Budh Pradosh Vrat 2025 Time 2 hours and 12 minutes of Shiva Pooja Muhurat Pradosh Upay कल बुध प्रदोष व्रत पर 2 घण्टे 12 मिनट का शिव पूजा मुहूर्त, जानें विधि व उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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कल बुध प्रदोष व्रत पर 2 घण्टे 12 मिनट का शिव पूजा मुहूर्त, जानें विधि व उपाय

Budh Pradosh Vrat 2025 Time: 20 अगस्त, बुधवार को भाद्रपद, कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने से बुद्धि, वाणी, बिजनेस के क्षेत्र में सफलता और संतान सुख की प्राप्ति होती है। 

Tue, 19 Aug 2025 11:34 AMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कल बुध प्रदोष व्रत पर 2 घण्टे 12 मिनट का शिव पूजा मुहूर्त, जानें विधि व उपाय

Budh Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। 20 अगस्त, बुधवार को भाद्रपद, कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन त्रयोदशी तिथि का निर्माण प्रदोष काल के समय होता है, उसी दिन प्रदोष का व्रत किया जाता है। बुध प्रदोष व्रत बुद्धि, वाणी और बिजनेस के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने हेतु लाभकारी माना जाता है। प्रदोष व्रत के दिन संध्या के समय प्रदोष काल के शुभ मुहूर्त में शिव परिवार का पूजन किया जाता है। इस व्रत से संतान कामना की इच्छा भी पूरी होती है। आइए जानते हैं बुध प्रदोष व्रत पर पूजन शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, भोग व उपाय-

कल बुध प्रदोष व्रत पर 2 घण्टे 12 मिनट का शिव पूजा मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - दोपहर 01:58 पी एम पर (अगस्त 20, 2025)

त्रयोदशी तिथि समाप्त - दोपहर 12:44 पी एम पर (अगस्त 21, 2025)

प्रदोष पूजा मुहूर्त - 06:56 पी एम से 09:07 पी एम (अगस्त 20, 2025)

अवधि - 02 घण्टे 12 मिनट्स

उपाय: सुख-समृद्धि के लिए इस दिन किसी जरूरतमंद को दान या भोजन कराएं। बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए शिवलिंग पर हरी मूंग दाल अर्पित करें।

मंत्र: ॐ नमः शिवाय, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं

भोग: मखाना, पंचामृत, गाय के दूध की खीर, पूरी हलवा, सूखे मेवे, फल, मिश्री, आदि

बुध प्रदोष की पूजा-विधि: स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें। शिव परिवार सहित सभी देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करें। अगर व्रत रखना है तो हाथ में पवित्र जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत रखने का संकल्प लें। फिर संध्या के समय घर के मंदिर में गोधूलि बेला में दीपक जलाएं। फिर शिव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करें। शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना करें। बुध प्रदोष व्रत की कथा सुनें। फिर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आरती करें। मंत्र-जाप करें। अंत में क्षमा प्रार्थना भी करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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