Chaitra Navratri 2026 date ghatshtapana shubh muhurt coincidence this year samvatsar Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र में ग्रहों - नक्षत्रों के उत्तम और दुर्लभ संयोग, घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र में ग्रहों - नक्षत्रों के उत्तम और दुर्लभ संयोग, घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त

Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में कलश स्थापना के लिए कई अच्छे मुहूर्त तो बन ही रहे हैं, इसके अलावा इस साल कई संयोग भी बन रहे हैं। आइए जानते योगों के बारे में

Wed, 11 March 2026 11:48 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र में ग्रहों - नक्षत्रों के उत्तम और दुर्लभ संयोग, घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त

इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इस दिन कलश स्थापना के लिए भी बहुत ही उत्तम मुहूर्त है, जिसमें कलश स्थापना बहुत ही फलदायी रहेगी। 2026 के चैत्र नवरात्रि इस बार बहुत खास माने जा रहे हैं। दरअसल 9 दशकों के बाद ऐसा मुहूर्त बन रहा है। जब ऐसा मुहूर्त मिल रहा है। जिसमें संवत्सर के आखिरी दिन से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। ऐसे में यह बहुत ही उत्तम मुहूर्त बन रहा है। इस साल अमावस्या के साथ क्षय होने वाली प्रतिपदा तिथि भी है, जो बहुत शुभ मानी जाती है। यही नहीं ग्रह नक्षत्रों के भी उत्तम योग है, जो बहुत खास माने जा रहे हैं। आइए इनके बारे में नीचे विस्तार से जानते हैं।

इस साल नवरात्रि पर कब कर सकते हैं कलश स्थापना

इस साल चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ और उत्तम मुहूर्त हैं। अगर आप सुबह में जल्दी से जल्दी कलश स्थापना करना चाहते हैं, तो पहला मुहूर्त सुबह 6:02 से 7:43 तक और अगर आप दोपहर में कलश स्थापना करना चाहते हैं, तो दूसरा दोपहर 12:05 से 12:53 तक रहेगा।

चैत्र नवरात्रि पर नक्षत्रों का उत्तम संयोग

चैत्र नवरात्र के पहले दिन तीन विशिष्ट योग बनेंगे। इस साल अमावस्या तिथि उदया काल में रहेगी। प्रतिपदा तिथि पूरे दिन रहेगी, लेकिन उदायाकल में नहीं है। वहीं शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थसिद्धि योग भी इस बार नवरात्रि को और भी अधिक लाभकारी बना रहे हैं। शुक्ल योग 19 मार्च सूर्योदय से मध्यरात्रि के बाद 01:17 बजे तक रहेगा। वैदिक ज्योतिष में यह 27 नित्य योगों में 24वां शुभ योग है। इस योग को चंद्रशासित माना गया है। यह शांति, सकारात्मकता और काम में सफलता दिलाता है। वहीं इस दिन ब्रह्म योग भी बन रहा है। ब्रह्म योग 19 मार्च को मध्यरात्रि के बाद 01:17 बजे से 20 मार्च मध्याह्न तक रहेगा। यह अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग है, जिसमें साधक की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

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बिजनेस में भी होगा लाभ, ऐसे योग

इस साल चैत्र नवरात्रि पर ज्ञान, भाग्य और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। बृहस्पति नौवें, शुक्र 11वें और बुध 10वें या लग्न के स्वामी से केंद्र में होने पर विशिष्ट योग बनता है। इसलिए इस बार ग्रहों का भी उत्तम संयोग चैत्र नवरात्रि पर बन रहा है। सर्वार्थसिद्धि योग 19 मार्च को दोपहर 01:26 से रात्रि 11:21 बजे तक रहेगा। यह शुभ और ज्योतिषीय संयोग वाला होता है। यह विशेष वार और नक्षत्रों के मेल से बनता है। इसलिए अगर आप बिजनेस में भी लाभ पाना चाहते हैं, तो इस योग में कार्यों को शुरू कर सकते हैं। नए बिजनेस की शुरुआत, खरीदारी, निवेश सहित कई कामों में इस योग में निश्चित सफलता मिलती है।

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दिनतारीखकिस देवी की होती है पूजा

पहला दिन

मार्च 19, 2026इस दिन शैलपुत्री देवी की पूजा की जाती है।
दूसरा दिन मार्च 20, 2026इस दिन ब्राह्माचारिणी देवी की पूजा की जाती है।
तीसरा दिनमार्च 21, 2026इस दिन चंद्रघंटा देवी की पूजा की जाती है।
चौथा दिन

मार्च 22, 2026

इस दिन कूष्माणा देवी की पूजा की जाती है।
पांचवां दिन23 मार्च 2026इस दिन स्कंदमाता देवी की पूजा की जाती है।
छठा दिन24 मार्च 2026इस दिन कात्यानी देवी की पूजा की जाती है।
सातवां दिन25 मार्च 2026इस दिन कालरात्री की पूजा की जाती है।
आठवां दिन26 मार्च 2026इस दिन महागौरी की पूजा की जाती है। नवरात्र की अष्टमी तिथि बहुत खास मानी जाती है। इस दिन कुछ लोग कन्या पूजन भी करते हैं।
नौवां दिन27 मार्च 2026इस दिन सिद्धदात्री देवी की पूजा होती है, इस दिन रामनवमी भी है।
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