Chaitra Navratri 2026: अनजाने में भी ना करें ये गलती, चैत्र नवरात्रि में माता रानी को गलती से ना चढ़ाएं ये 3 चीजें
चैत्र नवरात्रि 2026: अनजाने में भी न करें ये गलती! चैत्र नवरात्रि में माता दुर्गा को कभी भी खंडित अक्षत, दूर्वा घास और बासी जल भोग ना चढ़ाएं। इन 3 चीजों से पूजा में दोष लग सकता है और माता की कृपा कम हो सकती है। जानिए नवरात्रि पूजा में क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं, सही विधि और सावधानियां।

चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो रहा है, जो मां दुर्गा की नौ दिवसीय आराधना का विशेष अवसर है। इन नौ दिनों में भक्त श्रद्धा से व्रत रखते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। लेकिन पूजा के दौरान अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां पूजा का फल कम कर सकती हैं। खासतौर पर मां दुर्गा को चढ़ाई जाने वाली वस्तुओं को लेकर विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। आइए जानते हैं वे 3 चीजें जो नवरात्रि में माता रानी को कभी नहीं चढ़ानी चाहिए।
खंडित अक्षत (टूटे हुए चावल)
पूजा में अक्षत का बहुत महत्व है, लेकिन अक्षत का अर्थ ही है 'जो टूटा न हो'। मां दुर्गा को कभी भी खंडित या टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए। ऐसा करने से पूजा अधूरी मानी जाती है और यह अधूरा समर्पण दर्शाता है। हमेशा साबुत, साफ और चमकदार चावल चुनें। इन्हें हल्दी या कुमकुम से रंगकर अर्पित करें। साबुत अक्षत चढ़ाने से मां की कृपा से जीवन में पूर्णता और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
दूर्वा घास
फूलों के बिना देवी पूजा अधूरी मानी जाती है, लेकिन हर फूल हर देवता को प्रिय नहीं होता। मां दुर्गा को दूर्वा घास कभी नहीं चढ़ानी चाहिए। दूर्वा मुख्य रूप से भगवान गणेश को प्रिय है। मां दुर्गा को लाल रंग के फूल जैसे गुड़हल (हिबिस्कस), लाल गुलाब, लाल कमल या लाल जूही के फूल अर्पित करना सर्वोत्तम माना जाता है। लाल फूल मां की ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक हैं। दूर्वा चढ़ाने से पूजा में दोष लग सकता है।
बासी या अपवित्र जल
देवी पूजा में जल की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। कभी भी बासी, पुराना या रुका हुआ जल कलश में न डालें। कलश का पानी हमेशा ताजा और शुद्ध होना चाहिए। साथ ही, पूजा में कभी भी लोहे या प्लास्टिक के पात्रों का उपयोग न करें। मां दुर्गा को तांबे, पीतल, चांदी या मिट्टी के पात्रों में जल, दूध या भोग अर्पित करें। ये पात्र सात्विक और शुभ माने जाते हैं। अपवित्र पात्र या बासी जल से पूजा का प्रभाव कम होता है।
गलत समय पर या गंदे स्थान पर पूजा सामग्री
पूजा सामग्री को कभी भी गंदे स्थान पर न रखें और न ही बासी या सड़ी हुई चीजें चढ़ाएं। मिठाई, फल या भोग हमेशा ताजा और सात्विक होना चाहिए। पूजा स्थल की सफाई विशेष रूप से रखें। यदि कोई सामग्री पहले से चढ़ाई जा चुकी है, तो उसे दोबारा उपयोग न करें। मां दुर्गा को हमेशा शुद्ध और ताजा भोग अर्पित करने से उनकी कृपा बनी रहती है।
नवरात्रि में पूजा की सही भावना रखें
चैत्र नवरात्रि में केवल सामग्री का चुनाव ही नहीं, बल्कि भावना और श्रद्धा भी महत्वपूर्ण है। पूजा में क्रोध, अहंकार या लालच से दूर रहें। सात्विक भोजन, ब्रह्मचर्य और सकारात्मक सोच अपनाएं। मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता प्राप्त होती है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर अपनी पूजा को पूर्ण और फलदायी बनाएं।
चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है। छोटी-छोटी गलतियां भी पूजा के फल को प्रभावित कर सकती हैं। सही विधि और शुद्धता से पूजा करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और जीवन में बाधाएं दूर होती हैं। इस बार 19 मार्च से शुरू होने वाली नवरात्रि में इन बातों का विशेष ध्यान रखें। मां दुर्गा की कृपा से आपका जीवन सुखमय और सफल हो।




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