Chaiti Chhath 2026: आज ढलते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, दिल्ली-मुंबई और लखनऊ में ये रहेगा सूर्यास्त का समय
Chaiti Chhath 2026: आज चैती छठ का तीसरा दिन है और आज शाम को ढलते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। नोट करें आज सूर्यास्त कब होने वाला है? साथ ही जानें कि आज के दिन का विशेष महत्व क्यों है?

Chaiti Chhath Puja Details: हिंदू धर्म में चैत्र के महीने का बहुत ही महत्व होता है। इस खास महीने में हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। साथ ही इसी महीने में चैत्र नवरात्रि पड़ती है। वहीं इसी महीने में चैती छठ की पूजा भी होती है। छठ पूजा की शुरुआत बीते दो दिन से हो चुकी है। आज इसका तीसरा दिन है। चैती छठी के की शुरुआत नहाय-खाय से हुई और दूसरे दिन खरना था। तीसरे दिन ढलते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है। जिन महिलाओं ने चैती छठ का व्रत रखा है, वो आज सूर्य को अर्घ्य देंगी। माना जाता है कि आज के दिन अगर अर्घ्य देते हुए अगर सुख-समृद्धि की कामना की जाए तो ये कामना जरूर पूरी होती है।
बता दें कि साल में दो बार छठ मनाया जाता है और आज के दिन लोग आसपास के पवित्र नदियों या फिर तालाब के पास सूप में पूजा का सामान और प्रसाद लेकर जाते हैं। छठ की तरह ही चैती छठ का भी प्रसाद बनता है। ठेकुआ से लेकर फल, नारियल और अन्य प्रसाद को लेकर व्रती महिलाएं पानी में लेकर उतरती है और छठी मैय्या से आशीर्वाद लेती हैं। वहीं इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
चैती छठ पूजा सामग्री
- सूपा या फिर थाली
- मिट्टी का दीया
- सुपारी
- कलश
- तेल और बाती
- प्रसाद
- कलावा
- सिंदूर और कुमकुम
- धूपबत्ती
- गन्ना
- फूल
- मिठाई
- सीजनल फूल, माला
क्यों दिया जाता है ढलते सूर्य को अर्घ्य
वैसे तो हमेशा उगते सूर्य की ही पूजा की जाती है लेकिन छठ में ढलते हुई सूर्य को पूजा जाता है। छठ और चैती छठ की पूजा लगभग सेम ही है। चैती छठ में भी तीसरे दिन व्रती महिलाएं नदी या फिर तालाब के पानी में खड़े होकर सूर्य को प्रणाम करके अर्घ्य देती है। हिंदू धर्म में छठ पूजा पर सूर्य के दिए अर्घ्य का बहुत बड़ा महत्व है। कहा जाता है कि सूर्यदेव की कृपा से परिवार में खुशहाली आती है और संतान की आयु में वृद्धि होती है।
5 बड़े शहरों में सूर्यास्त का समय
दिल्ली: शाम 6 बजकर 35 मिनट
मुंबई: शाम 6 बजकर 51 मिनट
लखनऊ: शाम 6 बजकर 19 मिनट
नोएडा: शाम 6 बजकर 34 मिनट
पटना: शाम 6 बजकर 2 मिनट
कल है उषा अर्घ्य का दिन
वहीं अब कल का दिन चैती छठी का आखिरी दिन है। इसे उषा अर्घ्य कहा जाता है। इस दिन सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। कल यानी 25 मार्च के दिन उषा अर्घ्य के साथ ही चैती छठ की पूजा पूरी हो जाएगी। चैती छठ की पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि इसी दौरान चैत्र नवरात्रि भी पड़ती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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