय तक बना रहेगा।

यह आंकड़े खगोल विज्ञान की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर ग्रहण की तीव्रता और दृश्यता का आकलन किया जाता है।

परिमाण 1 से अधिक होने का अर्थ है कि यह पूर्ण चंद्र ग्रहण की श्रेणी में आता है, हालांकि भारत के कई हिस्सों में यह आंशिक रूप में दिखाई देगा।

3 Mar 2026, 04:17:31 PM IST

Chandra Grahan 2026 : ग्रहण के चरण: उपच्छाया से लेकर परमग्रास तक पूरा क्रम

Chandra Grahan 2026 : खगोलीय दृष्टि से यह ग्रहण कई चरणों में आगे बढ़ता है। सबसे पहला चरण उपच्छाया स्पर्श का था, जो दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर शुरू हुआ। इस समय चांद पर हल्की धुंधली छाया पड़नी शुरू होती है, जिसे सामान्य आंखों से पहचानना मुश्किल होता है। इसके बाद प्रच्छाया से पहला स्पर्श दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर हुआ। यही वह समय होता है जब चंद्रमा का स्पष्ट हिस्सा कटता हुआ दिखाई देने लगता है। इसे ही चंद्र ग्रहण प्रारंभ होना कहा जाता है।

ग्रहण का सबसे महत्वपूर्ण चरण खग्रास प्रारंभ शाम 4 बजकर 34 मिनट पर होगा और परमग्रास यानी अधिकतम ग्रहण 5 बजकर 03 मिनट पर होगा। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में पूरी तरह आ जाएगा। इसके बाद शाम 5 बजकर 33 मिनट पर खग्रास समाप्त होगा और धीरे-धीरे ग्रहण अंतिम चरण की ओर बढ़ेगा। यह पूरा क्रम वैज्ञानिक रूप से पृथ्वी-सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति को दर्शाता है।

3 Mar 2026, 04:14:28 PM IST

Chandra Grahan 2026 : भारत में चंद्रोदय के साथ ही दिखा खंडग्रास

Chandra Grahan 2026 : भारत में आज चंद्र ग्रहण का दृश्य चंद्रोदय के साथ ही शुरू होगा। यहां चंद्रमा शाम 6 बजकर 16 मिनट पर उदित होगा और उसी क्षण वह ग्रहणग्रस्त स्थिति में दिखाई देगा। चांद सामान्य चमक में नहीं बल्कि पहले से ढके हुए रूप में नजर आएगा। यह स्थिति “खंडग्रास चंद्र ग्रहण” कहलाती है, जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में होता है। ग्रहण का स्थानीय दृश्य लगभग 30 मिनट 09 सेकंड तक रह सकता है और शाम 6 बजकर 48 मिनट पर प्रच्छाया का अंतिम स्पर्श समाप्त होगा।

3 Mar 2026, 04:07:26 PM IST

Chandra Grahan 2026 : कितनी देर तक चलेगा यह खगोलीय नजारा?

Chandra Grahan 2026 : आज का चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो चुका है और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन होगा। यानी कुल मिलाकर यह खगोलीय घटना करीब 3 घंटे 26 मिनट तक जारी रहेगी। हालांकि भारत में इसे पूरी अवधि तक नहीं देखा जा सकेगा, क्योंकि देश में चंद्रमा का उदय शाम के समय होता है। जब तक चांद क्षितिज पर दिखाई देगा, तब तक ग्रहण अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका होगा। इसलिए ज्यादातर शहरों में लोगों को ग्रहण का आखिरी हिस्सा ही देखने को मिलेगा।

ग्रहण की शुरुआत में पृथ्वी की हल्की छाया चांद पर पड़ती है। इसके बाद धीरे-धीरे गहरी छाया चांद को ढकने लगती है। यही वह चरण होता है जब चांद का आकार कटा हुआ दिखाई देता है। जैसे-जैसे ग्रहण आगे बढ़ता है, चांद का रंग बदलकर हल्का तांबे या लाल रंग में नजर आने लगता है। यह दृश्य आमतौर पर लोगों के लिए सबसे रोमांचक पल होता है।

