Badrinath opening date 2026 23 april three keys for opening lock and ghee lep mehtav Badrinath opening: कल खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट, तीन चाबियों से खुलेगा ताला, मूर्ति पर घी के लेप का क्या है महत्व, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Badrinath opening: कल खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट, तीन चाबियों से खुलेगा ताला, मूर्ति पर घी के लेप का क्या है महत्व

Badrinath Temple: श्री बदरीनाथ के कपाट आगामी 23 अप्रैल को प्रातः 6. 15 पर खुलने जा रहे हैं। मंगलवार को बदरीनाथ की शीतकालीन पूजा स्थली नृसिंह बदरी मंदिर में वैदिक पूजा अनुष्ठान के बाद देव डोलियां रवाना हो गई हैं।

Wed, 22 April 2026 09:34 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, ज्योतिर्मठ
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Badrinath opening: कल खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट, तीन चाबियों से खुलेगा ताला, मूर्ति पर घी के लेप का क्या है महत्व

श्री बदरीनाथ के कपाट आगामी 23 अप्रैल को प्रातः 6. 15 पर खुलने जा रहे हैं। मंगलवार को बदरीनाथ की शीतकालीन पूजा स्थली नृसिंह बदरी मंदिर में वैदिक पूजा अनुष्ठान के बाद देव डोलियां रवाना हो गई हैं। मंदिर की 3 चाबियां बद्रीनाथ धाम तीन चाबियों से खुलता है,सिर्फ एक चाबी से कपाट नहीं खोले जाते हैं। ये तीनों चाबियां अलग-अलग लोगों के पास होती हैं। एक चाबी टिहरी राज परिवार के कुल पुरोहित के पास है बाकी दो बद्रीनाथ धाम के हक हकूक धारी में शामिल मेहता और भंडारी लोगों के पास होती है। तीनों चाबियों को लगाकर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। जब कपाट खुलते हैं तो पुरोहित इसमें प्रवेश करते हैं। वे भगवान बदरीनाथ की मूर्ति से कंबल हटाते हैं। जब कपाट पहले बंद किए जाते थे, तो भगवान की मूर्ति पर घी का लेप किया जाता है और कपाट खुलने पर सबसे पहले इसे देखा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि गर मूर्ति में घी में पूरी तरह लिपटा होता है, तो उस साल देश में खुशहाली आती है। घी कम है तो सूखा आता है।

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बीकेटीसी की अगुआई में जोशीमठ के हक-हकूकधारियों ने रावल अमरनाथ नंबूदरी व धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल की मौजूदगी में प्रातः साढ़े नौ बजे नृसिंह मठांगन में महालक्ष्मी पूजन कर बदरीनाथ यात्रा के लिए देव डोलियों को बदरीनाथ के लिए ले जाने की मां लक्ष्मी और नृसिंह से अनुमति मांगी। गरुड़ की डोली और आदि शंकराचार्य की गद्दी को मठांगन में दर्शनार्थ रखा गया। लोगों ने भगवान बदरीनाथ के लेप का तेल कलश गाडू घड़े के भी दर्शन किए। 11 बजे बदरीविशाल के जयघोष के साथ गरुड़ की उत्सव मूर्ति पालकी और आदि शंकराचार्य की गद्दी को बदरीनाथ रवाना किया।

शंकराचार्य गद्दी, गाड़ू घड़ा, कुबेर और उद्धव पहुचेंगे बदरीनाथ

बुधवार को पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम के बाद आदि शंकराचार्य की गद्दी, गाड़ू घड़ा, उद्धव व कुबेर के चल विग्रहों के साथ बदरीनाथ पहुंचेंगे।

मठांगन से पेट्रोल पंप तक एक किमी में पुष्प वर्षा हुई

बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि नृसिंह मठांगन से पेट्रोल पंप तक बदरीनाथ नेशनल हाईवे में जगह-जगह स्थानीय लोगों, भक्तों व स्कूली बच्चों ने पुष्प वर्षा कर डोलियों को रवाना किया। बताया कि इस बार देव डोलियों के रवाना होने से पहले नृसिंह मंदिर को फूलों से सजाया गया है। भक्तों ने मंगलवार को देव डोलियों के रवाना होने से पहले नृसिंह दर्शन किए। रावल अमरनाथ नंबूदरी ने विष्णुप्रयाग में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की और भगवान बदरीनाथ की सुखद यात्रा की मनौतियां मांगी।

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