करीब साढ़े तीन घंटे तक चलने वाला यह ग्रहण खगोल विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य एक सीध में आकर यह दुर्लभ स्थिति बनाते हैं।

शाम 6 बजकर 48 मिनट के बाद धीरे-धीरे चांद अपनी सामान्य चमक में लौटने लगेगा और ग्रहण की प्रक्रिया समाप्त मानी जाएगी।

3 Mar 2026, 04:03:33 PM IST

Chandra Grahan 2026: आपके शहर में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण?

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है, लेकिन भारत में यह उसी समय दिखाई दे रहा है जब चंद्रमा उदय होगा। इसलिए पूर्वोत्तर भारत में सबसे पहले और पश्चिम भारत में सबसे बाद में ग्रहण नजर आ रहा है।

  • उत्तर भारत

दिल्ली – 6:22 बजे शाम

नोएडा – 6:20 बजे शाम

गुरुग्राम – 6:02 बजे शाम

चंडीगढ़ – 6:27 बजे शाम

जयपुर – 6:14 बजे शाम

लखनऊ – 6:02 बजे शाम

कानपुर – 6:14 बजे शाम

वाराणसी – 5:43 बजे शाम

प्रयागराज – 5:55 बजे शाम

देहरादून – 6:14 बजे शाम

शिमला – 6:28 बजे शाम

जम्मू – 6:35 बजे शाम

श्रीनगर – 6:40 बजे शाम

  • पूर्व और पूर्वोत्तर भारत

कोलकाता – 5:43 बजे शाम

पटना – 5:55 बजे शाम

रांची – 6:00 बजे शाम

भुवनेश्वर – 5:58 बजे शाम

गुवाहाटी – 5:20 बजे शाम

ईटानगर – 5:08 बजे शाम

तेजू (अरुणाचल प्रदेश) – 5:03 बजे शाम

अगरतला – 5:25 बजे शाम

इंफाल – 5:15 बजे शाम

शिलांग – 5:18 बजे शाम

  • पश्चिम भारत

मुंबई – 6:30 बजे शाम

पुणे – 6:28 बजे शाम

अहमदाबाद – 6:35 बजे शाम

सूरत – 6:33 बजे शाम

वडोदरा – 6:34 बजे शाम

राजकोट – 6:38 बजे शाम

इंदौर – 6:26 बजे शाम

भोपाल – 6:21 बजे शाम

  • दक्षिण भारत

चेन्नई – 6:21 बजे शाम

बेंगलुरु – 6:32 बजे शाम

हैदराबाद – 6:26 बजे शाम

विजयवाड़ा – 6:18 बजे शाम

विशाखापत्तनम – 6:05 बजे शाम

कोच्चि – 6:36 बजे शाम

तिरुवनंतपुरम – 6:38 बजे शाम

मदुरै – 6:30 बजे शाम

3 Mar 2026, 03:58:53 PM IST

Chandra Grahan 2026: भारत में चंद्र ग्रहण सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगा।

Chandra Grahan 2026: भारत में चंद्र ग्रहण सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगा। इसकी वजह सीधी है- देश के पूर्वी हिस्सों में सूरज और चांद दोनों का उदय-अस्त बाकी राज्यों की तुलना में पहले होता है। अरुणाचल प्रदेश के तेजू शहर में आज चंद्रोदय लगभग शाम 5 बजकर 3 मिनट पर हो रहा है। चूंकि उस समय तक ग्रहण की प्रक्रिया जारी रहेगी, इसलिए देश में सबसे पहले वहीं के लोग चांद पर पृथ्वी की छाया देख पाएंगे।

पूर्वोत्तर भारत भौगोलिक रूप से देश का सबसे पूर्वी छोर है, इसलिए यहां आकाशीय घटनाएं समय से पहले नजर आती हैं। जैसे ही चांद क्षितिज से ऊपर उठेगा, वह सामान्य चमक में नहीं बल्कि हल्की या आंशिक छाया के साथ दिखाई देगा। यानी वहां के लोगों को चंद्रमा का “ग्रहणग्रस्त उदय” देखने का मौका मिलेगा।

तेजू के अलावा अरुणाचल के ईटानगर और आसपास के इलाकों में भी लगभग इसी समय दृश्यता शुरू हो जाएगी। इसके बाद क्रमशः असम, नागालैंड, मणिपुर और फिर पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चंद्रमा दिखाई देगा। पश्चिम की ओर बढ़ते हुए दिल्ली, मुंबई और गुजरात जैसे शहरों में चांद थोड़ा देर से निकलेगा, इसलिए वहां ग्रहण का हिस्सा कम समय के लिए दिखेगा।

3 Mar 2026, 03:53:40 PM IST

Chandra Grahan 2026: दुनिया के कई हिस्सों में दिखेगा चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2026: आज का चंद्र ग्रहण सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। एशिया के अधिकांश देशों में यह साफ नजर आएगा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के आसपास के क्षेत्रों में भी लोग इसे देख पाएंगे। उत्तरी अमेरिका के कई हिस्सों में ग्रहण दिखाई देगा, जबकि दक्षिण अमेरिका के कुछ इलाकों में भी इसकी झलक देखने को मिलेगी। हालांकि पश्चिमी यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में यह पूरी तरह दिखाई नहीं देगा या फिर बहुत सीमित रूप में नजर आएगा, क्योंकि उस समय वहां चांद की स्थिति क्षितिज से नीचे हो सकती है। कुल मिलाकर यह एक वैश्विक खगोलीय घटना है, जिसे अलग-अलग टाइम जोन के हिसाब से दुनिया भर के लोग अपने-अपने आसमान में देख पाएंगे।

3 Mar 2026, 03:50:32 PM IST

Chandra Grahan 2026: देश के किन हिस्सों में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

Chandra Grahan 2026: आज का चंद्र ग्रहण देश के ज्यादातर हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन हर जगह दृश्यता एक जैसी नहीं होगी। उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और पंजाब में चांद निकलते ही वह आंशिक रूप से ढका हुआ नजर आएगा। पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों- असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय- में ग्रहण का अंतिम चरण थोड़ा ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे रहा है, क्योंकि वहां चांद अपेक्षाकृत जल्दी उदित हो जाता है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी लोग चांद पर पृथ्वी की छाया साफ देख सकेंगे। दक्षिण भारत के कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में ग्रहण सीमित समय के लिए दिखाई देगा, क्योंकि वहां चंद्रमा उदय के वक्त ग्रहण अपने अंतिम चरण में होगा। कुल मिलाकर, जहां आसमान साफ होगा, वहां लोग खुले आंखों से इस खगोलीय घटना का नजारा देख पा रहे हैं।

3 Mar 2026, 03:47:04 PM IST

Chandra Grahan 2026 : क्या ग्रहण देखना सुरक्षित है?

Chandra Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण के दौरान आंखों की सुरक्षा जरूरी होती है, लेकिन चंद्र ग्रहण के साथ ऐसा नहीं है। चंद्र ग्रहण पूरी तरह सुरक्षित होता है। इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है। किसी विशेष चश्मे या फिल्टर की जरूरत नहीं होती। आप खुले मैदान, छत या बालकनी से इसे आराम से देख सकते हैं। दूरबीन या कैमरे से देखने पर दृश्य और साफ नजर आता है। इसलिए अगर आसमान साफ है तो परिवार के साथ यह दृश्य देखना एक अच्छा अनुभव हो सकता है। बच्चों को भी यह समझाने का मौका मिलता है कि पृथ्वी, चांद और सूरज किस तरह एक सीध में आकर यह घटना बनाते हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।